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गुजरात में प्रचंड जीत के बाद पीएम मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ने को कहा।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात, हिमाचल के विधानसभा नतीजों के बाद दिल्ली स्थित भाजपा कार्यालय में पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान पीएम ने कहा, जाति, वर्ग, समुदाय और हर तरह के विभाजन से ऊपर उठकर लोगों ने भाजपा को वोट दिया है। गुजरात के इतिहास का सबसे प्रचंड जनादेश भाजपा को देकर प्रदेश के लोगों ने नया इतिहास बना दिया है। जनता जनार्दन का आशीर्वाद अभिभूत करने वाला है।मैं गुजरात, हिमाचल और दिल्ली की जनता का विनम्र भाव से आभार व्यक्त करता हूं। जहां भारतीय जनता पार्टी प्रत्यक्ष नहीं जीती, वहां भाजपा का वोट शेयर भाजपा के प्रति स्नेह का साक्षी है। पीएम मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें यहां पढ़िए

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युवाओं ने जांचा-परखा
भाजपा गुजरात के हर घर, हर परिवार का हिस्सा है। इस चुनाव में गुजरात में एक करोड़ से भी ज्याादा, ऐसे वोटर्स थे, जिन्होंने मतदान किया। लेकिन ये वो मतदाता थे, जिन्होंने कभी भी कांग्रेस के कुशासन और बुराइयों को देखा नहीं था। उन्होंने सिर्फ भाजपा की सरकार को ही देखा था। युवाओं की प्रकृति होती है कि वह हमेशा सवाल पूछते हैं, जांचते हैं, परखते हैं और उसके बाद ही किसी फैसले पर पहुंचते हैं। वह सिर्फ इसलिए किसी को वोट नहीं करते कि कोई पार्टी दशकों से, वो तभी वोट करते हैं जब उन्हें भरोसा होता है, जब उन्हें सरकार का काम प्रत्यक्ष नजर आता है। आज युवाओं ने भाजपा को प्रचंड वोट दिया है, सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इसका संदेश स्पष्ट है कि युवाओं ने हमारे काम को जांचा, परखा और उसपर भरोसा किया है। इसका मतलब यह है कि युवा भाजपा की विकास वाली राजनीति चाहते हैं। इसका मतलब है कि युवा ना तो जातिवाद के बहकावे में आते हैं और ना परिवारवाद के। उनका दिल सिर्फ विजन और विकास से जीता जा सकता है। भाजपा में विजन भी है, विकास के प्रति प्रतिबद्धता भी है।

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शार्टकट की राजनीति नहीं चलेगी
पीएम ने कहा कि देश में पिछले 8 सालों में गरीब को सशक्त करने के साथ, गरीब तक मूलभूत सुविधाओं को पहुंचाने के साथ, रोड, रेल, सोलर पॉवर प्लांट, स्टेडियम, इंटरनेट जैसी सेवा को सर्वोत्तम करने का प्रयास किया है। भारत आज यह अकांक्षा लेकर चल रहा है। हम सिर्फ घोषणा करने के लिए घोषणा नहीं करते हैं। सिर्फ 5 वर्ष के राजनीतिक नफा नुकसान को देखकर हम कोई घोषणा नहीं करते हैं। हमारी हर घोषणा के पीछे दूरगामी लक्ष्य होता है। आज देश शॉर्टकट नहीं चाहता है। देश का मतदाता आज इतना जागरूक है कि क्या उसके हित में है, क्या उसके अहित में वह अच्छी तरह से जानता है। देश का वोटर जानता है कि शॉर्टकट की राजनीति का कितना बड़ा नुकसान देश को उठाना पड़ेगा। आज देश में कोई संशय नहीं कि अगर देश रहेग, देश समृद्ध होगा तो सबकी समृद्धि तय है।

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आमदनी अठन्नी-खर्चा रुपैया
हमारे पूर्वजों के पास अनुभव का अगाध ज्ञान था। हमारे यहां कहावत है, आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपैया, अगर यह वाला रवैया होगा तो क्या होगा, इसे पड़ोस मे देख रहे हैं। देश के हर राजनीतिक दल को यह याद रखना होगा कि चुनावी हथकंडो से किसी का भला नहीं हो सकता है। आज के जनादेश में एक और संदेश है कि समाज के बीच दूरियां बढ़ाकर, राष्ट्र के सामने नई चुनौतियां खड़ी करके अपना हित साधने की कोशिश करते हैं, उन्हें स्वीकार नहीं किया जाएगा। कभी भाषा, कभी रहन सहन, कभी खान-पान की सैकड़ों वजह हो सकती है, लेकिन जुड़ने के लिए यह धरती, यह हमारा भारत एक वजह काफी है।

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देश से बड़ा कुछ नहीं
जीने के लिए और मरने के लिए इससे बड़ी वजह कोई और नहीं हो सकती है। इसलिए हमे देश प्रथम, इंडिया फर्स्ट की भावना के साथ आगे बढ़ना है। मुझे खुशी है कि आज भारत के गांव हो या शहर, गरीब हो या समृद्ध सभी की पहली पसंद भाजपा है। भाजपा को गुजरात के आदिवासी लोगों का अभूतपूर्व आशीर्वाद मिला है। एससी और एसटी की गुजरात में 40 आरक्षित सीटों में से 34 पर भाजपा ने जीत दर्ज की है। आज आदिवासी भाजपा को अपनी आवाज मान रहे हैं। आदिवासी समुदाय का भाजपा को समर्थन मिल रहा है, इस बदलाव को पूरे देश में महसूस किया जा रहा है। दशकों तक जिन आदिवासियों की आकांक्षाओं को नजरअंदाज किया गया, लेकिन देश को पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति मिली। भाजपा ने आदिवासी क्षेत्रों में विकास को रफ्तार दिया। आदिवासी लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत किया जा रहा है। आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के म्युजियम बनाकर उन्हें सम्मान दिया जा रहा है। बिरसा मुंडा के बलिदान को जनजाति दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। भाजपा आदिवासियों को मजबूत करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

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मां-बहनों, बेटियों ने क्यों दिया आशीर्वाद
हर चुनाव के बाद यह चर्चा होती है कि देश की माता-बहनें और बेटियां भाजपा पर इतना आशीर्वाद क्यों बरसाती हैं। आज देश में ऐसी सरकार है जो महिलाओं की आवश्यकताओं, आकांक्षा को समझने की कोशिश कर रही है। गांव-देहात से लेकर शहर तक, जितना भाजपा सरकार ने किया उतना पहले किसी भी सरकार ने नहीं किया है। महिलाओं के लिए भाजपा ने पिछले 70 साल की तुलना में 7-8 साल में सबसे ज्यादा काम किया है। यही वजह है जब भी चुनाव होता है तो महिलाएं ने सिर्फ कमल का बटन दबाती हैं बल्कि उनके अंदर आशीर्वाद का भाव होता है, जब बटन दबाने के साथ हम जैसे लाखों कार्यकर्ताओं के माथे पर तिलक लगा देती हैं। भाजपा की हर योजना का महिलाएं प्राण तत्व हैं। मैं इसे अपनी सरकार का सौभाग्य मानता हूं कि हमे महिलाओं के लिए इतना कुछ करने के लिए देश की जनता ने मौका दिया।

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विकसित भारत के लिए काम करना है
प्रधानमंत्री ने कहा कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास इस भावना पर आगे बढ़ते हुए हमे विकसित भारत के लिए काम करना है। हमे मिलकर एक दूसरे के साथ काम करना है। हमे विकसित भारत के संकल्प, विकसित भारत के अभियान के साथ जुड़ना है। मैं जनता जनार्दन को प्रणाम करता हूं, उनका निरंतर आशीर्वाद हमारे लिए नित्य नूतन ऊर्जा बन जाता है। जब हमे जनता जनार्दन का आशीर्वाद मिलता है तो हममे अधिक परिश्रम करने का संकल्प मिलता है। जनता जनार्दन को हम ईश्वर का रूप मानते हैं।

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इस चुनाव में बहुत जानने का अवसर मिला
पीएम ने कहा कि इस चुनाव में बहुत लोगों को जानने-पहचानने का अवसर मिल चुका है। पिछले कुछ चुनाव का विश्लेषण करना चाहिए। जो लोग खुद को न्यूट्रल कहते हैं, वह कहां खड़े होते हैं, कैसे कैसे खेल खेलते हैं, उसे जान लेना जरूरी है। उत्तराखंड की कितनी जमानतें जब्त हुई कोई चर्चा नहीं हुई। हिमाचल में कितने लोगों का बुरा हाल हुआ, जमानत जब्त हुई उनकी कोई चर्चा नहीं। इन्हें जानना चाहिए, पहचानना चाहिए कि ये भी ठेकेदार हैं। राजनीति में सेवा भाव से एक मूक सेवक की तरह काम करना अब स्वीकार नहीं किया जाता है। मुझे खुशी हो रही है कि हमारे गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल तकरीबन 2 लाख वोट से जीते हैं।

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अब जुल्म बढ़ने वाला है
हमे अपनी सहनशक्ति को बढ़ाना है, अपनी समर्थ शक्ति को बढ़ाना है, अपनी सेवा भाव का विस्तार करना है, सेवा भाव से ही जीतना है। शायद मेरे जीवन का कोई पल ऐसा नहीं गया जिसकी धज्जियां ना उड़ा दी गई हो, मेरे बाल ना नोचे गए। इसका मुझे बहुत फायदा हुआ, मैं हमेशा सतर्क रहा। मैं खुद में बदलाव लाता रहा, सीखता गया, बढ़ता गया। जिन लोगों को चारों ओर से उठाने वाले लोग होते हैं, वह सुधरते नहीं हैं। आलोचना ने हमे बहुत सिखाया है। हमे हर आलोचना में काम की चीज को ढूंढ़ना होगा। अब जुल्म बढ़ने वाला है, आप मानकर चलिए, मुझपर भी बढ़ने वाला है, आप सब पर बढ़ने वाला है। ये सहन नहीं कर पाएंगे, पचा नहीं पाएंगे, उसका जवाब यही है, हमे अपनी सहनशक्ति बढ़ानी है, हमे अपनी समझदारी बढ़ानी है। हमे अधिक से अधिक लोगों को स्वीकार करना है, उनका स्वागत करना है। सेवा, समर्पण का मार्ग हमने चुना है और आगे भी बढ़ाना है।

बड़े और कड़े फैसले लेने का दम
भाजपा को मिला जनमर्थन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ऐसे समय में आया है जब भारत अमृत काल में प्रवेश कर चुका है। यह दिखाता है कि आने वाले 25 साल सिर्फ विकास की राजनीति के हैं। भाजपा को मिला जनसमर्थन, नए भारत की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। यह भारत के युवाओं की युवा सोच का प्रकटीकरण है। गरीब, दलित, वंचित, पिछड़े, शोषित आदिवावासियों के सशक्तिकरण के लिए है। भाजपा बड़े से बड़े और कड़े से कड़े फैसले लेने का दम रखती है।

हिमाचल में 1 फीसदी के अंतर से हार जीत
हिमाचल प्रदेश में एक फीसदी के कम अंतर से हार-जीत का फैसला हुआ है। हिमाचल में कभी भी इतने कम अंतर से बदलाव नहीं हुआ है। वहां पर जब भी बदलाव हुआ है तो 5-6 या 7 फीसदी का अंतर रहा है। इसका मतलब है कि जनता ने भी भाजपा को विजयी बनाने के लिए भरसक प्रयास किया है। मैं हिमाचल की जनता को आश्वस्त करता हूं कि भाजपा भले ही एक फीसदी से पीछे रह गई, लेकिन विकास के लिए हमारी प्रतिबद्धता शत प्रतिशत रहेगी। हिमाचल से जुड़े हर विषय को हम पूरी मजबूती से उठाएंगे और केंद्र सरकार के द्वारा हिमाचल की प्रगति का जो उसका हक उसमे कभी कमी नहीं आने देंगे।

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