बढ़ रहा है सेक्स टॉय-सेक्स डॉल का ट्रेंड, दूल्हा-दुल्हन को मिल रहे हैं गिफ्ट

अब हमारे देश में भी सेक्स टॉयज का चलन तेजी से बढ़ रहा है। सेक्स टॉय अब दूल्हा-दुल्हन को गिफ्ट में दिए जा रहे हैं।

नई दिल्ली। शादियों का मौसम है जाहिर है दूल्हा-दुल्हन के लिए गिफ्टस खरीदना होगा। हम गिफ्ट के तौर दूल्हा दुलहन के इस्तेमाल की चीज देने की कोशिश करते है। अगर आपसे ये कहा जाए कि दूल्हा-दुल्हन को गिफ्ट के तौर पर सेक्स टॉयज दिए जा रहे है, शायद आपको भरोसा ना हो लेकिन हम आपको पक्की जानकारी दे रहे है। अब हमारे देश में भी सेक्स टॉयज कहिए या सेक्स डॉल का चलन तेजी से बढ़ रहा है। सेक्स टॉय अब दूल्हा- दुल्हन को गिफ्ट में दिए जा रहे है।

गुजरात की शादियों में गिफ्ट के तौर पर दिए जा रहे है सेक्स टॉयज

गुजरात की शादियों में गिफ्ट के तौर पर दिए जा रहे है सेक्स टॉयज

हम बात कर रहें है गुजरात की, जहां पर शादियों में दूल्हे और दुल्हन को गिफ्ट के तौर पर अडल्ट्स गेम्स, सेक्स टॉयज आदि दिए जा रहें है। दरअसल में एक वेबसाइट के अनुसार गिफ्ट में आजकल लोग इन्ही चीज़ों को देना पसंद कर रहे है। सेक्स टॉयज को डिलिवर करने वाली वेबसाइट thatpersonal.com के सीईओ समीर सरैया के मुताबिक गिफ्ट में ग्राहक अक्सर एक लाख तक के अडल्ट प्रोडक्ट ही खरीदते है। इनमे सबसे ज्यादा खरीदे जाने वाले प्रोडक्ट Erotic Lingerie,ऑयल्स, जेल और बॉडी पेंट रहें है। सरैया के मुताबिक लोग अब बेझिझक सेक्स टॉय खरीद रहे है और
गिफ्ट भी कर रहे हैं।

सेक्स लाइफ को स्पाइसी बनाने की चाहत

सेक्स लाइफ को स्पाइसी बनाने की चाहत

एक सर्वे के मुताबिक भारत में भी युवा अपने सेक्स लाइफ को स्पाइसी बनाना चाहते है। यही वजह है कि यहां भी सेक्स टॉयज की डिमांड बढ़ रही है। जिस मुल्क की करीब 50 फीसदी आबादी की उम्र 25 साल से कम है, वहां कंडोम और सेक्स टॉयज की मांग स्वाभाविक है. लेकिन रूढ़िवादी और परंपराओं का पालन करने वाले इस देश के युवाओं की झिझक को दूर करने के लिए ई-कॉमर्स के उद्यमियों ने नया रास्ता खोल दिया है. ऑनलाइन एडल्ट स्टोर्स पर कोई भी व्यक्ति यौन संबंधों को रंगीन बनाने वाले विदेशी सामान खरीद सकता है।

 रिलेशनशिप का जायका रहे बरकरार

रिलेशनशिप का जायका रहे बरकरार

कहा जाता है कि रिश्तों में मिठास और ताजगी पैदा करने के लिए हमेशा कुछ नया किया जाना जरूरी है. अक्सर भारतीय जोड़े या लोग इस बात को भूल जाते हैं. एक समय बाद रिलेशनशिप का जायका बिगड़ने लगता है और फिर ऐसा दौर आता है, जब रिश्ता बोझ लगता है और उसमें दरार पड़ जाती है. विशेषज्ञों के मुताबिक, इन हालात से बचने के लिए नयापन या ऐक्सपेरिमेंट काम करता है.झिझक और जिंदगी में नएपन की चाहत सिर्फ महानगरों तक ही सीमित नहीं है. इस तरह के लगभग दर्जनभर स्टोर्स ऑनलाइन कारोबार कर रहे हैं जो सेक्सुअल वेलनेस और सेक्स टॉयज जैसे प्रोडक्ट बेच रहे हैं, टियर 2 और 3 शहरों के लोग भी इस तरह की वेबसाइट्स के नियमित ग्राहक बन रहे हैं।

सेक्स टॉयज की खरीदारी में दिल्ली अव्वल

सेक्स टॉयज की खरीदारी में दिल्ली अव्वल

अगर वेबसाइट्स के आंकड़ों पर यकीन करें तो सेक्स टॉयज की खरीदारी के मामले में दिल्ली अव्वल है और उसके बाद मुंबई, बंगलुरू, अहमदाबाद और चेन्नै का नंबर आता है. हालांकि उत्तर भारत के देहरादून, बरेली, मुरादाबाद, गाजियाबाद और जयपुर जैसे टियर-2 शहरों से भी ऑर्डर मिलते हैं. इसके अलावा मणिपाल और पुणे जैसे छात्र बहुल इलाकों को हॉट स्पॉट बताया जाता है।

कनॉट प्लेस के पालिका बाजार में सेक्स टॉयज का काला कारोबार होता है

कनॉट प्लेस के पालिका बाजार में सेक्स टॉयज का काला कारोबार होता है

कनॉट प्लेस के पालिका बाजार में सेक्स टॉयज का काला कारोबार होता है। अगर आप सेक्स टॉय या डॉल लेना चाहते है तो कीमत चुकाइए बेखटके ले जाइए। कोई डर, कोई रोकटोक या हिचक नहीं। आपको लड़कों के लिए ये टॉयज चाहिए या लड़कियों के लिए। कोई खास अंग चाहिए या पूरी की पूरी डॉल, सब उपलब्ध है। दाम दो हजार से लेकर 17 हजार तक। हालांकि पर्दा इतना कि पैसा देने के बाद ही ‘माल'दिखाने की शर्त है। यानी इस मामले में कोई समझौता नहीं।

पुरुषों के बीच बढ़ रहा है सेक्स टॉय का इस्तेमाल

पुरुषों के बीच बढ़ रहा है सेक्स टॉय का इस्तेमाल

अपनी कामवासना को शांत करने के लिए महिलाओं और पुरुषों दोनों के बीच ही सेक्स टॉयज का चलन काफी बढ़ गया है। इन दिनों पुरुषों के बीच सेक्स डॉल का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इन्हें लव डॉल्स भी कहा जाता है। ये बिल्कुल रियल लगती हैं। एक नजर में कोई भी इन्हें देखकर इनके असली होने का धोखा खा सकता है। इनके प्राइवेट पार्ट्स भी बिल्कुल असली जैसे ही बने होते हैं। कुछ सेक्स डॉल्स तो इलेक्ट्रानिक होती हैं इनके साथ सेक्स करते वक्त बाकायदा आवाज भी आती है जिससे आनंद दोगुना हो जाता है।

सेक्स डॉल का सदियो से हो रहा है इस्तेमाल

सेक्स डॉल का सदियो से हो रहा है इस्तेमाल

सेक्स डॉल का कांसेप्ट बहुत पुराना है 17 वीं शताब्दी में अपनी महिलाओं से दूर रहने वाले पुरुष अपनी कामोत्तेजना को शांत करने के लिए रबर की डॉल की इस्तेमाल करते थे। माना जाता है फ्रांसीसी नाविकों ने पहली बार इसका इस्तेमाल किया था। 1904 में इसके मॉडल का पटेंट कराया गया। इतना ही नहीं द्वितीय विश्व युद्ध के समय सिपाहियों के लिए सेक्स डॉल्स बनवाई गई थी। इन्हें सिलिकॉन से तैयार किया जाता है। इन्हें छूने पर बिल्कुल इंसानी चमड़ी जैसा एहसास होता है। ब्रिटेन और अमेरिका समेत कई पश्चिमी देशों में इन डॉल्स का इस्तेमाल खूब किया जाता है। महिलाएं भी इन सेक्स टाएज का इस्तेमाल करने में पीछे नहीं हैं। हालांकि अब भी कई लोग इन्हें खरीदने में संकोच करते हैं।सेक्स टॉयस और डॉल्स का चलन कई देशों में है।

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