Rahul Gandhi Defamation: कानून का दुरुपयोग हो रहा है, SC पर भरोसा, लेकिन जनता की अदालत सबसे ऊपर
Rahul Gandhi Defamation केस के कारण अदालतों के चक्कर लगा रहे हैं। सूरत की निचली अदालतों में अपील खारिज होने के बाद गुजरात हाईकोर्ट में अपील करने पहुंचे राहुल को राहत नहीं मिली।
राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि मामले पर गुजरात हाई कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, "मानहानि कानून का दुरुपयोग किया गया... हमें कानून व्यवस्था, न्यायपालिका और सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है लेकिन शीर्ष अदालत से ऊपर की अदालत लोगों की अदालत है।"

सिंघवी ने कहा, हम लोगों को भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा आरोप लगाने का कुटीर उद्योग दिखा रहे हैं। ताकि बोलने की आज़ादी छिन जाए...'' उन्होंने कहा, राहुल गांधी पर आए कोर्ट के फैसले में मानहानि कानून को जघन्य अपराध बताया गया है। जैसे ये देश के खिलाफ अपराध हो।
उन्होंने कहा, राहुल सत्य की राह के निडर यात्री हैं और वो BJP के झूठ का पर्दाफाश करते रहेंगे। इस तरह के पर्दाफाश से मोदी सरकार बौखलाई रहती है। बकौल सिंघवी, कांग्रेस को हमें विश्वास है कि सत्य की जीत होगी और इस अहंकारी सत्ता को अंत में कड़ा जवाब मिलेगा।
सिंघवी ने कहा, यह मामला सिर्फ राहुल गांधी या किसी व्यक्ति विशेष का नहीं है, क्योंकि यह स्वतंत्र बोलचाल और अभिव्यक्ति की बात है। इस सरकार का मकसद अभिव्यक्ति की आजादी पर नियंत्रण करना है। इसीलिए मानहानि के कानून का दुरुपयोग किया गया है।
सिंघवी से पहले गुजरात हाईकोर्ट के आदेश पर राहुल गांधी ने कहा, "मैं हिंदुस्तान के लोकतंत्र के लिए लड़ता रहूंगा।" उनकी बहन प्रियंका ने कहा, राहुल अहंकारी सत्ता के सामने सत्य और जनता की लड़ाई लड़ रहे हैं। वे हर कीमत चुकाने को तैयार हैं।
बता दें कि भाजपा विधायक पूर्णेश मोदी की कंप्लेन पर सूरत की कोर्ट से दो साल जेल की सजा पाने वाले राहुल गांधी लोक सभा से अयोग्य करार दिए जा चुके हैं। लोक सभा चुनाव 2024 और गुजरात और मध्य प्रदेश में विधानसभा इलेक्शन से पहले गुजरात हाईकोर्ट का फैसला बड़ा झटका माना जा रहा है।












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