जानिए उन अनजान चेहरों के बारे में सबकुछ जो बनने वाले हैं मोदी के मंत्री
नई दिल्ली। पीएम मोदी के मंत्रीमंडल का आज (रविवार) को विस्तार होना है। मंत्रीमंडल में शामिल होने वाले लगभग सभी नए चेहरों के नामों का ऐलान हो चुका है। हालांकि आज (शनिवार) को मंत्रीमंडल में होने वाले बदलाव और विस्तार को लेकर कई नामों पर चर्चा चलती रही लेकिन शाम होते-होते नाम सामने आ गए। बताया जा रहा है कि 2019 से पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल का यह आखिरी विस्तार है। रविवार सुबह 10:30 बजे कैबिनेट विस्तार आपको बता दें कि मोदी कैबिनेट में शामिल होने वाले 9 चेहरों में दो यूपी, दो बिहार, 1 दिल्ली, 1 राजस्थान, 1 एमपी, 1 कर्नाटक और 1 केरल से हैं। इन्हें चुनने में इनका प्रशासनिक अनुभव और स्वच्छ छवि प्रमुख मापदंड रखा गया है। इसके अलावा चुनावी राज्यों को भी ध्यान में रखा गया है। मीडिया की खबरों के मुतबिक मौजूदा दो मंत्रियों का प्रमोशन होगा जिसमें निर्मला सीतारण और धर्मेंद्र प्रधान शामिल हैं। तो आईए आपको इन नेताओं के प्रोफाइल के बारे में बताते हैं।

अश्विनी कुमार चौबे
- बिहार के बक्सर से लोकसभा सांसद हैं।
- वह केंद्रीय सिल्क बोर्ड के मेंबर भी हैं।
- वह संसदीय समिति (ऊर्जा) के सदस्य भी हैं।
- बिहार से बीजेपी का बड़ा चेहरा।
- बिहार सरकार में ये 8 साल तक कैबिनेट मंत्री रहे।
- बिहार सरकार में स्वास्थ्य, शहरी विकास जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाले हैं।
- ये जेपी आंदोलन के सक्रिय सदस्य रहे।
- 1970 में इन्होंने पटना विश्वविद्यालय में छात्र नेता के तौर पर राजनीति शुरु की और अध्यक्ष रहे।
- केदारनाथ त्रासदी पर इन्होंने किताब लिखी है।
- जोलॉजी में ये बीएसी है।
- इन्हें योगा में खासा रूचि है।
- 11,000 महादलित परिवारों में शौचालय का निर्माण कराया।
- चौबे ज़ूऑलजी में स्नातक हैं
- चौबे ने 'घर-घर में हो शौचालय का निर्माण, तभी होगा बिटिया का कन्यादान' का नारा दिया था

हरदीप सिंह पुरी
- हरदीप सिंह पुरी रिसर्च एंड इंफोर्मेशन सिस्टम फॉर डेवलपिंग कंट्रीज (आरआईएस) के प्रेसिडेंट हैं।
- वह 1974 बैच के पूर्व आईएफएस ऑफिसर हैं।
- हरमीत सिंह पूरी इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट, न्यूयॉर्क के वाइस प्रेसिडेंट रह चुके हैं।
- विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा का जानकार माना जाता है।
- हरदीप पुरी पूर्व में विकासशील देशों के रिसर्च एंड इंफोर्मेशन सिस्टम (आरआईएस) थिंक टैंक के अध्यक्ष रह चुके हैं।
- इसके अलावा वह न्यूयॉर्क में अंतरराष्ट्रीय शांति संस्थान (आईपीआई) के उपाध्यक्ष भी रहे हैं।
- हरदीप पुरी का विदेशों में बहुपक्षीय क्षेत्रों में भारतीय कूटनीति के लिए राजनयिक स्तर पर और संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएन) में भारत के स्थायी प्रतिनिधित्व के तौर पर पिछले 4 दशकों में अहम योगदान रहा है।
- इसके अलावा पुरी ने ब्राजील और ब्रिटेन में भी राजनयिक सेवाएं दी हैं।
- वह जिनेवा में भी भारत के स्थायी प्रतिनिधि रहे हैं। इसके अलावा पुरी ने संयुक्त राष्ट्र में सुरक्षा परिषद में भारतीय प्रतिनिधिमंडल के हेड के तौर पर भी काम किया है।
- इसके अलावा वह सुरक्षा परिषद में काउंटर-टेररेजम कमिटी के अध्यक्ष भी रहे हैं।
- हरदीप पुरी के छात्र जीवन की बात करें तो वह दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में पढ़े।
- अपने समय में वह छात्र नेता भी रहे और जेपी आंदोलन का हिस्सा भी रहे।
- आईएफएस में आने से पहले उन्होंने सेंट स्टीफंस कॉलेज में अध्यापन का कार्य भी किया।

सत्यपाल सिंह
- उत्तर प्रदेश के बागपत से लोकसभा सांसद हैं।
- वह संसदीय समिति (ऑफिस ऑफ प्रॉफिट) के सदस्य भी हैं।
- वह महाराष्ट्र काडर के आईपीएस ऑफिसर रह चुके हैं।
- इन्हें 1990 के दौर में मध्यप्रदेश और आंध्र प्रदेश में नक्सली इलाकों में काम करने के लिए भारत सरकार की ओर से 2008 में आंतरिक सुरक्षा सेवा मेडल से भी नवाजा गया है।
- सत्यपाल सिंह मुंबई, पुणे और नागपुर के पुलिस कमिश्नर भी रहे हैं।
- 1990 में मुंबई में तेजी से बढ़ रहे संगठित अपराध की कमर तोड़ने का श्रेय भी इन्हें जाता है।
- सत्यपाल सिंह बेस्ट सेलिंग बुक्स भी लिख चुके हैं, जिनमें कुछ जनजातीय संघर्ष और नक्सलवाद पर आधारित हैं।
- त्यपाल वैदिक अध्यन्न और संस्कृत के जानकार हैं, और भ्रष्टाचार, धार्मिक सद्भाव और आध्यात्म जैसे विषयों पर इनकी अच्छी पकड़ है।
- इनका जन्म बागपत के बसौली गांव में हुआ था।
- इन्होंने रासायन विज्ञान में एमएससी और एमफिल किया है।
- इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया से रणनीतिक प्रबंधन में एमबीए भी कर चुके हैं, साथ ही पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में एमए और नक्सलवाद में पीएचडी कर चुके हैं।

अल्फोंस कन्नाथनम
- अलफोंस केरल काडर के 1979 बैच के आईएएस ऑफिसर रह चुके हैं।
- वह डीडीए के कमीशनर भी रह चुके हैं। वह पेशे से वकील भी हैं।
- अल्फोंस कन्ननाथनम को 1994 में टाइम्स मैगजीन ने 100 यंग ग्लोबल लीडर्स की सूची में शामिल किया था।
- डीडीए के कमिश्नर के तौर पर उन्होंने 15, 000 अवैध इमारतों का अतिक्रमण हटाया, जिसके बाद वह दिल्ली के डिमॉलिशन मैन के रूप में प्रसिद्ध हो गए।
- अल्फोंज का जन्म कोयट्टम जिले के मणिमाला नामक एक ऐसे गांव में हुआ था जहां बिजली तक नहीं थी।
- जिला कलेक्टर के रूप में उन्होंने भारत के पहले साक्षरता आंदोलन का बीड़ा उठाया और 1989 में कोयट्टम को भारत का पहला 100 प्रतिशत साक्षर टाउन बनाकर दिखाया।
- अल्फोन्स ने 1994 में जनशक्ति नाम का एक एनजीओ बनाया जो नागरिकों के प्रति सरकार की जवाबदेही को लेकर लोगों में विश्वास लाने का काम करता है।
- आईएएस से रिटायर होने के बाद अल्फोन्स केरल के कन्जिराप्पल्ली से निर्दलीय विधानसभा सदस्य चुने गए।

शिव प्रताप शुक्ला
- उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं।
- वह संसदीय समिति (ग्रामीण विकास) के सदस्य भी हैं।
- वो 1989, 1991, 1993 और 1996 यूपी विधानसभा में रह चुके हैं।
- उन्होंने यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में 8 साल सेवाएं दी हैं।
- इन्होंने ग्रामीण विकास और शिक्षा पर खासा ध्यान दिया।
- इन्होंने गोरखपुर विश्वविद्यालय एलएलबी की डिग्री ली।
- इन्होंने 1970 में छात्र नेता के तौर पर अपनी राजनीति शुरु की थी।
- वीरेद्र कुमार मध्य प्रदेश के टिकमगढ़ से लोकसभा सांसद हैं।
- वह मजदूर के मामलों पर बनी संसदीय समिति के प्रमुख भी हैं।
- विरेंद्र कुमार 6 बार से सांसद हैं।
- संसदीय बोर्ड के चेयरमैन हैं विरेंद्र कुमार।
- 1970 में विरेंद्र कुमार जेपी आंदोलन के सक्रिय सदस्य रहे हैं।
- इस आंदोलन से जुड़े होने के दौरान इन्होंने इमरजेंसी के समय में 16 माह तक जेल की सजा काटी है।
- ये अर्थशास्त्र से एमए और चाइल्ड लेवस से पीएचडी हैं।
- अनंतकुमार कनार्टक से लोकसभा सांसद हैं।
- वह विदेश और मानव संसाधन मामलों पर बनी संसदीय समिति के सदस्य भी हैं।
- लोकसभा सांसद के तौर पर यह उनका 5वां कार्यकाल है।
- ये एनजीओ कादंबा के फाउंडर हैं।
- बिहार के आरा से लोकसभा सांसद हैं।
- वह बिहार काडर के 1975 बैच के पूर्व आईएएस ऑफिसर हैं।
- वह फैमिली वेलफेयर पर बनी संसदीय समिति के मेंबर भी हैं।
- राज कुमार सिंह पूर्व आईएएस रह चुके हैं।
- वो गृह सचिव के पद पर भी रह चुके हैं।
- संसद की स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग, पेंशन, जन शिकायत और कानून और न्याय संबंधी मामलों की स्टैंडिंग कमिटी के सदस्य भी हैं।
- अपने शानदार करियर में आर के सिंह कई विभागों में महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं। जिनमें रक्षा उत्पाद सचिव, गृह सचिव, इंडस्ट्रीज, जन कार्य और कृषि विभाग प्रमुख हैं।
- इन्होंने पुलिस और जेल आधुनिकीकरण और आपदा प्रबंधन के लिए ढांचा तैयार करने के लिए में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
- आर के सिंह ने दिल्ली के सेंट स्टीफेन कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में पढ़ाई की है फिर कानून में बैचलर डिग्री हासिल की। वह नीदरलैंड की आरवीबी ड्वेल्फ यूनिवर्सटी से भी पढ़ाई कर चुके हैं।

विरेंद्र कुमार

अंनत कुमार हेगड़े













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