नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली तीन दिनों की यात्रा के लिए पहुंचे दिल्ली, भारत के साथ संबंध सुधारना है मकसद
नेपाल के नए प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली भारत यात्रा पर शुक्रवार को राजधानी दिल्ली पहुंच गए। ओली छह अप्रैल से आठ अप्रैल तक भारत में होंगे। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने ओली का औपचारिक स्वागत किया है। प्रधानमंत्री बनने के बाद ओली की यह पहली भारत यात्रा है।
नई दिल्ली। नेपाल के नए प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली भारत यात्रा पर शुक्रवार को राजधानी दिल्ली पहुंच गए। ओली छह अप्रैल से आठ अप्रैल तक भारत में होंगे। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने ओली का औपचारिक स्वागत किया है। प्रधानमंत्री बनने के बाद ओली की यह पहली भारत यात्रा है और न सिर्फ भारत बल्कि वह अपनी पहली विदेश यात्रा पर भी हैं। ओली की इस भारत यात्रा की सबसे अहम बात है कि उन्हें चीन की ओर से भी बीजिंग दौरे का आमंत्रण मिला है और चीन ने उन्हें आठ अप्रैल को चीन आने के लिए इनवाइट किया था।

चीन का दौरा कैंसिल करके आए हैं भारत
ओली पहले भी भारत आ चुके हैं लेकिन उनकी यह भारत यात्रा, देश के लिए काफी अहम है। बिजनेस लाइन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक ओली ने भारत यात्रा के लिए अपना चीन का दौरा कैंसिल कर दिया है। इसे भारत एक रणनीतिक कदम मान रहा है। बिजनेस लाइन के मुताबिक नेपाल में लेफ्ट सरकार की वजह से भारत के साथ संबंधों में कुछ खिंचाव आ गया है। पिछले दिनों ओली ने एक इंटरव्यू में कहा था कि वह बदलते समय के साथ भारत के साथ संबंधों में भी बदलाव करना चाहते हैं। ओली भारत-नेपाल संबंधों के सभी आयामों की समीक्षा करने के पक्ष में हैं। नेपाल की सत्तारूढ़ सीपीएन-यूएमएल के अध्यक्ष ओली ने इंटरव्यू में कहा था कि भारत के साथ हमारी बेहतरीन कनेक्टिविटी है, खुले बॉर्डर हैं। यह सब तो ठीक है, हम कनेक्टिविटी और बढ़ाएंगे भी लेकिन हम यह नहीं भूल सकते कि हमारे दो पड़ोसी हैं। हम किसी एक देश पर ही निर्भर नहीं रहना चाहते न कि सिर्फ एक विकल्प।
साल 2015 से खराब हैं संबंध
फरवरी में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज काठमांडू गई थी और यहां पर उन्होंने कहा था कि भारत नई सरकार के साथ मिलकर साथ काम करने का इच्छुक है। सुषमा के नेपाल दौरे की वजह से दोनों देशों में बरकरार तनाव में कुछ कमी देखी थी। ओली सरकार का मानना है कि भारत उनकी सरकार को कमजोर समझने की गलती कर सकती है। साल 2015 मे भारत ने नेपाल के रास्तों को मधेसी आंदोलन की वजह से बंद कर दिया था। इसके बाद से ही दोनों देशों के रिश्तों में काफी उतार-चढ़ाव आए थे।ओली का यह दौरा, नई दिल्ली के लिए मौका होगा कि वह नेपाल के साथ आई संबंधों में खटास को दूर कर सके। आपको बता दें कि ओली, चीन के करीबी हैं और उनके कुछ बयान भारत के लिए सिरदर्द बन चुके हैं।












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