PMFBY: पीएम फसल बीमा योजना से जुड़ेंगे बिहार-झारखंड! क्या बदले हैं नियम? कितने राज्य ले रहे लाभ
PM Fasal Bima Yojana: बिहार और झारखंड जैसे राज्यों ने एक समय प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) को यह कहकर खारिज कर दिया था कि इससे किसानों की बजाय बीमा कंपनियों को फायदा मिलता है। लेकिन अब केंद्र सरकार ने योजना में ऐसे सुधार किए हैं, जिससे इसकी विश्वसनीयता और प्रभावशीलता दोनों बढ़ी हैं। कई राज्य जो योजना से बाहर थे, अब फिर से जुड़ने को तैयार दिख रहे हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) क्या है?
PMFBY एक केंद्र सरकार की योजना है, जो किसानों को फसल के नुकसान पर बीमा कवरेज देती है। इसमें बुआई से लेकर कटाई तक अगर प्राकृतिक आपदा से फसल खराब हो जाती है, तो बीमा के ज़रिए नुकसान की भरपाई होती है।

फसल बीमा योजना से कौन-कौन से राज्य फिलहाल बाहर हैं?
बिहार, झारखंड और कुछ अन्य राज्य व केंद्र शासित प्रदेश इस योजना से बाहर हैं। बिहार ने 2018 में योजना को बंद कर अपनी मुख्यमंत्री फसल सहायता योजना शुरू की थी।
क्या बिहार और झारखंड फिर से योजना में शामिल हो सकते हैं?
जी हां, केंद्र सरकार और बिहार के बीच तीन दौर की बातचीत हो चुकी है। दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट के मुताबिक कृषि सचिव के अनुसार, बातचीत सकारात्मक है और संभावना है कि बिहार अगली फसल से योजना को फिर से अपना लेगा। झारखंड के साथ भी बातचीत चल रही है।
कितने राज्य इस योजना का लाभ ले रहे हैं?
वर्तमान में 27 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़े हैं।
इस योजना में हाल ही में क्या बड़े सुधार हुए हैं?
- क्लेम प्रोसेस तेज हुआ है- बीमा कंपनी को अब सर्वे के डेटा मिलने के 3 हफ्ते में भुगतान करना होगा।
- देर से भुगतान पर सजा- 1 महीने से ज्यादा देर पर 12% ब्याज सहित भुगतान देना होगा।
- केंद्र ने राज्यों के हिस्से की देरी खत्म की- अब केंद्र पहले से अपनी तरफ की राशि जारी कर रहा है।
पहले भुगतान में कितनी देरी होती थी?
पहले कम से कम 2 महीने लग जाते थे। लेकिन अब इसे 3 हफ्तों में निपटाने की बाध्यता तय की गई है।
किसानों को शिकायत कहां करनी चाहिए?
- टोल-फ्री नंबर: 14447
- WhatsApp चैट सपोर्ट: 7065514447
2025-26 के लिए केंद्र सरकार ने कितना बजट तय किया है?
केंद्र सरकार ने ₹69,515.71 करोड़ का बजट फसल बीमा योजना के लिए तय किया गया है।












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