PFI की तुर्की से दोस्ती ! संदिग्ध Terror Module का भंडाफोड़, जांच के लिए स्पेशल टीम का गठन
पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के तार तुर्की से जुड़े हैं। बिहार पुलिस को ये जानकारी मिली है। पटना में संदिग्ध टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ है। जांच के लिए स्पेशल टीम बनाई गई है।
पटना, 14 जुलाई : पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया और तुर्की (PFI Turkey friendship) की दोस्ती और भारत के खिलाफ साजिश की बात सामने आई है। बिहार पुलिस को कुछ ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिसमें कहा गया है कि भारत में 2047 तक 'इस्लामिक सरकार' बनाने की बात कही गई है। PFI के इंडिया विजन 2047 दस्तावेज में कहा गया है कि तुर्की के साथ अच्छी दोस्ती है। कुछ अन्य इस्लामिक देशों के साथ भी संबंध मजबूत करने की बात कही गई है।

जांच के लिए स्पेशल टीम का गठन
दरअसल, बिहार की राजधानी पटना में 13 जुलाई को संदिग्ध टेरर मॉड्यूल के भंडाफोड़ के बाद 26 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बिहार पुलिस के एडीजी जेएस गंगवार ने बताया है कि पीएफआई के संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल मामले की जांच के लिए स्पेशल टीमों का गठन किया गया है।
PFI से जुड़े सामान बरामद
बिहार में संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ मामले की जांच के लिए विशेष टीमों के गठन के बारे में अतिरिक्त महानिदेशक (मुख्यालय) जेएस गंगवार ने गुरुवार को कहा, पटना में एक मामला दर्ज किया गया है। पुलिस की अलग-अलग टीमें गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं। उनके कब्जे से पोस्टर बैनर, पीएफआई दस्तावेज, मोबाइल फोन आदि जैसे सामान बरामद किए गए है। उन्होंने कहा, "हम सबूतों के आधार पर कार्रवाई करेंगे। हम अपनी जांच के अनुसार सभी आयामों पर काम करेंगे। हम पटना पुलिस के साथ समन्वय कर रहे हैं।"
क्या पीएम मोदी के दौरे से कनेक्शन ?
बकौल गंगवार, PFI के संभावित लक्ष्यों के बारे में जांच के बाद ही कहा जा सकता है। उनकी भविष्य की योजनाओं के बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। जांच चल रही है। एक विशेष टीम का गठन किया गया है। पुलिस अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 जुलाई को पटना दौरे के ठीक बाद हुई गिरफ्तार के संबंध में कहा कि प्रधानमंत्री के दौरे से क्या कनेक्शन है ? इस बारे में लोगों की मंशा पूछताछ के बाद साफ हो सकती है।
26 लोगों पर FIR, 3 गिरफ्तार
गंगवार ने बताया कि गिरफ्तार लोगों पर भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होने, समुदायों के बीच नफरत फैलाने और साजिश रचने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। कुल 26 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिनमें से 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
PFI को बैन करने की मांग, पूर्व गवर्नर ने बताया 'बड़ा खतरा'
यह भी गौर करने वाली बात है कि गृह मंत्रालय से PFI पर बैन लगाने की अपील की जा रही है, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अभी तक इस संबंध में कोई फैसला नहीं लिया है। नगालैंड में राज्यपाल के रूप में काम कर चुके आरएन रवि भी PFI को बड़ा खतरा बता चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पीएफआई की गतिविधियों को देश के लिए खतरा बताते हुए भाजपा ने गृह मंत्री से इसे बैन करने की मांग की है। हालांकि, अप्रैल 2022 की रिपोर्ट्स में गृह मंत्रालय की ओर से PFI को बैन करने की अटकलों का खंडन किया गया था।
तेलंगाना में पकड़े गए PFI के लोगों ने क्या कहा ?
बता दें कि जून के पहले हफ्ते में तेलंगाना में तीन पीएफआई कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद भाजपा के मुख्य प्रवक्ता के कृष्णसागर राव ने कहा था, गिरफ्तार संदिग्धों ने पुलिस के सामने कबूल किया है कि पीएफआई का एजेंडा इस देश की धार्मिक सद्भाव और सामाजिक अखंडता के लिए बेहद अस्थिर और खतरनाक है। ये कट्टरपंथी स्वीकार करते हैं कि सैकड़ों युवाओं को हिंदू समुदाय के खिलाफ ट्रेनिंग दी जा रही है। यह समाज को अस्थिर करने की गंभीर साजिश है। PFI को बैन करना चाहिए।












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