पीएम मोदी ने बनाया इतिहास, पहली बार यूपी से सबसे अधिक मंत्री
लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कैबिनेट में जिस तरह से तीन सांसदों को जगह मिली है उससे यूपी की सियासत की नजर से काफी खास माना जा रहा है। पीएम मोदी ने इस कैबिनेट विस्तार के जरिए यूपी के जाति समीकरण को साधने की कोशिश की है। यूपी में मायावती के वोट वैंक के तौर पर जाने जाने वाले दलितों पर पीएम मोदी की खास नजर है। इसी को नजर रखते हुए इस कैबिनेट विस्तार पर यूपी का काफी दबदबा देखने को मिलता है।

पीएम मोदी के कैबिनेट में ब्रांह्मण वोट बैंक को नजर रखते हुए चंदौली से महेंद्र पांडे को कैबिनेट में जगह दी गयी है। जबकि दलित वोटों को साधने के लिए शाहजहांपुर से कृष्ण राज व अपना दल की अनुप्रिया पटेल को ओबीसी और कुर्मी वोटों के लिए मिर्जापुर से कैबिनेट में शामिल किया गया है।
यहां गौर कर ने वाली बात यह है कि सभी तीनों मंत्री पहली बार संसद पहुंचे हैं और उन्हें पहली बार मंत्री बनने का भी मौका मिला है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूपी के लोगों को यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि वह लोगों के फैसले का सम्मान कर ते हैं।
यूपी से भाजपा को 71 जबकि अपना दल को 2 सीटें हासिल हुई थी। ऐसे में यूपी को प्रतिनिधित्व के मामले में कैबिनेट में आगे रखने की कोशिश की गयी है। आज हुए कैबिनेट विस्तार के साथ मोदी के कैबिनेट में यूपी से कुल 15 मंत्री हो गये हैं जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी खुद शामिल हैं। नये कैबिनेट विस्तार के बाद यूपी में सबसे अधिक मंत्री कैबिनेट में शामिल हो गये हैं। इससे पहले 15 मंत्री कभी भी केंद्रीय कैबिनेट में शामिल नहीं हुए।
- नरेंद्र मोदी
- स्मृति ईरानी
- कलराज मिश्र
- वीके सिंह
- मनोहर पर्रिकर
- राजनाथ सिंह
- मेनका गांधी
- उमा भारती
- महेश शर्मा
- साध्वी निरंजन ज्योति
- संजीव कुमार बाल्यान
- अनुप्रिया पटेल
- कृष्णा राज
- महेंद्रनाथ पांडे












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