LPG Cylinder Shortage: एलपीजी संकट पर प्रियंका गांधी का सरकार पर प्रहार, बताया क्यों हो रही है गैस की किल्लत
LPG Cylinder Shortage Priyanka Gandhi Statement: नयी दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती किल्लत पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यह संकट अभी और गहराएगा, जिसका सीधा कारण सरकार की कमजोर आर्थिक और विदेश नीतियां हैं।
प्रियंका ने आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ व्यापार सौदे में सरकार ने राष्ट्रीय हितों से समझौता किया है, जिससे घरेलू बाजार प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर जारी युद्ध की स्थितियों और सरकार की अदूरदर्शिता ने आम व्यापारियों और जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

LPG Cylinder Shortage: गैस की कमी महज एक संयोग नहीं- प्रियंका
प्रियंका गांधी ने स्पष्ट रूप से कहा कि कमर्शियल गैस की कमी महज एक संयोग नहीं, बल्कि सरकार की गलत प्राथमिकताओं का नतीजा है। उनके अनुसार, अमेरिका के सामने व्यापारिक मोर्चे पर "झुकने" के कारण देश की ऊर्जा सुरक्षा खतरे में है। अंतरराष्ट्रीय तनाव और युद्ध के बीच सरकार उचित प्रबंधन करने में विफल रही है। यह संकट न केवल छोटे व्यापारियों को प्रभावित कर रहा है, बल्कि आने वाले समय में महंगाई को और बढ़ाने का संकेत दे रहा है।
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'भाई ने कभी सत्ता के सामने घुटने नहीं टेके'
सत्ता पक्ष द्वारा राहुल गांधी पर की गई टिप्पणियों का जवाब देते हुए प्रियंका ने इसे "सच से भागने का तरीका" बताया। उन्होंने कहा कि उनके भाई ने कभी सत्ता के सामने घुटने नहीं टेके, इसीलिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। सरकार बेरोजगारी और महंगाई जैसे बुनियादी सवालों का जवाब देने के बजाय व्यक्तिगत कीचड़ उछालने में लगी है। प्रियंका के मुताबिक, भाजपा राहुल गांधी के उठाए गए तार्किक सवालों को पचा नहीं पा रही है और जनता अब सब समझ चुकी है।
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जनहित बनाम राजनीतिक बयानबाजी
प्रियंका गांधी ने जोर देकर कहा कि देश में इस समय असली मुद्दा जनता की पीड़ा होनी चाहिए, न कि नेताओं के निजी बयान। उन्होंने मंत्रियों से सवाल किया कि वे नीतियों के कारण हो रही जन-हानि पर चर्चा क्यों नहीं करते? सरकार अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए फिजूल की बयानबाजी का सहारा ले रही है। प्रियंका ने अंत में दोहराया कि जब तक सरकार बुनियादी समस्याओं को स्वीकार नहीं करेगी, तब तक जनता को राहत मिलना मुमकिन नहीं है।












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