'विपक्ष को टिप्स देने के लिए तैयार हूं', सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले PM मोदी ने क्यों कही ये बात?
PM Modi Address Nation: संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से कुछ घंटे पहले ही पूरे देश की निगाहें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन पर टिक गई है। यह संबोधन इसलिए भी खास है क्योंकि देश इस समय कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दों के बीच खड़ा है। दिल्ली धमाके से लेकर SIR विवाद तक, प्रदूषण संकट से लेकर कई बड़े बिलों तक। सिर्फ 15 दिनों का यह सत्र भले छोटा हो, लेकिन इसकी राजनीतिक और राष्ट्रीय अहमियत बेहद बड़ी है।
संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से ठीक पहले आज सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र का यह संबोधन इसलिए खास माना जा रहा है क्योंकि यह सत्र सिर्फ 15 दिनों का है, लेकिन एजेंडा बहुत बड़ा है। प्रधानमंत्री अपने संदेश में यह साफ कर सकते हैं कि सरकार इस सत्र में किन मुद्दों पर सबसे ज्यादा ध्यान देगी और किन विधेयकों को लेकर वह आगे बढ़ने वाली है।

पीएम मोदी के संबोधन की ख़ास बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा, "यह शीतकालीन सत्र महज एक रस्म नहीं है...भारत ने लोकतंत्र को जिया है। लोकतंत्र का उत्साह और जोश बार-बार इस तरह से व्यक्त हुआ है कि लोकतंत्र में विश्वास और मजबूत होता जा रहा है।"
PM नरेंद्र मोदी ने कहा, "...मैं इस विंटर सेशन में सभी पार्टियों से गुज़ारिश करता हूं कि हार का डर बहस का मैदान न बने। पब्लिक रिप्रेजेंटेटिव के तौर पर हमें देश के लोगों की ज़िम्मेदारी और उम्मीदों को बहुत बैलेंस और ज़िम्मेदारी के साथ निभाना चाहिए, साथ ही भविष्य के बारे में भी सोचना चाहिए..."
उन्होंने आगे कहा, "इस सेशन में इस बात पर फ़ोकस होना चाहिए कि यह पार्लियामेंट देश के बारे में क्या सोचती है, देश के लिए क्या करना चाहती है। इन मुद्दों पर फ़ोकस होना चाहिए। अपोज़िशन को भी अपनी ज़िम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्हें ऐसे मुद्दे उठाने चाहिए, मज़बूत मुद्दे। उन्हें हार की निराशा से उबरना चाहिए। और बदकिस्मती से, कुछ पार्टियाँ ऐसी हैं जो हार को पचा नहीं पा रही हैं। और मैं सोच रहा था कि बिहार के रिज़ल्ट आए इतना समय हो गया है, तो शायद वे थोड़ा शांत हो गए होंगे। लेकिन कल जो मैंने सुना, उससे लगता है कि हार ने उन्हें परेशान कर दिया है..."
PM नरेंद्र मोदी ने कहा, "पॉलिटिक्स में नेगेटिविटी काम की हो सकती है। लेकिन आखिर में, देश बनाने के लिए कुछ पॉजिटिव सोच भी होनी चाहिए। मैं आपसे उम्मीद करता हूं कि आप नेगेटिविटी को लिमिट में रखें और देश बनाने पर फोकस करें।"
उन्होंने आगे कहा, "यह विंटर सेशन एक और वजह से भी ज़रूरी है। हमारे नए चेयरमैन हमारे अपर हाउस को गाइडेंस देंगे। मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं। GST रिफॉर्म्स ने देशवासियों में सम्मान का माहौल बनाया है। इस सेशन में भी उस दिशा में बहुत काम होगा..."
सेशन से पहले मीडिया को संबोधित करते हुए, PM मोदी ने पहले भी सदन की कार्यवाही में रुकावट डालने के लिए विपक्ष की चालों पर तंज किया और कहा कि MPs को अब "अपनी स्ट्रैटेजी बदलनी चाहिए"। प्रधानमंत्री ने कहा, "विपक्ष पिछले 10 सालों से जो खेल खेल रहा है, वह अब लोगों को मंज़ूर नहीं है। उन्हें अपनी स्ट्रैटेजी बदलनी चाहिए। मैं उन्हें कुछ टिप्स देने के लिए तैयार हूं।"
सरकार और विपक्ष आमने-सामने, लेकिन जनता को होगा सीधा संदेश
सत्र शुरू होते ही कई मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव की संभावना है।
- प्रधानमंत्री के संबोधन से यह अंदाजा लगाया जा सकेगा कि सरकार विपक्ष से किस तरह के सहयोग की उम्मीद रखती है।
- जनता को भी यह पता चलेगा कि इस बार सरकार किन विषयों को सबसे ज्यादा महत्व देने जा रही है।
15 दिन का छोटा लेकिन बेहद अहम सत्र
यह शीतकालीन सत्र समय में छोटा जरूर है, लेकिन इसमें होने वाली बहसें और फैसले देश की दिशा तय कर सकते हैं। आज सुबह 10 बजे प्रधानमंत्री का संबोधन यह दिखाएगा कि सरकार इस सत्र को किस तरह आगे बढ़ाने वाली है और किन मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी।
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