लोकसभा चुनाव 2019: जांगीपुर लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की जांगीपुर लोकसभा सीट से सांसद अभिजीत मुखर्जी हैं। वो देश के पूर्व राष्ट्रपति और भारत रत्न प्रणब मुखर्जी के बेटे हैं। साल 2012 में जब प्रणब मुखर्जी देश के राष्ट्रपति बने तो उनकी सीट खाली हो गई। खाली सीट पर उनके बेटे अभिजीत मुखर्जी को चुनाव लड़ाया गया और वह जीत गए। दूसरी बार वह जीते 2014 के लोकसभा चुनाव में जब कांग्रेस ने 44 सीटों पर सिमट गई और उन 44 सीटों में से एक थी अभिजीत मुखर्जी की सीट। जनता ने उन्हें 378201 वोट दिए। वहीं, इस सीट से दूसरे नंबर पर रहे मुजफ्फर हुसैन, सीपीएम के नेता को जनता ने 370040 वोट दिया और यहां से कांग्रेस पार्टी जीती 8161 वोटों से।

साल 2004 के बाद से यहां कांग्रेस पार्टी का कब जा रहा है साल 2004 में कांग्रेस पार्टी की सीट पर प्रणब मुखर्जी यहां से जीत कर लोकसभा पहुंचे थे। उसके बाद 2009 में भी प्रणब मुखर्जी को जीत मिली। वहीं, 2012 में राष्ट्रपति बनने के बाद से उनके बेटे अभिजीत मुखर्जी यहां से सांसद हैं। लेकिन, अगर उससे पहले इतिहास पर नजर दौड़ाई जाए तो पता चलेगा यहां पर सीपीआई(एम) का बोलबाला रहा है। साल 1967 से 1977 तक यहां से कांग्रेस पार्टी के लुत्फल हक सांसद रहे हैं। 1980 में पहली बार सीपीआई(एम) के जैनाल अबदीन (zainal abedin) जीतकर संसद पहुंचे। वो लगातार जीतते रहे और साल 1996 तक यहां पर सांसद रहे।1996 से 1998 तक कांग्रेस के मोहम्मद इदरीश अली (Mohammad idris Ali) यहां से सांसद रहे। साल 1998 में दोबारा से CPI (m) की यहां वापसी होती है और अब्दुल हसनत खान यहां से चुनाव जीते हैं जो कि 2004 तक यहां से सांसद रहते हैं।
अभिजीत मुखर्जी के लोकसभा में उनकी काम की बात की जाए तो दिसंबर 2018 तक लोकसभा में उनकी मौजूदगी 97 फीसदी दर्ज की गई। वहीं,अपनी जनता के लिए उन्होंने 153 सवाल पूछे और 32 डिबेट्स में भी लिया। हालांकि अभिजीत मुखर्जी ने कोई भी प्राइवेट मेंबर बिल संसद के पटल पर नहीं रखा। देखना दिलचस्प होगा कि क्या वो दोबारा जीत पाते हैं।












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