महिलाओं को सबरीमाला मंदिर जाने से रोका इसलिए लगा #MeToo का आरोप: राहुल ईश्वर

तिरुवंतपुरम। केरल के सबरीमाला मंदिर में उग्र प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व करने वाले अयप्पा धर्म समिति के अध्यक्ष और सामाजिक कार्यकर्ता राहुल ईश्वर पर भी #MeToo के तहत यौन शोषण का आरोप लगे हैं। इन आरोपों पर आज राहुल ईश्वर के वकील ने सफाई दी है। उन्होंने कहा है कि, उन्होंने महिलाओं को रोकने के चलते मुझ पर झूठे मीटू के आरोप लगाए गए हैं। उनका कहना है कि बहुत से लोग इन आरोपों से डर गए होंगे लेकिन मैं डरने वाला नहीं हूं।

राहुल के वकील ने उनके स्टेटमेंट को पढ़ा। जिसमें उन्होंने लिखा था कि, सबरीमाला में जहां लाखों के संख्या में लोग आते हैं अगर किसी युवा फेमिस्ट को अंदर प्रवेश करती है तो एवज में झूठे मीटू के आरोप लगा दिए जाते हैं। यह एक अति नारीवादी कदम है। बहुत से लोग इससे डर गए होंगे लेकिन मैं डरने वाला नहीं हूं। बता दें जिस महिला ने राहुल पर आरोप लगाए हैं वह एक जानी मानी आर्टिस्ट है, उन्होंने बताया कि, करीब 14 वर्ष पहले राहुल ने उनके साथ बदसलूकी की थी।

बता दें कि हाल ही में राहुल ईश्वर ने सबरीमाला मंदिर विवाद को लेकर कहा कि अगर 10 से 50 वर्ष की उम्र महिलाएं मंदिर में प्रवेश करेंगी तो कई लोग अपने हाथ काट लेंगे और सबरीमाला में खून फैला देंगे जिससे मंदिर कम से कम तीन चार दिनों के लिए बंद हो जाएगा। बता दें कि मासिक पूजा के लिए 17 अक्टूबर को मंदिर खोले जाने के बाद राहुल को 19 अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार भी किया गया था। हालांकि, बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया था।

उधर केरल पुलिस ने सबरीमाला मंदिर में डिजिटल क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने का फैसला किया। श्रद्धालु अब दर्शन का तारीख और समय चुन सकेंगे। इसके लिए उन्हें www.sabarimalaq.com पर बुकिंग करना होगी।

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