पीएम बनने के बाद मालदीव के दौरे पर जाएंगे नरेंद्र मोदी, चीन को बड़ा इशारा
नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी 30 मई को एक बार फिर से प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। इसके साथ ही उनके दूसरे कार्यकाल की शुरुआत हो जाएगी। सूत्रों की मानें तो शपथ लेने के बाद पीएम मोदी सात और आठ जून को मालदीव का दौरा कर सकते हैं। पीएम मोदी ने नवंबर में मालदीव का दौरा किया था और पद संभालने के बाद यह उनका पहला माले दौरा था। मोदी उस समय राष्ट्रपति इब्राहीम सोलेह के शपथ ग्रहण समारोह के लिए गए थे। दिल्ली में मौजूद अधिकारियों ने इस पर किसी तरह की कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। लेकिन माना जा रहा है कि अगले हफ्ते इस बारे में औपचारिक ऐलान कर दिया जाएगा।

चीन को घेरने की नीति
साल 2014 में जब मोदी ने पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी तो उस समय वह सबसे पहले भूटान के दौरे पर गए थे। उस वर्ष की ही भांति इस बार भी पीएम मोदी पहले भारत के करीबी पड़ोसी से मिलना चाहते हैं। पीएम मोदी का मालदीव दौरा एक तरह से भारत की हिंद महासागर क्षेत्र पर बनाई गई नीति का संकेत भी है। मालदीव में नई सरकार आने के बाद से भारत ने यहां पर कोस्टल रडार्स का नेटवर्क बनाने का काम फिर से शुरू कर दिया है। सोलेह से पहले मालदीव में अब्दुल्ला यामीन की सरकार थी और यामीन की सरकार चीन की नीतियों का समर्थन करने वाली सरकार थी। भारत ने पिछले कुछ माह के अंदर मालदीव के साथ सहयोग को दोगुना कर दिया है। नई सरकार आने के बाद भारत न सिर्फ मालदीव के करीब हुआ है बल्कि वह चीनी को घेरने की अपनी नीति पर फिर से वापस लौटा है। मालदीव के बाद पीएम मोदी एससीओ समिट के लिए किर्गिस्तान की राजधानी बिशकेक, फिर जून में ही वह जी-20 समिट के लिए जापान के ओसाका, अगस्त में वह फ्रांस तो सितंबर में रूस का दौरा करेंगे।












Click it and Unblock the Notifications