लोकसभा चुनाव 2019- बांसगांव लोकसभा सीट के बारे में जानिए
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नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश की बांसगांव लोकसभा सीट से इस वक्त भारतीय जनता पार्टी के कमलेश पासवान सांसद है, बीजेपी ने ये सीट साल 2014 में बसपा को हराकर हासिल की थी। बांसगांव लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 67वें नंबर की सीट है, अस्तित्त्व में आने के बाद से ही यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित रही है, बांसगांव लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में यूपी विधानसभा की कुल पांच सीटें आती है, जिनके नाम चौरीचौरा, बांसगांव, चिल्लूपार, रुद्रपुर और बरहाज है, जिसमें से बांसगांव की विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। बांसगांव यूपी के सबसे पुराने तहसीलों में से एक है, यहां की औसत साक्षरता दर 71.35% है, जिसमें पुरुषों की साक्षरता दर 82.88% और महिलाओं की साक्षरता दर 59.89% है, बांसगांव को अति पिछड़ा अनुदान निधि कार्यक्रम के तहत सहायता मिलती है।

आपको बता दें कि बांसगांव गेंहू की खेती के लिए जाना जाता है, यहां की मिट्टी बहुत उपजाऊ है, यहां प्रशासनिक और प्राकृतिक दोनों तरह के संसाधन मिलते हैं, बावजूद इसके ये इलाका अपनी बेबसी पर लंबे वक्त से रो रहा है , विकास के नाम पर यहां काम शून्य है और यही कारण है की लम्बे समय से इस क्षेत्र को जिला बनाने की मांग उठ रही है।
1962 में यहां पहली बार आम चुनाव हुए थे, जिसमें कांग्रेस के महादेव प्रसाद ने जीत दर्ज की थी, 1967 में संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी, 1971 में कांग्रेस और 1977 में भारतीय लोकदल ने यह सीट अपने नाम की थी। 1980, 1984 और 1989 में यहां कांग्रेस का ही वर्चस्व रहा। 1991 में राज नारायण ने भारतीय जनता पार्टी को यहां पहली बार जीत दिलाई थी। 1996 में समाजवादी पार्टी की सुभावती देवी यहां की पहली महिला सांसद बनी थीं। 1998 और 1999 में यहां बीजेपी ही जीती। 2004 में कांग्रेस के महावीर प्रसाद बसपा के श्रीनाथ को हराकर लोकसभा पहुंचे थे, 2009 और 2014 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के कमलेश पासवान को यहां जीत मिली थी।
गोरखपुर में जन्मे कमलेश पासवान सोलहवीं लोकसभा में वाणिज्य और जन वितरण प्रणाली की स्थाई समिति के सदस्य भी हैं। पिछले 5 सालों के कार्यकाल के दौरान उनकी संसद में उपस्थिति 73 प्रतिशत रहीं और इस दौरान उन्होंने 13 डिबेट में हिस्सा लिया है और 40 प्रश्न पूछे हैं। साल 2014 के चुनावों में इस सीट पर BSP दूसरे, सपा तीसरे और कांग्रेस चौथे नंबर पर रही थी। साल 2014 में यहां पर 1760090 मतदाताओं ने अपने मतों का इस्तेमाल किया था, जिसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 55 प्रतिशत और महिला मतदाताओं की संख्या 44 प्रतिशत थी। बांसगांव की 91 प्रतिशत आबादी हिंदू और 8 प्रतिशत जनसंख्या मुस्लिमों की है।












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