'30 प्रतिशत लोगों को कोरोना टीके का साइट इफेक्ट', AstraZeneca के बाद Covaxin को लेकर बड़ा दावा
ब्रिटेन की फार्मास्युटिकल कंपनी एस्ट्राजेनेका के अदालत में कोविड टीके साइड इफेक्ट्स को स्वीकार करने के बाद एक और स्टडी में अब कोवैक्सीन को लेकर बड़ा दावा किया गया है। अध्ययन का दावा है कि कोवैक्सिन लेने वाले 30 प्रतिशत से अधिक लोगों को एक साल के बाद स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
कोवैक्सीन से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को लेकर ताजा शोध बीएचयू के शोधकर्ताओं की एक टीम ने किया। एक्सपर्ट्स ने शोध में दावा किया कि भारत बायोटेक के एंटी-कोविड वैक्सीन कोवाक्सिन प्राप्त करने वाले लगभग एक-तिहाई व्यक्तियों ने 'विशेष रुचि की प्रतिकूल घटनाओं' या AESI की सूचना दी है।

स्टडी में 635 किशोरों और 291 वयस्कों को शामिल किया गया, जिन्हें कोविशील्ड को कोवैक्सीन डोज दी गई। अध्ययन में भाग लेने वाले 926 प्रतिभागियों में से लगभग 50 प्रतिशत ने अनुवर्ती अवधि के दौरान संक्रमण की शिकायत की। इसमें सांस से संबंधिन समस्याओं को मरीजों को शामिल किया गया।
स्टडी में शामिल किए गए लोगों को एईएसआई की समस्याएं थीं, जिसमें स्ट्रोक और गुइलेन-बैरी सिंड्रोम के संक्रमण शामिल हैं। रिसर्च में दावा है कि 30% से अधिक कोवैक्सिन लेने वालों को एक साल के बाद स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
अध्ययन में कहा गया है कि कोवैक्सिन की दो खुराक लेने वाले वयस्कों की तुलना में तीन खुराक प्राप्त करने वाले वयस्कों और बीबीवी152 की एक खुराक प्राप्त करने वाले वयस्कों में एईएसआई का जोखिम क्रमशः चार और दो गुना अधिक था। यह अध्ययन जनवरी 2022 से अगस्त 2023 तक किया गया। स्टडी में कहा गया, "लगभग एक तिहाई व्यक्तियों में एईएसआई विकसित हुआ। टीका प्राप्त करने के बाद किशोरों में नई शुरुआत वाली त्वचा और चमड़े के नीचे के विकार, सामान्य विकार और तंत्रिका तंत्र में तीन प्रकार की समस्याएं आम तौर पर पाई गईं।"
वहीं इससे पहले कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड को लेकर भी ऐसा ही दावा किया गया। जर्नल स्प्रिंगर नेचर में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, कोविड टीका रक्त के थक्के जमने और प्लेटलेट काउंट कम होने के दुर्लभ दुष्प्रभाव पैदा कर सकता है।
यह शोध जर्नल स्प्रिंगर नेचर में प्रकाशित किया गया है। जिसमें दावा किया गया कि जिन लोगों को शोध में शामिल किया गया उनमें 10.5 प्रतिश त्वचा और चमड़े विकार, 10.2 प्रतिशत सामान्य विकार, 4.7 प्रतिशत तंत्रिका तंत्र विकार आम एईएसआई थे। जबकि 8.9 प्रतिशत को सामान्य विकार, 5.8 प्रतिशत को मस्कुलोस्केलेटल की समस्या और 5.5 प्रतिशत वयस्कों में तंत्रिका तंत्र की समस्या पाई गई।
इसके अलावा 4.6 प्रतिशत महिला प्रतिभागियों में मासिक धर्म संबंधी असामान्यताएं देखी गईं। स्टडी में दावा किया गया कि 2.7 प्रतिशत और 0.6 प्रतिशत प्रतिभागियों में नेत्र संबंधी असामान्यताएं और हाइपोथायरायडिज्म देखा गया। वयस्कों में चार मौतें दर्ज की गईं जिसमें तीन महिलाएं, एक पुरुष की मौत शामिल है। जिनकी मौत हुई उन चारों को डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर की समस्या। मृतकों से दो ऐसे थी, जिन्हें टीका लगने से पहले एक बार कोरोना का संक्रमण हो चुका था।












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