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क्‍या है PM, CM और मंत्रियों को हटाने संबंधी विधेयक? जिसे अमित शाह ने लोकसभा में पेश किया

Constitution Amendment Bill: मोदी सरकार राजनीति में बढ़ते अपराधीकरण पर लगाम लगाने की तैयारी में है। बुधवार को लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इससे संबधित 130वां संविधान संशोधन विधेयक पेश किया। इसके बाद ये संशोधन विधेयक संसद की संयुक्त समिति को भेजा दिया गया है।

इन विधेयक का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों को लेकर एक कानूनी स्‍ट्रक्‍चर तैयार करना है। सरकार द्वारा 130वां संविधान विधेयक को लाने का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निर्वाचित प्रतिनिधि नागरिकों की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करें। उनसे यह अपेक्षा की जाती है कि वे राजनीतिक हितों से ऊपर उठकर जनहित और लोगों के कल्याण के लिए कार्य करें। जानिए आखिर इस विधेयक में क्‍या-क्‍या है प्रवाधान?

amit shah

30 दिन तक हिरासत में रहा तो छिन जाएंगी कुर्सी

इस प्रस्तावित विधेयक में एक महत्वपूर्ण प्रावधान है, यदि कोई मंत्री या माननीय 5 साल या उससे अधिक की सजा वाले गंभीर अपराध में अरेस्‍ट होता है और 30 दिनों से अधिक समय तक हिरासत में रहता है, तो 30 वें दिन उसे पद से हटाया जा सकेगा। उसका पद तत्काल समाप्त हो जाएगा। यह नियम प्रधानमंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों पर भी लागू होगा।

किसे पद से हटाने का होगा अधिकार?

इस स्थिति में, प्रधानमंत्री राष्ट्रपति से ऐसे मंत्री को हटाने की सिफारिश कर सकते हैं। यदि ऐसी सिफारिश नहीं मिलती है, तो वह मंत्री स्वतः ही अपने पद से हट जाएगा। यह प्रावधान प्रधानमंत्री के पद पर भी लागू होगा। यदि वे गिरफ्तारी के 31वें दिन तक इस्तीफा नहीं देते हैं, तो वे स्वतः प्रधानमंत्री पद से हट जाएंगे।

क्‍या दोबारा पीएम, सीएम या मंत्री नियुक्‍त करने पर रोक होगी?

हालांकि, बाद में राष्ट्रपति द्वारा उन्हें पुनः प्रधानमंत्री या मंत्री नियुक्त करने पर कोई रोक नहीं होगी। यही नियम राज्यों के मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों पर भी प्रभावी होगा। मंत्रियों के पद पर रहते हुए उनका चरित्र और आचरण हर संदेह से परे होना चाहिए। गंभीर आपराधिक मामलों में गिरफ्तार या हिरासत में रखा गया मंत्री संवैधानिक नैतिकता और सुशासन के सिद्धांतों को बाधित कर सकता है, जिससे लोगों का उन पर विश्वास कम हो सकता है।

वर्तमान समय में क्‍या है प्रवाधान?

वर्तमान संविधान में ऐसे किसी मंत्री को हटाने का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है जो गंभीर आपराधिक मामले में गिरफ्तार या हिरासत में रहा हो। इसी कमी को दूर करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 75, 164 और 239AA में संशोधन का प्रस्ताव किया गया है।

ये तीन बिल लाेकसभा में पेश

गौरतलब है कि संसदीय कार्य मंत्रालय ने 20 अगस्त के लिए लोकसभा सचिवालय के साथ साझा की गई सरकारी कामकाज की सूची में तीन महत्वपूर्ण विधेयक शामिल किए हैं।

  • संविधान (130वां संशोधन) विधेयक2025
  • केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025
  • जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025
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