PM Jan-Dhan Yojna: जन-धन ने गरीबों को दी गरिमा और सशक्तिकरण! दूरदर्शन और आकाशवाणी योजना के सशक्त संदेशवाहक
गरीब की झोली में गरिमा, महिलाओं के हाथों में सशक्तिकरण और गांव-गांव तक वित्तीय समावेशन का कारवां... यही कहानी है प्रधानमंत्री जन-धन योजना की। 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो शुरुआत की थी, वह आज दुनिया का सबसे बड़ा वित्तीय अभियान बन चुकी है। शून्य बैलेंस खाते से शुरू हुई यह योजना अब गरीबों तक पेंशन, बीमा, ऋण और सरकारी सहायता सीधे पहुंचाने का मजबूत जरिया है।
सबसे बड़ी बात कि इस योजना ने बिचौलियों का खेल खत्म कर दिया और करोड़ों परिवारों को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़कर "सबका साथ, सबका विकास" का असली अर्थ जमीनी स्तर पर उतार दिया।

हाल ही में दूरदर्शन पर आम जनों के लिए उपयोगी इस योजना का एक आकर्षक ऑडियो-विजुअल्स प्रसारित हो रहा है, जिसमें इस योजना की प्राविधि, लाभ और उपलब्धि को बाल-गीत के माध्यम से बताया गया है। इसी संबंध में वनइंडिया ने प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आईएएस गौरव द्विवेदी से खास बात की। यहाँ पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश:
वनइंडिया: आप बतौर आईएएस देश के विभिन्न हिस्सों में सेवाएँ दे चुके हैं। यह योजना ने देश भर में गरीबों को कैसे सशक्त बनाती है? आप जनधन योजना को किस नज़रिए से देखते हैं?
गौरव द्विवेदी: प्रधानमंत्री जन-धन योजना दुनिया का सबसे बड़ा वित्तीय समावेशन कार्यक्रम है। पहले जिन गरीबों के पास बचत खाता तक नहीं था, उन्हें शून्य बैलेंस वाले खाते मिले। अब वे सीधे पेंशन, बीमा, ऋण और सरकारी सहायता का लाभ पा रहे हैं। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) ने बिचौलियों को खत्म कर दिया है और सहायता पारदर्शी तरीके से सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रही है। खास बात यह है कि 67% खाते ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हैं और इनमें से 56% जन-धन खाता महिलाओं के नाम पर हैं। इससे गरीबों को गरिमा, सशक्तिकरण और अवसर मिलता है।
वनइंडिया: दूरदर्शन और आकाशवाणी की इसमें क्या भूमिका रही?
गौरव द्विवेदी: दूरदर्शन और आकाशवाणी की पहुंच देश के 92% भूभाग तक है। हमारे समाचार और कार्यक्रमों ने जनधन योजना के बारे में जागरूकता फैलाने का काम किया। हाल ही में DD News ने इस पर एक एनिमेटेड फिल्म बनाई, जिसे लॉन्च के दो दिन के भीतर एक मिलियन से अधिक लोगों ने X प्लेटफॉर्म पर देखा। इस तरह हम साधारण और नवोन्मेषी तरीके से योजना का संदेश जनता तक पहुंचा रहे हैं।
वनइंडिया: यह योजना पहले से लोकप्रिय है, फिर भी प्रसार भारती का अगला लक्ष्य क्या है?
गौरव द्विवेदी: हमारा लक्ष्य है 100% जागरूकता के साथ हर उस व्यक्ति तक जन-धन खाता पहुंचाना जिसके पास अभी तक कोई बैंक अकाउंट नहीं है। पिछले 11 सालों में 56 करोड़ जनधन खाते और 38 करोड़ रुपे कार्ड जारी हुए हैं। लेकिन जब तक अंतिम व्यक्ति को बैंकिंग सुविधा नहीं मिलती, हमारी मुहिम जारी रहेगी। देशभर के सभी रीजनल दूरदर्शन केंद्र और आकाशवाणी इसे स्थानीय भाषाओं में लोगों तक पहुंचाते रहेंगे।
वनइंडिया: क्या आपको योजना को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में कोई चुनौती दिखती है?
गौरव द्विवेदी: बिल्कुल नहीं। दूरदर्शन और आकाशवाणी का नेटवर्क इतना विस्तृत है कि किसी भी क्षेत्र तक पहुंचना संभव है। आकाशवाणी के पास 262 स्टेशन हैं और हम 23 प्रमुख भाषाओं व 182 बोलियों में प्रसारण करते हैं। यहां तक कि कारगिल में दुनिया का सबसे ऊंचा रेडियो स्टेशन भी ऑल इंडिया रेडियो का ही है। हमारी ताकत यही है कि हम हर भाषा और बोली में कंटेंट प्रसारित करते हैं।
वनइंडिया: सबका साथ, सबका विकास के मंत्र को आगे बढ़ाने में प्रसार भारती की क्या भूमिका रहेगी?
गौरव द्विवेदी: प्रसार भारती हमेशा इस मंत्र पर काम करती रही है। हम देश के हर नागरिक के लिए कार्यक्रम और समाचार तैयार करते हैं। दूरदर्शन के क्षेत्रीय केंद्रों और आकाशवाणी स्टेशनों को हम नई तकनीक, पेशेवर स्टाफ और स्मार्ट समाधान से और मजबूत बना रहे हैं। हमारा मकसद है कि योजनाओं की असली तस्वीर और लाभ हर नागरिक तक पहुंचे-चाहे वह पारंपरिक चैनलों के जरिए हो या डिजिटल प्लेटफॉर्म से।












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