पीएम मोदी 5 अक्टूबर को जाएंगे हिमाचल, AIIMS बिलासपुर का करेंगे उद्घाटन, कुल्लू दशहरा में लेंगे हिस्सा
नई दिल्ली, 03 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिमाचल प्रदेश के 300 से अधिक देवी देवताओं के पूजन के उत्सव यानी अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा महोत्सव पहली बार शामिल होंगे। पीएम मोदी 5 अक्टूबर को हिमाचल के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे राज्य में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। जिसमें एम्स जैसे अस्पताल और गवर्नमेंट हाइड्रो इंजीनियरिंग जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं।

हिमाचल में अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा महोत्सव 5 से 11 अक्टूबर तक कुल्लू के ढालपुर मैदान में मनाया जाएगा। यह महोत्सव बेहद खास है। महोत्सव में यह घाटी के 300 से अधिक देवताओं का पूजन इस उत्सव में किया जाता है। त्योहार के पहले दिन, देवता अपनी अच्छी तरह से सजाई गई पालकियों में मुख्य देवता भगवान रघुनाथ जी के मंदिर में अपनी पूजा करते हैं और फिर ढालपुर मैदान के लिए प्रस्थान करते हैं।
इस बार इस ऐतिहासिक कुल्लू दशहरा समारोह में प्रधानमंत्री इस दिव्य रथ यात्रा और देवताओं की भव्य सभा के साक्षी बनेंगे। यह पहली बार होगा जब देश के प्रधान मंत्री कुल्लू दशहरा समारोह में भाग ले रहे हैं। इसके अलावा पीएम पीएम मोदी एम्स बिलासपुर के उद्घाटन करेंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर जारी एक बयान में कहा गया कि देश भर में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रधान मंत्री की दृष्टि और प्रतिबद्धता को फिर से प्रदर्शित किया जा रहा है। बिलासपुर का अस्पताल, जिसका शिलान्यास भी प्रधान मंत्री द्वारा अक्टूबर 2017 में किया गया था, अब केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं के प्रमुख के हाथों स्थापित किया जा रहा है।
एम्स बिलासपुर के उद्घाटन के अलावा पीएम मोदी पिंजौर से नालागढ़ तक राष्ट्रीय राजमार्ग-105 पर 1690 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली लगभग 31 किलोमीटर लंबी परियोजना की आधारशिला भी रखेंगे। इस फोर लेन के राष्ट्रीय राजमार्ग का लगभग 18 किलोमीटर का हिस्सा हिमाचल प्रदेश के अंतर्गत आता है और शेष हिस्सा हरियाणा में पड़ता है।
प्रधानमंत्री नालागढ़ में करीब 350 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले मेडिकल डिवाइस पार्क की आधारशिला रखेंगे। इसके लिए 800 करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। इसके बाद पीएम मोदी बंदला में गवर्नमेंट हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज का उद्घाटन करेंगे। एक बयान में कहा गया कि लगभग 140 करोड़ रुपये की लागत से कॉलेज जलविद्युत परियोजनाओं के लिए प्रशिक्षित जनशक्ति उपलब्ध कराने में मदद करेगा, जिसमें हिमाचल प्रदेश अग्रणी राज्यों में से एक है।












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