कांग्रेस के कर्जमाफी दांव की काट के लिए नई योजना ला रही मोदी सरकार, सीधे अकाउंट में जाएंगे पैसा
शॉर्ट हेडलाइन
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस की जीत के पीछे सबसे अहम फैक्टर रहा किसानों की कर्जमाफी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने चुनावों से पहले कर्जमाफी का ऐलान किया और तीनों राज्यों में कमलनाथ, भूपेश बघेल और अशोक गहलोत के मुख्यमंत्री बने ही कर्जमाफी कर दी गई। इस बात में कोई शक नहीं कि किसानों की कर्जमाफी अब बड़ा चुनावी मुद्दा बन चुकी है। मोदी सरकार इस बात को जानती है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी जिस प्रकार से कर्जमाफी को चुनावी हथियार बना रहे हैं, उससे स्पष्ट है कि मोदी सरकार ने अगर जल्द इसकी काट नहीं निकाली तो 2019 की बाजी हाथ से निकलना तय है। बीजेपी के हाथों से मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की सत्ता छीनने के बाद कांग्रेस का अचूक अस्त्र बन चुकी कर्जमाफी की काट के लिए मोदी सरकार तेजी से सक्रिय हो गई है। न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, मोदी सरकार एक ऐसी योजना पर काम कर रही है, जिसके तहत किसानों के अकाउंट डायरेक्ट पैसा भेजा जाएगा।

किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए सीधे अकाउंट में पैसे भेजेगी मोदी सरकार
जानकारी के मुताबिक, अगर कोई किसान अपनी फसल को एमएसपी से कम दाम पर बेचता है, तो उसके नुकसान की भरपाई सरकार करेगी और सीधे किसान के अकाउंट में पैसा पहुंच जाएगा। मतलब यह हुआ कि फसल जिस कीमत में बेची गई और एमएसपी के हिसाब से जितनी कीमत बनती है, उसके बीच के फर्क का पूरा हिस्सा सरकार भरेगी। सूत्रों के मुताबिक, अकाउंट में पैसा ट्रांसफर कराने के लिए किसान को सिर्फ वह रसीद दिखानी होगी, जिससे पता चल सकेगा कि फसल किस कीमत पर बेची गई है। खबर सिर्फ इतनी ही नहीं है, इस नई स्कीम को पिछले खरीफ सीजन से लागू करने की तैयारी चल रही है।

टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है मोदी सरकार की यह योजना
मोदी सरकार ने किसानों के खातों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। इस बात पर भी मंथन चल रहा है कि किसान जो रसीद दिखाएगा, उसकी जांच कैसे सुनिश्चित की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री कार्यालय, कृषि मंत्रालय और वित्त मंत्रालय इस योजना के संबंध बैठक कर चुके हैं। मोदी सरकार ने कुछ दिनों पहले किसानों की आय में बढ़ोतरी के लिए फसल की एमएसपी में बढ़ोतरी का ऐलान किया था, लेकिन इसका फायदा पहुंचने में थोड़ा समय लगेगा। ऐसे में यह स्कीम टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है।

750 किलो प्याज की कीमत मिली 1,064, किसान ने पीएमओ भेज दी थी राशि
कुछ दिनों पहले महाराष्ट्र के किसान ने बाजार में प्याज की बिक्री से हुई 1,064 रुपए की कमाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दी थी। किसान ने यह कदम इसलिए उठाया था ताकि सरकार को प्याज उत्पादक किसानों की जमीनी स्थिति का पता चल सके। किसान ने इस संबंध में पीएम मोदी को चिट्ठी भी लिखी थी। उन्होंने कहा, 'मैंने 750 किलो प्याज 1,064 रुपए में बेची, लेकिन राज्य सरकार के अधिकारियों ने बिना किसी पूछताछ के मेरी प्याजों में कालापन बता दिया। ये रिपोर्ट गलत है। अधिकारी आपको भ्रमित कर रहे हैं। आशा है कि आप इस बात को समझेंगे की अगर अधिकारी आप से झूठ बोल सकता है तो एक आम आदमी को सरकारी ऑफिसों में कितनी परेशानिया झेलनी पड़ती होंगी।' इस घटना से समझा जा सकता है कि मोदी सरकार नई योजना किसानों के लिए किस प्रकार बड़ी राहत लेकर आएगी।












Click it and Unblock the Notifications