यूक्रेन में फंसे भारतीयों को वापस लाने में पोलैंड कर रहा है मदद, बिना वीजा के अपने देश में दे रहा है एंट्री
यूक्रेन से भारतीय छात्रों को वापस लाने में पोलैंड कर रहा है मदद, बिना किसी वीजा के देश में दे रहा है एंट्री
पोलैंड, 27 फरवरी: यूक्रेन पर रूस द्वारा आक्रमण लगातार जारी है। यूक्रेन के स्वास्थ्य मंत्री विक्टर ल्याशको ने कहा है कि रूस के हमले में 198 लोग मारे गए हैं और 1,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इस बीच यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों और नागरिकों को भारत की सरकार की वहां से वापस लाने की पूरी कोशिश कर रही है। यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को वापस लाने में अब पोलैंड भारत की मदद कर रहा है। भारत में पोलैंड के राजदूत एडम बुराकोव्स्की ने रविवार (27 फरवरी) को बताया कि पोलैंड यूक्रेन में रूसी आक्रमण से बचने वाले भारतीय छात्रों को बिना किसी वीजा के पोलैंड में प्रवेश करने की अनुमति दे रहा है।''
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बता दें कि भारत की सरकार एयर इंडिया के विमान ने अपने नागिरकों को यूक्रेन से वापस ला रही है। एअर इंडिया का एक विमान रूस के आक्रमण के चलते यूक्रेन में फंसे तकरीबन 250 भारतीयों को लेकर शनिवार (26 फरवरी) की दोपहर को बुखारेस्ट (रोमानिया की राजधानी) से मुंबई के लिए रवाना हुआ था। 250 छात्र सही सलामत स्वदेश लौट आए हैं। अधिकारियों ने जानकारी दी है कि यूक्रेन में फंसे भारतीयों को लाने के लिए यह एयर इंडिया की पहली निकासी उड़ान है।
अधिकारियों के मुताबिक जो भी भारतीय नागरिक सड़क मार्ग से यूक्रेन-रोमानिया सीमा पर पहुंचे हैं या पहुंचेंगे, उन्हें भारत सरकार के अधिकारी बुखारेस्ट ले गए ताकि उन्हें एअर इंडिया की उड़ान के जरिए स्वदेश लाया जा सके। ये काम ऐसे ही आगे भी जारी रहेगा।
एयर इंडिया के अधिकारियों के मुताबिक दूसरी निकासी उड़ान एआई1942 के 250 और भारतीय नागरिकों को लेकर रविवार तड़के दिल्ली लौटी है। अधिकारियों का कहना है कि यूक्रेन में फिलहाल करीब 20,000 भारतीय फंसे हुए हैं जिनमें ज्यादातर छात्र हैं।
अब भारत का कोई भी नागरिक अगर यूक्रेन से किसी तरह पोलैंड की सीमा तक पहुंचता है तो उसे बिना किसी वीजा के पोलैंड की सरकार उन्हें अपने देश में प्रवेश करने दे रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यूक्रेन में कई भारतीय छात्रों ने भीषण युद्ध से बचने की उम्मीद में पोलैंड सीमा की पर इकट्ठा हो गए हैं। वह वहां कड़ाके की ठंड में स्वदेशी विमान का इंतजार कर रहे हैं।
कई मीडिया रिपोर्ट में दावा किया है कि भारतीय पोलैंड सीमा पर माइनस 4 डिग्री से नीचे के तापमान में पार्कों में सोने को मजबूर हैं, उनके पास खाने का स्टॉक भी कम है। फोन की बैटरी खत्म हो रही है।












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