केंद्रीय मंत्रियों के विदेशी दौरों पर पीएम मोदी ने चलाया चाबुक
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रियों के विदेशी दौरों पर सख्त रुख अख्तियार किया है। प्रधानमंत्री ने 12 केंद्रीय मंत्रियों के 21 विदेशी दौरे के प्रस्तावों को रद्द करके अपना सख्त रुख दिखा दिया है। पीएमओ ने 26 मई के बाद से ऐसे 21 प्रस्तावों को खारिज कर दिया जिसमें केंद्रीय मंत्रियों ने विदेशी दौरों पर जाने की अनुमति मांगी थी।

इनकी अर्जियां हुई खारिज
केंद्रीय मंत्रियों के इन विदेशी दौरों के रद्द होने की खबर एक आरटीआई के माध्यम बाहर आयी है। जिन मंत्रियों की विदेशी दौरों को रद्द किया गया है उनमें कई अहम मंत्रालयों का कार्यभार देख रहे हैं।
श्रीपद नायक-संस्कृति एवं टूरिज्म मंत्री
नजमा हेपतुल्ला- अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री
नितिन गडकरी-परिवहन मंत्री
निर्मला सीतारमण-उद्योग मंत्री
वीके सिंह- विदेशी मामलों के मंत्री
प्रकाश जावड़ेकर
श्रीप्रसाद नाईक ने अपने दो व्यक्तिगत विदेशी दौरों मकाउ और बैंकॉक की अर्जी वापस ले ली। आपको बता दें कि बाद में श्रीप्रसाद नाईक का मंत्रालय भी बदल दिया गया था। वहीं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री नजमा हेपतुल्ला के उस अमेरिकी दौरे की अर्जी को पीएमओ ने खारिज कर दिया जिसमें वह अपनी पोती की ग्रैजुएशन सेरेमनी में शामिल होने जाने वाली थी।
वहीं सभी 88 अर्जियों विदेश मंत्रालय ने मंजूरी दे दी थी। सूत्रों की मानें तो यूपीए सरकार मंत्रियों के विदेशी दौरे को मंजूरी देने में नर्म रुख अख्तियार करती थी। लेकिन सात महीनों के भीतर 21 प्रस्तावों को खारिज करना अपने आप में एक रिकॉर्ड है।
परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की भी यूके और हॉलैंड की यात्रा को मंजूरी नहीं मिली। जबकि निर्मला सीतारमण के बैंकाक में यूएन के प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरे को भी मंजूरी नहीं दी गयी। पीएमओ ने दोनों ही मंत्रियों के संबंधित मंत्रालय में चल रहे कार्य के चलते इनकी अर्जियों को रद्द कर दिया।
वहीं वीके सिंह की काइरो की यात्रा की अर्जी को खारिज कर दिया जिसमें वह फिलिस्तीन और गाजा पर कांफ्रेंस में शामिल होने जाने वाले थे।












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