पीएम मोदी ने वाणिज्य भवन की रखी आधारशिला, GDP को दोगुना करने का दिया मंत्र
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली नए वाणिज्य भवन की आधारशिला रखी। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे भरोसा कि इस भवन का निर्माण दिसंबर 2019 तक पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि तकनीक की वजह से उद्योग करने में काफी आसानी हो गई है, और आने वाले समय में यह और भी आगे बढ़ेगा। जीएसटी देश की अर्थव्यवस्था में काफी सकारात्मक बदलाव लेकर आया है।

राज्य स्तर पर काम करने की जरूरत
इस मौके पर बोलते हुए पीएम ने कहा कि इंटीग्रेटेडे लॉजिस्टिक एक्शन प्लान आज समय की मांग है और न्यू इंडिया की जरूरत है। नीतियों में बदलाव करके आज की आधुनिक तकनीक को बढ़ाकर इस लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। पीएम ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को बढ़ाने के लिए तेज गति से काम किया जा रहा है, देश के व्यापार को बढ़ाने के लिए राज्य स्तर पर काम करने की जरूरत है। उन्हें नेशनल ट्रेड पॉलिसी के साथ जोड़ने की जरूरत है।
जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट
पीएम ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भारत की उपस्थिति को बढ़ाने के लिए हमारे पारंपिक उत्पाद और बाजार को बढ़ावा देने की जरूरत है। वर्ष 2014 में मैंने 15 अगस्त को मैंने जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट का आह्वाहन किया था कि वह ऐसे प्रोडक्ट बनाए जिसमे जीरो डिफेक्ट हो, कोई हमारे सामान को रिजेक्ट नहीं करे और उसे वापस नहीं करे। जीरो इफेक्ट यानि पर्यावरण पर कोई असर नहीं पड़े। इस अभियान से मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिलेगा।
ऐसे होगी जीडीपी दोगुनी
पहले हमारे देश में सिर्फ 2 मोबाइल कंपनियां निर्माण करती थीं ,लेकिन अब 120 कंपनियां मोबाइल का भारत में निर्माण कर रही हैं, जिसकी वजह से बहुत कम कीमत में हमे बेहतर तकनीक के फोन मिल रहे हैं। पीएम ने कहा कि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार के हर विभाग को मिलकर प्रयास करना की जरूरत है। हमे यह सोचना है कि क्या हम दूसरे देश द्वारा आयात को कम किया जा सकता है, हमे आयात में 10 फीसदी की कमी देश में 3.5 लाख करोड़ रुपए की आय बढ़ा सकती है, यह देश की जीडीपी को डबल फिगर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
आयात को कम करने की जरूरत
पीएम ने कहा कि देश में 65 फीसदी इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों को बाहर से आयात करना पड़ता है, हमे इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने की जरूरत है। पिछले वर्ष इस दिशा में बहुत महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं, रेग्लयुलेटरी फ्रेमवर्क को बेहतर करने के लिए हमने तमाम कदम उठाए हैं, ताकि भारत आत्मनिर्भर बने, 21 सदी की औद्योगिक क्रांति में एक भी कदम पीछे ना रह जाए।












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