पंजाब विधानसभा चुनाव 2017: सभी दलों की निगाहें मालवा इलाके पर, क्या AAP करेगी कमाल?

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चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर प्रचार अभियान अपने आखिरी दौर में है। ऐसे वक्त में सभी प्रमुख सियासी दल मतदाताओं को अपने पक्ष में करने का कोई मौका हाथ से जाने नहीं देना चाहते हैं। पंजाब में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान एक ही चरण में चार फरवरी को होगा। ऐसे में कांग्रेस हो या आम आदमी पार्टी या फिर सत्ताधारी शिरोमणि अकाली दल-बीजेपी गठबंधन हो, सभी अपने उम्मीदवारों की जीत के लिए हरसंभव कोशिश में जुटे हुए हैं।

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मालवा इलाके में AAP दे रही कांग्रेस और SAD को टक्कर

पंजाब चुनाव में सभी पार्टियों की नजरें मालवा क्षेत्र पर टिकी हुई हैं, इस इलाके में 69 विधानसभा सीटें हैं। आम आदमी पार्टी की बात करें तो उन्होंने करीब एक साल पहले से ही इस इलाके में काम करना शुरू कर दिया था। दूसरी ओर कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल ने भी अपने स्टार प्रचारकों को उतार दिया है। मालवा क्षेत्र के नागरिकों की मानें तो इस इलाके में आम आदमी पार्टी कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल को कड़ी टक्कर देते नजर आ रहे हैं। आम तौर पर इस इलाके में कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल ही आमने-सामने रहे हैं, लेकिन इस बार पंजाब चुनाव में उतरी आम आदमी पार्टी उनका खेल बिगाड़ सकती है।

आम आदमी पार्टी ने अपना चुनाव प्रचार डोर-टू-डोर कैंपेन से साल 2016 से ही शुरू कर दिया था। वहीं दूसरे दलों की बात करें तो उन्होंने चुनाव करीब आने के बाद प्रचार अभियान में तेजी दिखाई। आम आदमी पार्टी ने इस इलाके में अपने उम्मीदवार पिछले साल अगस्त में ही घोषित कर दिया था। इसका फायदा उठाकर उम्मीदवार मतदाताओं का विश्वास जीतने की कोशिश में जुट गए। आम आदमी पार्टी ने बैंस के साथ गठबंधन किया है जिसका भी उन्हें अतिरिक्त लाभ मिलेगा। आम आदमी पार्टी पंजाब की 117 विधानसभा सीटों में से 112 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही है। गठबंधन के तहत पार्टी ने पांच सीटें बैंस को दी है।

बीजेपी मालवा के 69 विधानसभा सीटों महज 3 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। बीजेपी के साथ-साथ इसकी सहयोगी शिरोमणि अकाली दल को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से काफी सहयोग की उम्मीदें है। पार्टी को लगता है कि सत्ता विरोधी लहर में प्रधानमंत्री मोदी की रैली से गठबंधन को फायदा मिलेगा। शिरोमणि अकाली दल ने पीएम मोदी की रविवार की रैली को लुधियाना से कोटकपुरा स्थानांतरित करने के पीछे यही वजह था कि वो दर्शाना चाहती थी कि ये इलाका उनके लिए कितना अहम है। बता दें कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और कांग्रेस पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार अमरिंदर सिंह इसी इलाके से आते हैं। 2012 की बात करें तो इस इलाके में शिरोमणि अकाली दल ने 34 सीटें जीती थी। 2007 के मुकाबले उन्होंने 15 ज्यादा सीटें इस इलाके में जीत हासिल की।

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English summary
Punjab assembly election 2017: Malwa is cynosure of all parties.
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