BJP के हुए Raghav Chadha तो AAP ने उठा दिया शादी पर सवाल! सौरभ भरद्वाज ने बीच में क्यों खिंचा परिणीति का नाम?
Raghav Chadha vs AAP: आम आदमी पार्टी (AAP) और उसके पूर्व दिग्गज नेता राघव चड्ढा (Raghav Chadha) के बीच की तल्खी अब सार्वजनिक युद्ध में तब्दील हो चुकी है। हाल ही में BJP का दामन थामने वाले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने जब अपनी पुरानी पार्टी को 'टॉक्सिक कार्यस्थल' (Toxic Workplace) करार दिया, तो AAP ने भी पलटवार करने में देर नहीं की।
दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने एक तीखा वीडियो जारी कर राघव के आरोपों की धज्जियां उड़ाईं। भारद्वाज ने न केवल राघव की निष्ठा पर सवाल उठाए, बल्कि उनके निजी जीवन और अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा के साथ हुई उनकी हाई-प्रोफाइल शादी को भी पार्टी की बदौलत मिला सम्मान बता दिया। इस जुबानी जंग ने राजधानी के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है।

"पार्टी ने पहचान दी, तब हुई परिणीति से शादी"
सौरभ भारद्वाज ने राघव चड्ढा पर हमला बोलते हुए कहा कि किसी भी नेता का पार्टी छोड़ना बड़ी बात नहीं है, लेकिन जिस संस्था ने आपको फर्श से अर्श तक पहुंचाया, उसी के खिलाफ साजिश रचना अनैतिक है। उन्होंने तंज कसते हुए यहाँ तक कह दिया कि राघव आज जो वैवाहिक जीवन जी रहे हैं, वह भी पार्टी की ही देन है।
भारद्वाज के मुताबिक, "आज तुम शादीशुदा हो, वह भी इसलिए क्योंकि आम आदमी पार्टी तुम्हें राज्यसभा तक लेकर गई और तुम्हें वह पहचान दी।" गौरतलब है कि राघव और परिणीति चोपड़ा की शादी सितंबर 2023 में उदयपुर के भव्य ताज लेक पैलेस में हुई थी, जिसमें अरविंद केजरीवाल भी शामिल हुए थे।
'जहरीले ऑफिस' के आरोप पर पलटवार
राघव चड्ढा ने पार्टी छोड़ने के अपने फैसले की तुलना एक ऐसी नौकरी से की थी जहां का माहौल 'टॉक्सिक' हो गया हो। इस पर सौरभ भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि राजनीति और नौकरी में जमीन-आसमान का फर्क होता है। उन्होंने कहा, "नौकरी में विचारधारा नहीं होती, लेकिन राजनीति पूरी तरह विचारों पर आधारित होती है।"
सौरभ ने यह भी आरोप लगाया कि राघव पिछले एक साल से पर्दे के पीछे बीजेपी और केंद्र सरकार के साथ मिलकर अपनी अलग जमीन तैयार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एक कर्मचारी भी नौकरी छोड़ने से पहले नोटिस देता है, लेकिन राघव ने ईमानदारी नहीं दिखाई।
राघव का पक्ष, "गलत पार्टी में था सही इंसान"
दूसरी ओर, राघव चड्ढा ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन के कीमती 15 साल AAP को दिए, लेकिन अब यह पार्टी कुछ ही लोगों के हाथ की कठपुतली बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें संसद में बोलने और काम करने से रोका जा रहा था। राघव के अनुसार, पार्टी अब अपनी मूल विचारधारा से भटक चुकी है और वहां सिर्फ स्वार्थ की राजनीति बची है।
राज्यसभा में बदला समीकरण
सियासी घटनाक्रम तब और बड़ा हो गया जब राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने राघव चड्ढा समेत AAP के 7 सांसदों के बीजेपी में विलय को आधिकारिक मंजूरी दे दी। इन सांसदों में शामिल हैं:
- राघव चड्ढा
- संदीप पाठक
- स्वाति मालीवाल
- हरभजन सिंह
- अशोक मित्तल
- विक्रमजीत सिंह साहनी
- राजिंदर गुप्ता
इस विलय के बाद राज्यसभा में बीजेपी की ताकत और बढ़ गई है, जिससे पार्टी के कुल सांसदों की संख्या अब 113 तक पहुंच गई है।
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