छुट्टी पर घर लौटा अग्निवीर बना गया कार चोर, कानपुर से खरीदे हथियार, ऐसे देता था क्राइम को अंजाम
पंजाब के मोहाली में पुलिस ने हाईवे पर लूटपाट करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गिरोह के सरगना समेत तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। गिरोह का सरगना इश्मीत सिंह अग्निवीर है। वह दो महीने पहले बंगाल से वापस पंजाब लौटा था और अपराध की दुनिया में उतर गया था। गिरोह से चोरी की गाड़ियां और हथियार बरामद किए गए हैं।
इन सभी के खिलाफ बलौंगी थाने में बीएनएस की धारा 307, 308, 125, 61 (2) व आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस मामले की छानबीन कर रही है। अग्निवीर का नाम सामने आने के बाद ये मामला काफी तूल पकड़ रहा है।

मोहाली के एसएसपी संदीप गर्ग ने खुलासा किया कि इश्मीत सिंह नवंबर 2022 में अग्निवीर योजना के तहत भारतीय सेना में शामिल हुआ था और पश्चिम बंगाल में तैनात था। दो महीने पहले वह छुट्टी पर घर आया था, लेकिन ड्यूटी पर नहीं लौटा। इसके बजाय, उसने पंजाब वापस जाते समय कानपुर से अवैध हथियार खरीदे।
इसके बाद इश्मीत ने अपने भाई प्रभप्रीत सिंह और दोस्त बलकरन सिंह के साथ मिलकर लूटपाट शुरू कर दी। उन्होंने मोहाली के बलौंगी में बिना सत्यापन के एक कमरा किराए पर लिया और अपनी आपराधिक गतिविधियों को शुरू कर दिया। पुलिस ने उनके पास से चोरी की गई टैक्सी, बुलेट मोटरसाइकिल, स्कूटर और एक देसी पिस्तौल बरामद की है।
गिरोह का तरीका ऐप के ज़रिए टैक्सी बुक करना और फिर बंदूक की नोक पर उन्हें लूटना था। 20 जुलाई की रात को उन्होंने चप्पड़चिड़ी के पास एक टैक्सी को रोका और ड्राइवर की आँखों में मिर्च पाउडर डालकर गाड़ी लूट ली। जब ड्राइवर ने विरोध किया तो उन्होंने उसे देसी पिस्तौल से गोली मार दी।
पुलिस को इस गिरोह की गतिविधियों के बारे में जानकारी मिली थी और मोहाली के सदर कुराली थाने में मामला दर्ज किया गया था। पूछताछ के दौरान इश्मीत ने अपनी छुट्टियों के दौरान कानपुर से अवैध हथियार खरीदने की बात कबूल की। जांच में पता चला कि वे दो महीने से बलौंगी में रह रहे थे।
इश्मीत सिंह 12वीं पास है, जो नवंबर 2022 में अग्निवीर के पद पर भारतीय सेना में शामिल हुआ था। दो महीने पहले छुट्टी पर आने के बाद वह ड्यूटी पर नहीं लौटा था। जिसके बाद उसने अपने भाई प्रभदीप सिंह और दोस्त बलकरण सिंह के साथ अपराध की दुनिया में कदम रख दिया।
एसएसपी ने बताया कि वे इश्मीत की भर्ती और पिछले इतिहास के बारे में तथ्यों की जांच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह पहले किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल था। आगे की जांच के लिए बलौंगी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि सेना में भर्ती होने से पहले इश्मीत की किसी आपराधिक गतिविधि में संलिप्तता थी या नहीं। यह मामला इस बात पर प्रकाश डालता है कि कैसे व्यक्ति अपने पदों का दुरुपयोग गैरकानूनी उद्देश्यों के लिए कर सकते हैं।












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