VIDEO: जब चीन का नाम आते ही तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजा सभागार, PM मोदी ने मुस्कुराकर पूछ लिया मजेदार सवाल
PM Narendra Modi: दिल्ली में सेमिकॉन इंडिया 2025 के मंच पर जैसे ही पीएम मोदी ने भाषण शुरू किया और बताया कि कल रात ही जापान और चीन की यात्रा करके वापस लौटा हूं। इतना सुनते ही तालियों की गड़गड़ाहट से सभागार गूंज उठा। प्रधानमंत्री मुस्कराए और मजाकिया अंदाज में कुछ ऐसा पूछ लिया जोकि अब सोशल मीडिया पर काफी पसंद किया जा रहा है।
दरअसल, जब प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार रात को अपनी जापान और चीन यात्रा समाप्त करके भारत लौटने का जिक्र करते हुए अपना संबोधन शुरू किया, तो सभागार में बैठे लोगों ने जोरदार तालियां बजाकर उनका स्वागत किया।
पीएम मोदी मुस्कराए और हल्के-फुल्के अंदाज में पूछ बैठे- 'ताली इसलिए बजा रहे हो कि मैं गया (जापान-चीन) था, या इसलिए कि वापस आ गया? बस, इतना कहना था कि पूरा हॉल ठहाकों से गूंज उठा।

भारत में पहली बार बना सेमीकंडक्टर चिप
इस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीएम मोदी को भारत में ही बना पहला सेमीकंडक्टर चिप भी भेंट किया गया। यह भारत की टेक्नोलॉजी यात्रा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
दुनिया भारत पर क्यों कर रही भरोसा?
पीएम मोदी ने कहा कि अब दुनिया भारत पर भरोसा कर रही है, मान रही है और भविष्य के सेमीकंडक्टर भारत के साथ मिलकर बनाने को तैयार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आने वाला वक्त सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में भारत का होगा।
GDP पर पीएम मोदी का जिक्र
भाषण के दौरान पीएम ने हाल ही में आए तिमाही GDP आंकड़ों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा- 'जब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता है, तब भारत ने 7.8% की ग्रोथ हासिल की है। यह उम्मीद से कहीं बेहतर है।'
'डिजाइन्ड इन इंडिया, मेड इन इंडिया' का सपना
मोदी ने आत्मविश्वास से कहा कि- 'वो दिन दूर नहीं जब पूरी दुनिया कहेगी: डिज़ाइन्ड इन इंडिया, मेड इन इंडिया और दुनिया का भरोसा भारत पर होगा।'
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान और चीन की यात्रा से भारत लौट आए हैं। इस दौरे का मुख्य मकसद क्षेत्रीय सहयोग (Regional Cooperation) बढ़ाना और एशियाई पड़ोसियों के साथ भरोसे को मजबूत करना था। जापान के साथ तकनीकी और निवेश संबंधों पर चर्चा हुई, वहीं चीन से व्यापारिक संवाद (Trade Dialogue) पर जोर दिया गया। इन बैठकों का संदेश साफ है कि भारत अपने पड़ोसियों के साथ संतुलित रिश्ते बनाकर एशिया में अपनी कूटनीतिक पकड़ (Diplomatic Influence) बढ़ाना चाहता है।
अमेरिका से टकराव के बीच रणनीतिक कदम
यह यात्रा उस समय हुई है जब अमेरिका और भारत के बीच टैरिफ (Tariff) को लेकर विवाद चल रहा है। ऐसे में मोदी का यह कदम भारत की मल्टी-अलाइनमेंट नीति की ओर इशारा करता है- यानि अमेरिका पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय जापान और चीन जैसे बड़े साझेदारों से रिश्तों को गहरा करना।












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