26 साल पहले आज ही के दिन 11 मई को वाजपेयी ने किया था ऐसा काम, जिसको देख अमेरिका भी रह गया था हक्का बक्का
Pokhran anniversary: भारत में 11 मई का दिन बहुत ही खास है। 11 मई को भारत में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस यानी नेशनल टेक्नोलॉजी डे के रूप में मनाया जाता है। आज से 26 साल पहले 11 मई 1998 को भारत रत्न और एनडीए प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने राजस्थान के पोखरण में तीन परमाणु परीक्षण करने का ऐलान किया था।
उसके बाद से ही 11 मई को नेशनल टेक्नोलॉजी डे घोषित किया गया। ये दिन 11 मई 1999 से भारत में हर साल मनाया जाता है। परमाणु परीक्षण के बाद न्यूक्लियर हथियारों वाले देशों की लिस्ट में भारत का नाम भी शामिल हो गया था।

भारत के सीक्रेट परमाणु परीक्षण से दुनियाभर के लोग रह गए थे हक्का बक्का
ये परमाणु परीक्षण इतने सीक्रेट तरीके से हुआ था कि पोखरण में आसपास के लोगों को भी इस बात की भनक नहीं थी। परमाणु परीक्षणों का नेतृत्व पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने किया था।
जब उस वक्त देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री अलट बिहारी वाजपेयी ने तीन परमाणु परीक्षण करने का ऐलान किया तो, अमेरिका, चीन, पाकिस्तान समेत दुनियाभर के देश हक्का बक्का रह गए थे।

कैसे हुआ परमाणु परीक्षण, जानें सबसे बड़ी चुनौती क्या थी?
भारत की सरकार ने इसे ''ऑपरेशन शक्ति '' का नाम दिया था। परमाणु परीक्षण करने की तैयारी के बारे में तत्कालीन प्रधानमंत्री अलट बिहारी वाजपेयी, परमाणु परीक्षणों का नेतृत्व कर रहे पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम और सेना के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को ही पता था। यहां तक की परमाणु परीक्षण होने के बाद भी इसकी जानकारी बाकी देशों को नहीं लगी थी।

भारत की सरकार के लिए ये काम उस वक्त करना बहुत चुनौतीपूर्ण था...क्योंकि अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए (CIA) सैटेलाइट कैमरे से दुनियाभर के देशों पर नजर रखता था। खासकर भारत पर नजर बनाए रखने के लिए सीआईए ने अरबों खर्च कर 4 सैटेलाइट लगाए थे। ये सैटेलाइट काफी पावरफुल थे।
डेढ़ साल में वैज्ञानिकों ने पोखरण परमाणु परीक्षण की कर ली थी तैयारी
पोखरण परमाणु परीक्षण के लिए हमारे वैज्ञानिकों को डेढ़ साल का वक्त मिला था। उस वक्त सबसी बजड़ी चुनौती थी इस मिशन की गोपनीयता को बनाए रखना। इसकी सारी तैयारियां केवल रात के दौरान की गई हैं। वो भी वैसे वक्त पर, जब अमेरिकी और अन्य देशों की सैटेलाइट प्रकाश की कमी की वजह से इमेज कैप्चर नहीं कर पाते थे। हालांकि इन चुनौतियों के बाद भी भारत के वैज्ञिनकों ने इस मिशन को सफलता से पूरा किया था।

आज इस दिन को याद करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने एक चुनावी रैली में कहा, ''26 साल पहले आज ही के दिन अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार ने पोखरण में परमाणु परीक्षण किया था। और हमनें ये दिखा दिया था कि देशभक्ति से ओत-प्रोत सरकार देशहित के लिए, देश की सुरक्षा के लिए, देश के लोगों को आशा-अपेक्षा के लिए कैसे काम करती है।''












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