यूक्रेन पर उच्च स्तरीय बैठक, PM मोदी ने कहा-भारतीय छात्रों को निकालना प्राथमिकता
नई दिल्ली, 28 फरवरी: यूक्रेन और रूस के बीच जारी संघर्ष चलते कीव और अन्य शहरों में फंसे भारतीयों को वापस लाने की कवायद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को यहां एक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में मोदी के अलावा विदेश मंत्री एस जयशंकर, विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। यूक्रेन-रूस संघर्ष पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उच्च स्तरीय बैठक 2 घंटे से अधिक चली।
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सरकारी सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने भारतीय छात्रों की सुरक्षा और निकासी को प्राथमिकता दी। निकासी में तेजी लाने के लिए यूक्रेन के पड़ोसी देशों के साथ और ज़्यादा सहयोग बढ़ाया जाएगा। सूत्रों की मानें तो भारत सरकार ''ऑपरेशन गंगा'' के तहत 2 मार्च तक 7 और चार्टर फ्लाइट की व्यवस्था कर रही है। इनमें 2 फ्लाट का संचालन इंडिगो एयरलाइन कंपनी करेगी। बता दें कि यूक्रेन में अभी लगभग 16000 भारतीय छात्र फंसे हुए हैं।
बैठक में पीएम ने कहा कि हमारे छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें यूक्रेन से निकालना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके अलावा निकासी में तेजी लाने के लिए यूक्रेन के पड़ोसी देशों के साथ सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की गई। उधर पोलैंड के वारसॉ में भारतीय दूतावास ने पोलैंड के रास्ते यूक्रेन से निकाले जाने के इच्छुक भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी की है। भारतीय नागरिकों को पोलैंड में प्रवेश के लिए ले जाने के लिए यूक्रेन की सीमा पर शेहिनी में 28 फरवरी से दस बसों की व्यवस्था की गई है।
वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने शनिवार को पीएम मोदी से फोन किया था और उनसे राजनीतिक समर्थन मांगा था। वहीं पीएम मोदी ने यूक्रेनी प्रेसिडेंट से वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी और उन्हें जरूरी मानवीय सुविधाएं मुहैया कराने का अनुरोध भी किया था। भारत ने यह भी कहा है कि वो शांति एवं स्थिरता के लिए किसी भी सकारात्मक प्रयास के लिए तैयार है।












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