CDS जनरल रावत को पीएम मोदी ने इस तरह से दी बधाई, बताया सर्वश्रेष्ठ ऑफिसर
नई दिल्ली। देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने बुधवार को अपनी जिम्मेदारी संभाल ली। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी ट्वीट्स के जरिए उन्हें शुभकामनाएं दीं। आपको बता दें कि इस वर्ष जब पीएम मोदी ने लाल किले से स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित किया था तो उसी समय उन्होंने सीडीएस के बारे में ऐलान किया था। पीएम मोदी ने कहा कि जनरल रावत एक बेहतरीन ऑफिसर हैं और उन्होंने देश की सेवा हमेशा एक नए उत्साह के साथ की है।
नए CDS 130 अरब भारतीयों की उम्मीद
पीएम मोदी ने बुधवार को देशवासियों को पहले नए साल की बधाई दी और फिर नए सीडीएस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। पीएम मोदी ने कहा, 'मैं खुश हूं कि एक नए साल और नए दशक की शुरुआत में भारत को पहला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत के तौर पर मिला है। मैं उन्हें उनकी नई जिम्मेदारियों के लिए बधाई देता हूं। वह एक असाधारण ऑफिसर हैं जिन्होंने हमेशा देश की सेवा एक उत्साह के साथ की है।' पीएम मोदी ने अपनी अगली ट्वीट में लिखा, '15 अगस्त 2019 को मैंने लाल किले से ऐलान किया था कि भारत के पास एक चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ होगा। यह संस्थान हमारी सेनाओं के आधुनिकीकरण में एक बड़ी जिम्मेदारी अदा करता है। साथ ही यह देश के 1.3 बिलियन लोगों की उम्मीदों का प्रतिनिधित्व भी करता है।'

डिनर पर पीएम मोदी ने जनरल को दी नई जिम्मेदारी
पीएम मोदी ने इसके साथ ही उन तमाम सैनिकों को श्रद्धांजलि भी दी जिन्होंने देश की सेवा में अपने प्राण त्याग दिए। खुद जनरल रावत को इस बात के बारे में कोई जानकारी नहीं थी कि उन्हें सीडीएस का पद दिया जाने वाला है। सूत्रों की ओर से बताया गया है कि सोमवार को जब पीएम मोदी अपने आधिकारिक निवास लोक कल्याण मार्ग पर जनरल के लिए फेयरवेल डिनर का आयोजन कर रहे थे उसी समय उन्होंने जनरल को इस बात की जानकारी दी कि वह देश के अगले सीडीएस होंगे। इस डिनर में पीएम मोदी की कैबिनेट के करीबी मंत्री और सेनाओं के दूसरे अधिकारी भी मौजूद थे। सोमवार को रात नौ बजे जनरल रावत की नियुक्ति से जुड़ी जानकारी उस समय सार्वजनिक की गई जब कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने उनके नाम पर मोहर लगा दी थी।

सरकार के निर्देशों पर करते हैं काम
सीडीएस की जिम्मेदारी संभालने से पहले जनरल बिपिन रावत वॉर मेमोरियल गए और यहां पर उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्हें साउथ ब्लॉक में तीनों सेनाओं की तरफ से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। जनरल रावत ने कहा कि सेना, वायुसेना और नौसेना हमेशा देश की सेवा में मिलकर काम करती रहेंगी। इसके अलावा उन्होंने उन आरोपों से इनकार कर दिया जिसमें सेनाओं को एक पार्टी की तरफ झुका हुआ बताया जा रहा था। जनरल रावत ने कहा, 'हम राजनीति से दूर रहते हैं। हमें सत्ता में मौजूद सरकार के निर्देशों के मुताबिक ही काम करना पड़ता है।'












Click it and Unblock the Notifications