लोकसभा चुनाव 2019: चित्तौड़गढ़ लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: राजस्थान की चित्तौड़गढ़ लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद भाजपा के चंद्र प्रकाश जोशी उर्फ सीपी जोशी हैं। उन्होंने साल 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की सीनियर और लोकप्रिय नेता डॉ. गिरीजा व्यास को 31, 68, 57 वोटों से पराजित किया था। इस सीट पर कांग्रेस नंबर दो और कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया(सीपीआई) तीसरे नंबर पर थी। साल 2014 के आम चुनाव में कुल मतदाताओं की संख्या 18,18,147 थी, जिसमें से मात्र 11,72,629 लोगों ने अपने मतों का प्रयोग किया था। इसमें पुरुषों की संख्या 6,32,047 और महिलाओं की संख्या 5,40,582 है। चित्तौड़गढ़ की 91 प्रतिशत आबादी हिंदू धर्म में भरोसा करती है जबकि 6 प्रतिशत लोग इस्लाम धर्म को मानती है।

चित्तौड़गढ़ लोकसभा सीट का इतिहास
आठ विधानसभा सीटों को अपने में समेटे हुए चित्तौड़गढ़ संसदीय क्षेत्र में पहला आम चुनाव 1952 में हुआ था, जिसे कि भारतीय जन संघ ने जीता था। इसके बाद 1957 से लेकर 1967 तक यहां पर कांग्रेस का राज रहा, साल 1971 के चुनाव में एक बार फिर से यहां भारतीय जनसंघ ने विजय हासिल की लेकिन 1977 का चुनाव भारतीय लोकदल ने जीता, जबकि 1980 के चुनाव में यहां पर कांग्रेस की वापसी हुई और 1984 तक उसी का राज रहा और निर्मला कुमारी शेखावत यहां से सांसद बनी और लगातार दो बार वो इस सीट पर विजयी हुईं। साल 1989 में यहां पहली बार कमल खिला और महेंद्र सिंह मेवाड़ यहां से एमपी चुने गए।
साल 1991 के चुनाव में यहां से भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह विजयी हुए और वो 1996 के चुनाव में भी यहां एमपी की कुर्सी पर विराजमान रहे, साल 1998 के चुनाव में यहां कांग्रेस की वापसी हुई लेकिन इसके एक साल बाद ही हुए चुनाव में ये सीट वापस बीजेपी के पास चली गई और श्रीचंद कृपलानी यहां से सांसद बने , वो साल 2004 के चुनाव में भी यहां से विजयी हुए लेकिन साल 2009 का चुनाव यहां पर कांग्रेस ने जीता और डॉ. गिरीजा व्यास यहां से सांसद चुनी गईं लेकिन साल 2014 के चुनाव में उन्हें भाजपा के नए चेहरे चंद्र प्रकाश जोशी से शिकस्त झेलनी पड़ी।
चंद्र प्रकाश जोशी का लोकसभा में प्रदर्शन
दिसंबर 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 5 सालों के दौरान लोकसभा में सांसद चंद्र प्रकाश जोशी उर्फ सीपी जोशी की उपस्थिति 94 प्रतिशत रही है और इस दौरान उन्होंने 380 डिबेट में हिस्सा लिया है और 653 प्रश्न पूछे हैं।
चित्तौड़गढ़, एक परिचय- प्रमुख बातें-
शूरवीरों के शहर चित्तौड़गढ़ से बहुत सारी ऐतिहासिक कहानियां जुड़ी हुई हैं। साल 1568 तक चित्तौड़गढ़ मेवाड़ की राजधानी रहा है। चित्तौड़गढ़, वह वीरभूमि है जिसने समूचे भारत के सम्मुख शौर्य, देशभक्ति एवम् बलिदान का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। इसके किले आज भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हैं। यहां की जनसंख्या 27,68,010 है, जिसमें से 84 प्रतिशत जनसंख्या गांवों में रहती है और 15 प्रतिशत लोग शहरों में निवास करते हैं।
चंद्र प्रकाश जोशी की जीत में मोदी लहर का बहुत बड़ा हाथ था जबकि कांग्रेस की हार के पीछे उसकी अपनी गलतियां थीं लेकिन इस बार राजस्थान के सियासी हालात बदले हुए हैं, राज्य की सत्ता से भाजपा बाहर हो गई है , जिसके पीछे कारण राजस्थान की जनता में वसुंधरा राजे सरकार के प्रति नाराजगी थी तो क्या ऐसे हालात में बीजेपी इस सीट पर वापसी कर पाएगी, यह एक बड़ा सवाल है तो वहीं आत्मविश्वास से भरी कांग्रेस की पूरी कोशिश अपनी हार का बदला लेने की होगी कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि इस सीट पर मुकाबला जबरदस्त है, देखते हैं इस चुनावी जंग में जीत का सेहरा किसके सिर बंधता है।












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