Pranjal Patil भारत की पहली दृष्टिबाधित महिला IAS,जिन्होंने बिना कोचिंग के क्रैक की UPSC परीक्षा
मिलिए Pranjal Patil से जो हैं भारत की पहली दृष्टिबाधित महिला IAS अधिकारी से जिन्होंने बिना कोचिंग के यूपीएससी परीक्षा पास की और आईएएस अधिकारी बनकर जिम्मेदारी संभाल रही हैं।

जितना कठिन संघर्ष होगा , जीत उतनी ही शानदार होगी। महाराष्ट्र के उल्हासनगर की प्रांजल पाटिल के संघर्ष से सफलता तक की कहानी ये सच्चाई बयां कर रही है। प्रांजल पाटिल जो दृष्टिबाधित हैं उन्होंने देश की सबसे कठिन माने जानी वाली संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा पास की और देश की पहली दृष्टिबाधित महिला आईएएस बनने का खिताब अपने नाम कर लिया। प्रांजल पाटिल ने साबित कर दिया कि 'हार और जीत हमारी सोच पर निर्भर करती है मान लिया तो हार और ठान लिया तो जीत'।

बिना किसी कोचिंग के क्रैक की यूपीएससी परीक्षा
ताज्जुब की बात ये है कि देश की पहली दृष्टिबाधित महिला आईएएस अधिकारी प्रांजल पाटिल ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) सिविल सेवा परीक्षा को बिना किसी कोचिंग के क्रैक किया है उन्होंने किसी कोचिंग के बिना वो परीक्षा पास की है जिसमें वर्षों की कड़ी मेहनत और परिश्रम लगता है। दृढ़ता और धैर्य के साथ पॉजिटिव रहते हुए उन्होंने कभी भी हार नहीं मानी और बिना कोचिंग के यूपीएससी पास कर साबित कर दिया कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

प्राजंल ने कभी हार नहीं मानी और पाई कामयाबी
महाराष्ट्र के उल्हासनगर से ताल्लुक रखने वाली प्रांजल का जब जन्म हुआ तो उनकी आंख की रोशनी कमजोर थी और 6 साल की उम्र तक आते- आते उनकी दोनों आंखों की रोशनी चली गई।आंखों की रोशनी जाने के बावजूद प्राजंल ने कभी हार नहीं मानी और सभी कठिनाइयों से ऊपर उठकर भारत की पहली नेत्रहीन महिला आईएएस अधिकारी बनीं।

प्रांजल ने दूसरे अटेम्ट की परीक्षा कर दिया कमाल
प्रांजल की ये सफलता लोगों के लिए प्रेरणादायी है कि कैसे प्रतिकूल परिस्थितियों में भी सफलता हासिल की जा सकती है। प्रांजल को ये सफलता एक बार के प्रयास में नहीं मिली। प्रांजल ने दो बार यूपीएससी की परीक्षा दी -पहली बार 2016 में और 2017 में। 2016 में उनकी रैंक 744 थी, लेकिन अपने दूसरे प्रयास में उन्होंने 124वां रैंक हासिल की।

2019 में पहली पोस्टिंग में बनी सब कलेेक्टर
प्रांजल ने मुंबई के कमला मेहता दादर स्कूल फॉर ब्लाइंड से स्कूलिंग की और पॉलटिकल साइंस में सेंट जेवियर्स कॉलेज से ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। प्रांजल का जीवन कर किसी के लिए प्रेरणादायी और वो एक मिशाल हैं। 14अक्टूबर 2019 को का वो दिन था जब प्रांजल तिरुवंतपुरम की सब कलेक्टर की जिम्मेदारी संभाली थी।
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