कर्नाटक: प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ जारी हो सकता है ब्लू कॉर्नर नोटिस! क्या है इसका मतलब? जानिए
प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ कर्नाटक सेक्स स्कैंडल मामले में जांच एजेंसियां तेजी से कार्रवाई कर रही हैं। इंटरपोल के इनपुट के आधार पर बड़े एक्शन की तैयारी है। दावा किया जा रहा है कि राजनयिक पासपोर्ट पर जर्मनी भाग गए जद (एस) सांसद प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ सीबीआई ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी कर सकती है। ऐसे में आईए जानते हैं कि ब्लू कॉर्नर नोटिस किया है, और इसके क्या मायने हैं?
यौन शोषण के आरोप सामने आने के बाद सांसद प्रज्वल रेवन्ना की मुश्किलें बढ़ रही हैं। हालांकि वे राजनयिक पासपोर्ट पर जर्मनी पहुंच चुके हैं। इस बीच उनके खिलाफ सख्त एक्शन की तैयारी की बीच ब्लू कॉर्नर नोटिस भेजी जा सकती है। दरअसल, ये एक कोडेड कलर नोटिस है, जो कि इंटरपोल के एक्सन का हिस्सा है।

क्या है ब्लू कॉर्नर नोटिस?
ब्लू कॉर्नर नोटिस इंटरपोल के जरिए जारी कराया जाता है। ये एक नोटिस है, जो किसी भी वारदात से संबंधित व्यक्ति की पहचान, स्थान या उसकी गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए जारी किया जाता है। इसके लिए जांच एजेंसी इंटरपोल से अनुरोध करती है।
कितने प्रकार के नोटिस
नोटिस सात प्रकार के होते हैं - रेड नोटिस, येलो नोटिस, ब्लू नोटिस, ब्लैक नोटिस, ग्रीन नोटिस, ऑरेंज नोटिस और पर्पल नोटिस शामिल हैं। इन सभी नोटिस के अपने अलग- अलग मायने होते हैं। बात ब्लू कॉर्नर नोटिस की हो तो ये नोटिस आपराधिक जांच के संबंध में किसी व्यक्ति की पहचान, स्थान या गतिविधियों के बारे में अतिरिक्त जानकारी एकत्र करने के लिए जारी किए जाते हैं।
प्रज्वल के लिए ब्लू कॉर्नर नोटिस के क्या हैं मायने?
ब्लू कॉर्नर नोटिस केवल जांच एजेंसियों की पूछताछ को आगे बढ़ाने के लिए है। प्रज्वल को सीबीआई इस वक्त पूछताछ नोटिस या फिर ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी कर सकती है, जो कि किसी की पहचान सत्यापित करने के लिए जारी किए जाते हैं।











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