Punjabi Youth अमेरिकी अधिकारियों को चूना लगाने पहुंचा, रोकर सुनाई भाई की मौत की कहानी, पोल खुली तो हुई जेल
सपने का पीछा करने की बात किसी के मर्डर के हद तक भी जा सकती है, ऐसी कल्पना थोड़ी कठिन है, लेकिन ऐसा हुआ है। बात सात समंदर पार जाने के सपने से जुड़ी है। पढ़िए रोंगटे खड़े कर देने वाली क्राइम थ्रिलर

भारत में रहने वाले जसविंदर सिंह अमेरिका में रहने का सपना देखते थे। सात समंदर पार जाने के ख्वाब को हकीकत में बदलने के लिए उन्होंने कमाल की कहानी बनाई। हालांकि, सपने के पीछे अंधाधुंध भागने की जिद में 26 वर्षीय जसविंदर सही और गलत में फर्क करना भूल गए। जसविंदर ने अमेरिका जाने के लिए ऐसा कुटिल शॉर्टकट अपनाया जिसे वे जिंदगी भर नहीं भुला सकेंगे। उन्होंने अमेरिका में काल्पनिक जुड़वाँ भाई बनाया, उसकी मौत की बात कही और फिर उसके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए दूतावास से वीजा मांगने पहुंच गए।
अवैध आवेदन और फर्जी दस्तावेज
अपने कथित 'जुड़वां' भाई के लिए बने दस्तावेजों का इस्तेमाल कर जसविंदर अपने सपनों के देश अमेरिका में रहने की योजना बना रहे थे। हालांकि, जैसे हर क्राइम स्टोरी की कहानी होती है, ठीक वैसे ही जसविंदर भी एक गलती कर बैठे। उनका दोष यह था कि उन्होंने अमेरिकी दूतावास को कम आंका। वीजा का आवेदन कितने सवालों के बाद स्वीकार किया जाता है, शायद उन्हें इस बात का रत्तीभर भी अंदाजा नहीं था। दूतावास ने जसविंदर की ठगी को पकड़ लिया और अवैध आवेदन और फर्जी दस्तावेजों के बारे में दिल्ली पुलिस को सूचित किया।
अमेरिकी दोस्त ने दिए फर्जी कागज
फिल्मों की पटकथा सरीखी लगने वाली ये कहानी रियल लाइफ क्राइम थ्रिलर है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक जसविंदर की कंप्लेन के बारे में दिल्ली पुलिस सूत्रों ने कहा कि पुलिस ने धोखाधड़ी के इल्जाम में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक जसविंदर का अमेरिका में रहने वाले शख्स से लिंक है। इस 'फिरंगी' ने पंजाब में रह रहे एक अन्य साथी की मदद से जसविंदर को फर्जी कागज मुहैया कराए।
खुद को बताया एकमात्र जीवित 'भाई'
रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब के पटियाला निवासी जसविंदर सिंह दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास में वीजा इंटरव्यू देने गत छह दिसंबर को पहुंचे। कागजात के अनुसार उन्होंने खुद को 2017 से पुणे में पदस्थापित "अपराध शाखा अधिकारी" के रूप में पेश किया। दूतावास के अधिकारियों को जसविंदर ने नम आंखों से बताया कि न्यूयॉर्क में उनके जुड़वा भाई कुलविंदर की मौत हो गई है। भारत में वे एकमात्र जीवित रिश्तेदार (blood-relative) हैं। ऐसे में भाई के अंतिम संस्कार की व्यवस्था करने के लिए उनका जाना बेहद जरूरी है।
अक्टूबर में मौत की कहानी
अपने दावे के समर्थन में जसविंदर ने 24 अक्टूबर, 2022 की डेट में जारी लेटर भी दिखाए। 'श्मशान केंद्र से मिलने वाला मृत्यु सत्यापन' (cremation centre's verification of death) और 'अनौपचारिक मृत्यु रिकॉर्ड' (unofficial death record abstract) जैसे दस्तावेजों के अलावा जसविंदर ने प्लिसेंटविले, न्यूयॉर्क में 'बीचर फ्लक्स फ्यूनरल होम' (Beecher Flooks Funeral Home' in Pleasantville, New York) की ओर से जारी पत्र भी दिखाया।
अमेरिकी अधिकारियों की पड़ताल ने खोल दी पोल
वीजा इंटरव्यू के दौरान जसविंदर सिंह और उनके 'जुड़वां भाई' कुलविंदर सिंह की तस्वीरों में चौंकाने वाली समानता देखकर दूतावास के अधिकारी भी हैरान रह गए। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने धैर्य नहीं खोया और पंजाबी युवक जसविंदर के नाटक की पोल खुलने में अधिक लंबा समय नहीं लगा। अधिकारियों ने जब पड़ताल की तो पता चला, कुलविंदर सिंह नाम का व्यक्ति न तो न्यूयॉर्क के उस इलाके में रहता था और न ही इस नाम के किसी व्यक्ति की विगत 24 अक्टूबर को मृत्यु हुई है।
खुद को पुलिस अधिकारी क्यों बताया ?
दूतावास के तीखे सवालों के सामने जसविंदर सिंह ने सरेंडर कर दिया। उसने कबूल किया कि पुणे पुलिस में नौकरी संबंधी जाली दस्तावेज बनाए गए हैं। उसने यह भी खुलासा किया कि एक अमेरिकी दोस्त ने 'अंतिम संस्कार पत्र' हासिल करने में उसकी मदद की। लेटर ईमेल पर भेजा गया। खुद को पुलिस अधिकारी बताने के पीछे जसविंदर ने कहा, उसे भरोसा था कि इससे उसे वीजा अधिकारियों को प्रभावित करने में मदद मिलेगी।
अवैध मानव तस्करी के पहलू पर भी जांच, पंजाब जाएगी पुलिस
दूतावास में फर्जीवाड़ा का पर्दाफाश होने के बाद दिल्ली पुलिस ने जसविंदर सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी और खुद को दूसरे शख्स के रूप में पेश करने (impersonation) के आरोप में मामला दर्ज किया है। पुलिस जांच कर रही है कि क्या जसविंदर को अवैध मानव तस्करी में शामिल संगठित गिरोह ने अमेरिकी दूतावास भेजा था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आगे की जांच के लिए एक टीम पंजाब भी जाएगी।












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