छात्राओं को स्किन कलर की इनरवियर पहनने की अनिवार्यता वाले फैसले पर स्कूल प्रबंधन का यू टर्न
पुणे। छात्राओं को व्हाइट और स्किन रंग के अंतर्वस्त्र पहनने की अनिवार्यता समेत अजीबोगरीब नियमों के फतवे पर मीडिया समेत सभी क्षेत्रों में की जा रही आलोचना के बाद माईर्स एमआईटी के विश्वशांति गुरुकुल ने गुरुवार को अपना फतवा वापस ले लिया है। बीते दिन इस स्कूल के अजीबोगरीब फतवे के बारे में 'पुणे समाचार' ने 'व्हाइट और स्किन रंग के ही अंतर्वस्त्र पहनें छात्रा: पुणे के स्कूल का अजीब फतवा' इस शीर्षक तले सबसे पहले खबर प्रसारित कर सभी का ध्यानाकर्षित किया था।

पुणे के माईर्स एमआईटी के विश्वशांति गुरुकुल के तहत आनेवाले श्री सरस्वती न्यू इंग्लिश स्कूल, श्री स्वामी विवेकानंद प्राथमिक शाला और एमआईटी पूर्व प्राथमिक शाला के प्रबंधन ने कैलेंडर (डायरी) के जरिए नियमावली जारी की थी। इसमे छात्राओं को व्हाइट और स्कीन रंग के अंतर्वस्त्र पहनने की अजीबोगरीब अनिवार्यता की गई थी। यही नहीं अंतर्वस्त्र के लिए दूसरा कोई भी रंग स्वीकार नहीं होगा ये भी निर्देश दिए गए थे। छात्राओं की स्कर्ट की लंबाई घुटनों तक ही होनी चाहिए और और वह प्रबंधन द्वारा अधिकृत घोषित टेलर से ही सिले होने चाहिए। छात्राएं किसी भी तरह का मेकअप नहीं करेंगी, छात्र- छात्रा कोई टैटू नहीं बनवाएंगे, बाल एकदम छोटे रहेंगे। ऐसी कई अनिवार्यता लादी गई थी।
प्रबंधन ने अपनी 20 से 22 जटिल शर्तों की पूर्तता करने को लेकर शपथपत्र लिखकर लाने की अनिवार्यता की थी। इससे आक्रोशित अभिभावकों ने प्राथमिक शिक्षा विभाग के सह निदेशक दिनकर टेमकर से मुलाकात कर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मीडिया में खबरें प्रसारित होने के बाद एमआईटी संस्थान आलोचना का केंद्र बना रहा। आखिरकार आज गुरुकुल की प्राचार्या ने स्कूल डायरी में यूनिफॉर्म संबंधी व अन्य नियमों को वापस लेने की घोषणा की। एक विज्ञप्ति में उन्होंने स्पष्ट किया कि इन नियमों से निजी या सामूहिक तौर पर किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का हमारा उद्देश्य नहीं था। स्कूल ने हमेशा विद्यार्थी केंद्रित विचार किया है और उसी के चलते स्कूल डायरी में उल्लेखित सूचनाओं को वापस लिया जा रहा है।












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