होटल के कमरे में एक बर्तन में आग जलाकर सात फेरे ले लेना शादी नहीं: हाईकोर्ट
होटल के कमरे में आग जलाकर सात फेरे लेना शादी नहीं: हाईकोर्ट
नई दिल्ली, 13 अक्टूबर: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि सिर्फ लड़के और लड़की का किसी कमरे में आग जलाकर फेरे ले लेना शादी नहीं है। हाईकोर्ट ने एक जोड़े की सुरक्षा की मांग करने वाली अर्जी पर सुनवाई करते हुए ये कहा है। इतना ही नहीं अदालत ने इस जोड़े पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। ये मामला हरियाणा के पंचकुला का है।

शादी का सबूत नहीं दे सका कपल
इस जोड़े ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर सुरक्षा की मांग की थी। कपल ने अदालत को बताया कि उन्होंने अपने होटल के कमरे में एक बर्तन में आग जलाकर सात फेरे लिए और माला पहनाकर शादी कर ली। शादी के संबंध में सबूत जमा करने पर जोड़े ने कहा कि उन्होंने अपने होटल के कमरे में शादी की है। कोर्ट ने कहा कि इसे वैध विवाह नहीं माना जा सकता है क्योंकि वहां तुम दोनों के अलावा कोई नहीं था।

26 सितंबर को की थी शादी
कोर्ट के सामने दंपति ने कहा कि उन्होंने घर से निकलने के बाद 26 सितंबर को शादी कर ली। कोर्ट ने कहा कि उन्होंने अपनी याचिका के साथ शादी की तस्वीरें या विवाह प्रमाण पत्र नहीं दिया। सिर्फ ये कहना कि होटल में दोनों ने आग जलाकर फेरे ले लिए, शादी नहीं है।
शादी करने वाली लड़की की उम्र 20 और लड़के की उम्र 19 साल है। दोनों अपने परिवारों की मर्जी के खिलाफ जाकर साथ रह रहे हैं। उन्होंने परिवारों से जान का खतरा होने की बात कहते हुए अदालत से सुरक्षा मांगी है। अदालत ने शादी को वैध नहीं माना लेकिन पंचकुला पुलिस को मामले को देखना का निर्देश दिया है।

लड़के की उम्र भी कम
मामले में कोर्ट ने इस बात का भी संज्ञान लिया कि लड़का 21 साल से कम का है और उसकी उम्र शादी के लिए मान्य नहीं है। अदालत ने कहा कि जो स्पष्टीकरण याचिकाकर्ता की ओर से दिए गए हैं, वो इस तथ्य को छिपाने का प्रयास प्रतीत होता है कि वास्तव में उन्होंने कोई वैध विवाह किया। अर्जी में अदालत को गुमराह करने का प्रयास किया है, ऐसे में अदालत याचिकाकर्ताओं पर 25,000 रुपए का जुर्माना लगाती है।












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