राजस्थान, पंजाब समेत 4 विपक्षी राज्यों ने कहा-1 मई से सबको नहीं लगा पाएंगे वैक्सीन, हमारे पास स्टॉक ही नहीं है
राजस्थान, पंजाब सहित इन 4 विपक्षी राज्यों ने कहा- 1 मई से सबको नहीं लगा पाएंगे वैक्सीन, हमारे पास स्टॉक ही नहीं है
नई दिल्ली, 26 अप्रैल: भारत में 01 मई 2021 से तीसरे चरण के तहत 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी। वैक्सीनेशन अभियान शुरू होने पांच दिन पहले रविवार (25 अप्रैल) को चार विपक्षी राज्यों ने कहा है कि वे 01 मई से सभी के वैक्सीनेशन अभियान शुरू नहीं कर सकते हैं क्योंकि उनके पास पर्याप्त वैक्सीन स्टॉक में नहीं है। राजस्थान, पंजाब, झारखंड और छत्तीसगढ़ ने कहा है कि वो 01 मई से राज्य के सभी लोगों को वैक्सीनेट करने की प्रक्रिया शुरू नहीं कर पाएंगे क्योंकि उनके पास उसके लिए वैक्सीन स्टॉक की कमी है। कांग्रेस शासित राज्य राजस्थान ने कहा कि कोविशील्ड वैक्सीन बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने बताया है कि वह 15 मई से पहले वैक्सीन डोज की आपूर्ति नहीं कर पाएगी। कोविशील्ड वैक्सीन ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका का संस्करण है, जिसे भारत में पुणे स्थित सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया बना रहा है।
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राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पंजाब में कांग्रेस की सरकारें हैं और झारखंड में झामुमो के साथ सरकार की गठबंधन में सरकार है। सभी चारों राज्य के स्वास्थ्य मंत्रियों ने कहा कि वे 1 मई से टीकाकरण के अगले चरण के लिए तैयार थे, लेकिन वैक्सीन निर्माताओं कंपनियों ने खुराक देने में असमर्थता व्यक्त की है।
राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री क्या बोले?
इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा है, ''हमें सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया से वैक्सीन के लिए बात करने को कहा गया था। सीरम इंस्टिट्यूट ने हमें फीडबैक दिया कि उन्हें केंद्र सरकार से जो आदेश मिले हैं, उन आदेशों की आपूर्ति के लिए उन्हें 15 मई तक का समय चाहिए। इसलिए वे हमें वैक्सीन देने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे में सवाल यह है कि अगर राज्य सीधे वैक्सीन खरीदना चाहते हैं, तो प्रक्रिया क्या है? यह केंद्र सरकार को तय करना चाहिए। हमारे सामने सवाल यह है कि 18-45 आयु वर्ग में हमारे 3.13 करोड़ लोग हैं, हम उनका टीकाकरण कैसे करेंगे?''
रघु शर्मा ने कहा, केंद्र सरकार को सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक को बताना चाहिए कि राज्यों को बहुत अधिक संख्या में की आपूर्ति करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि हम भुगतान करने के लिए तैयार हैं, लेकिन दाम एक समान होनी चाहिए। इस पर केंद्र सरकार को संबोधित करना चाहिए। भारत बायोटेक इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के साथ मिलकर कोवैक्सीन बना रही है।
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री क्या बोले?
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव और पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू भी राजस्थान के मंत्री रघु शर्मा की बात से सहमत हैं। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव कहा, मैंने सुना है कि असम ने वैक्सीन ऑर्डर करने की कोशिश की थी लेकिन उन्हें जवाब दिया गया है कि उन्हें एक महीने के बाद मिलेगी।
पंजाब और झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री क्या बोले?
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा, ''वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने पर टीकाकरण करने का कोई तरीका नहीं है। स्थिति बहुत स्पष्ट है। केंद्र कह रहा है कि वैक्सीनेशन 18 के ऊपर सभी लोगों का होगा। लेकिन टीके उपलब्ध नहीं हैं। फिर पूरे देश को गुमराह किया जा रहा है। एक तरह से राज्यों पर बोझ डालने और उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है कि हमने तो वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू कर दिया है,अब राज्य समझे।''
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा, "हम टीकाकरण करना चाहते हैं, लेकिन क्या हम अपने घरों में वैक्सीन बनाए।'' उन्होंने कहा जब तब हमें वैक्सीन की डोज नहीं मिलती, हम कैसे सभी उम्र के लोगों को टीकाकरण करेंगे।












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