फर्जी ID बनाकर PGI कर्मचारी ने 10 महिलाओं के साथ बनाया शारीरिक संबंध, ऐसे खुला राज
चंडीगढ़। पीजीआई कर्मचारी ने फर्जी आईकार्ड बनाकर महिला कर्मचारियों का झांसा दिया और उनके साथ संबंध बनाए। एक साल तक वो फर्जी आईडी के बल पर महिलाओं के साथ धोखाधड़ी करता रहा। उन्हें प्रेम जाल में फंसाकर उनके साथ शादी का झांसा देकर उन्हें साथ संबंध बनाता था। उसकी पोल तब खुली जब महिलाओं ने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई ।

जानकारी के मुताबिक पीजीआइ में आउटसोर्सिंग पर रखे एक कर्मचारी ने अपना फर्जी आईडी बना रखा था। फर्जी आईडी में उसने खुद को कंप्यूटर प्रोग्रामर बताया था, जबकि वो सिर्फ एक डेटा इंट्री ऑफरेटर था। अपनी फर्जी आईडी की बदौलत वो महिलाओं को अपने जाल में फंसाता था। उनके साथ यौन शोषण करता था। शख्स की हरकत से परेशान होकर एक महिला नर्सिंग कर्मचारी ने पुलिस में उसकी शिकायत कर दी, जिसके बाद अब पीजीआई उसके खिलाफ जांच कर रहा है और कानूनी सहायता ले रहा है क्योंकि आरोपी कर्मचारी प्राइवेट कंपनी के माध्यम से रखा गया था।
उसे पीजीआई ने डाटा सेंटर में रखा था, जहां उसकी काम डाटा एंट्री ऑपरेटर का था, लेकिन डाटा सिस्टम में छेड़छाड़ कर उसने अपना फर्जी आईडी कार्ड बनवा लिया। वो खुद को कंप्यूटर प्रोग्रामर बताता था और अपने पद का झांसा देकर महिला कर्मचारियों के साथ यौन संबंध बनाता था। उसने खुद को अविवाहित बता रखा था, जबकि उसकी बीवी और एक बच्चा भी है। मामले का खुलासा की अब तक की जानकारी पीजीआई डायरेक्टर को सौंप दी गई है। वहीं 10 महिला कर्मचारियों ने भी उसके खिलाफ शिकात दर्ज करवाई है।
पीड़ित महिलाओं ने आरोपी के खिलाफ दफ्तर में खूब हंगामा किया है। आरोपी के ऊपर विभाग की गोपनीय जानकारी चुराने का भी आरोप लगा है। वहीं जानकारों का कहना है कि फर्जी पहचान क्रिएट कर खुद प्रोग्रामर जैसी पोस्ट पर बताना आसान नहीं है। क्योंकि पीजीआई में प्रोग्रामर के पद पर गिने चुने लोग होते हैं। ऐसे में फर्जी प्रोग्रामर बनाना आसान नहीं है। लोगों का कहना है कि इसमें कुछ और भी शामिल होंगे। मामला पुलिस तक पहुंच चुका है। पुलिस ने आरोपी के अलग-अलग धाराओं में शिकायत दर्ज की है और मामले की जांच कर रही है।












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