Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

अचानक प्रियंका गांधी को क्यों याद आए 'अंकल बच्चन', क्या फिर से करीब आएंगे Gandhi-Bachchan?

नई दिल्ली। गांधी परिवार और बच्चन परिवार के रिश्तों से पूरा देश वाकिफ है, एक वक्त था जब दोनों परिवार में गहरी दोस्ती थी लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के मौत के बाद दोनों ही परिवारों में दूरियां आ गईं लेकिन कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की बातों से लग रहा है कि शायद अब वो कोशिश कर रही हैं कि इन दूरियों को कम किया जाए क्योंकि महानायक अमिताभ बच्चन के पिता हरिवंश राय बच्चन की जयंती के मौके पर प्रियंका गांधी ने एक भावुक ट्वीट किया है,जिससे ये कयास लगने लगे।

प्रियंका गांधी को याद आए-'अंकल बच्चन'

प्रियंका गांधी को याद आए-'अंकल बच्चन'

दरअसल प्रियंका गांधी ने अपने पिता राजीव गांधी के हाथों खीचीं गई एक फोटो को शेयर करते हुए लिखा है कि हरिवंशराय बच्चन जी, जिन्हें हम 'अंकल बच्चन' के नाम से जानते थे, इलाहाबाद के एक महान पुत्र थे। एक वक्त था जब मेरे पिता की मृत्यु के बाद बच्चन जी की रचनाओं को मैं देर-देर तक पढ़ती थी। उनके शब्दों से मेरे मन को शांति मिलती थी, इसके लिए मैं उनके प्रति आजीवन आभारी रहूंगी।

मेरे पिता जी द्वारा खींची गयी बच्चन जी की फोटो-प्रियंका गांधी

प्रियंका ने फोटो के नीचे कैप्शन दिया है-मेरे पिता जी द्वारा खींची गयी बच्चन जी की फोटो। उनके इस ट्वीट की सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा होने लगी है, लोगों ने कहा कि क्या एक बार फिर से दोनों परिवार करीब आएंगे?

गांधी-बच्चन परिवार में बढ़ गईं हैं दूरियां

मालूम हो कि अमिताभ बच्चन और राजीव गांधी की दोस्ती गांधी-बच्चन परिवार के बीच पहला रिश्ता नहीं था। ये दोस्ती तो हरिवंश राय बच्चन और जवाहर लाल नेहरू के समय से चली आ रही है। नेहरू के प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान हरिवंश राय बच्चन विदेश मंत्रालय में बतौर हिंदी ऑफिसर काम करते थे। तभी से दोनों में बातचीत शुरू हुई और नेहरू उनकी प्रतिभा के कायल हो गए। ये दोस्ती तब और गहरी हुई जब जवाहर लाल नेहरू की बेटी इंदिरा गांधी और हरिवंश राय बच्चन की पत्नी तेजी बच्चन का साथ में उठना-बैठना शुरू हुआ।

राजीव और अमिताभ की मुलाकात आनंद भवन में हुई थी...

राजीव और अमिताभ की मुलाकात आनंद भवन में हुई थी...

दोनों जल्द ही पक्की सहेलियां बन गईं। इस दोस्ती को दोनों के बच्चों ने आगे बढ़ाया। राजीव और अमिताभ की मुलाकात आनंद भवन में हुई थी और दोनों दून स्कूल में साथ में पढ़े हैं। दोनों की दोस्ती का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जब राजीव गांधी की मंगेतर सोनिया इटली से पहली बार भारत आईं तो जनवरी की ठंडी सुबह में अमिताभ ही उन्हें एयरपोर्ट पर लेने गए थे।

अमिताभ का घर बन गया था राजीव का ससुराल

अमिताभ का घर राजीव गांधी का ससुराल बन गया था। केवल सोनिया ही नहीं, बल्कि उनके परिवार वाले भी शादी से पहले अमिताभ बच्चन के घर ही रुके थे। तेजी बच्चन ने ही सोनिया को भारतीय तौर-तरीके सिखाए थे। इतना ही नहीं, सोनिया गांधी का कन्यादान भी हरिवंश राय और तेजी बच्चन ने किया था। अमिताभ बच्चन और राजीव गांधी की दोस्ती को नजर तब लगी जब राजीव ने अमिताभ से लोकसभा चुनाव लड़ने को कहा। अमिताभ ने भी दोस्त की सलाह पर एक्टिंग को कुछ वक्त के लिए अलविदा कहा और कांग्रेस के टिकट पर इलाहाबाद से 1984 में चुनाव लड़ा।

अमिताभ का हुआ राजनीति से मोह-भंग

अमिताभ का हुआ राजनीति से मोह-भंग

अमिताभ ने बड़े अंतर से चुनाव जीता लेकिन तीन सालों बाद इस्तीफा भी दे दिया। अमिताभ और उनके भाई अजिताभ का नाम तब बोफोर्स घोटाले में आ रहा था जिसके चलते उन्होंने इस्तीफा दे दिया। हालांकि बाद में कोर्ट ने उन्हें दोषी नहीं पाया था। यही वो घटना थी जब दोनों के बीच दूरियां आने लगीं। अमिताभ ने फिल्मों में वापसी कर ली और राजीव देश संभालने लगे।

एक-दूसरे से नाराज गांधी-बच्चन परिवार

1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद गांधी परिवार को महसूस हुआ कि बच्चन परिवार ने उन्हें मुश्किल दौर में अकेला छोड़ दिया। वहीं बच्चन परिवार का आरोप था कि गांधी परिवार ने उन्हें राजनीति में लाकर बीच मझदार में छोड़ दिया। कहा जाता है कि अमिताभ बच्चन की कंपनी एबीसीएल जब मुश्किल दौर से गुजर रही थी गांधी परिवार उनकी मदद को आगे नहीं आया था। इस कठिन समय में अमर सिंह ने बच्चन परिवार की मदद की थी।

'गांधी परिवार राजा है और हम रंक'

'गांधी परिवार राजा है और हम रंक'

इसके बाद बच्चन परिवार के समाजवादी पार्टी से नजदीकियां बढ़ने लगीं और जया बच्चन ने फिर सपा का चोला पहन लिया। इस बात ने गांधी परिवार को और आहत किया था। अमिताभ बच्चन ने भी एक बार इस बात पर कहा था कि. 'गांधी परिवार राजा है और हम रंक।' दोनों परिवारों की दोस्ती में दरार काफी समय तक रही और आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चलता रहा। हालांकि अब दोनों ही इस मसले पर बोलने से बचते हैं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+