Sansad me aaj kya Hua: संविधान की 75वीं वर्षगांठ पर विशेष चर्चा, हंगामे के चलते कार्यवाही स्थगित
Parliament Winter Session Highlights: संसद के शीतकालीन सत्र में शुक्रवार को दिन बेहद खास रहा। आज लोकसभा में दोपहर 12 बजे से भारतीय संविधान पर विशेष बहस शुरू हुई। यह चर्चा शनिवार शाम तक चलेगी। इसे भारत के संविधान को अपनाने की 75वीं वर्षगांठ का प्रतीक है। इसे लेकर हाल ही संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और अन्य दलों के नेताओं के बीच बैठक में सहमति बनी थी। वहीं, राज्यसभा में शुक्रवार को सभापति जगदीप धनखड़ और नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच तीखी बहस हो गई।
राज्यसभा: जगदीप धनखड़ vs मल्लिकार्जुन खड़गे
राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही विपक्ष लगातार हंगामा करता था, जिस सभापति जगदीप धनखड़ भड़क गए और बोले कि 'मैं किसान का बेटा हूं। मैंने बहुत बर्दाश्त किया है। आपने क्या किया? आपने संविधान की धज्जियां उड़ा कर रख दी। आप मुझे समय बता दीजिए, मैं चर्चा के लिए तैयार हूं।'

राज्यसभा में सभापति जगदीप धनखड़ का यह अंदाज देख मल्लिकार्जुन खड़गे भी बोलने से खुद को नहीं रोक पाए। कहा कि 'आप किसान के बेटे हैं तो मैं भी मजदूर का बेटा हूं। मेरे पिता मेहनत करके लाते थे। आप सदन को परपंरा से चलाइए।' हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही ज्यादा देर तक नहीं चल सकी। सभापति धनखड़ ने सदन की कार्यवाही 16 दिसंबर सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
लोकसभा: संविधान पर बहस, किसने क्या बोला?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह: लोकसभा में संविधान पर बहस की शुरुआत करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि 'हम भारत के लोगों ने 26 नवंबर 1949 को संविधान अपनाया। संविधान अपनाने के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मैं इस सदन और देश के सभी नागरिकों को हार्दिक बधाई देता हूं। मैं कह सकता हूं कि हमारा संविधान सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक जीवन के सभी पहलुओं को छूकर राष्ट्र निर्माण का मार्ग प्रशस्त करता है।'
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत का संविधान किसी एक पार्टी की देन नहीं है। संविधान निर्माण के काम को हमेशा एक विशेष पार्टी द्वारा हाईजैक करने का प्रयास किया गया है। आज मैं चाहता हूं कि यह स्पष्ट करें, कि हमारा संविधान किसी एक पार्टी की देन नहीं है, भारत का संविधान भारत के लोगों द्वारा, भारत के मूल्यों के अनुरूप बनाया गया है।

मल्लिकार्जुन खड़गे: राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि ''सभापति एक अंपायर हैं और उन्हें किसी का पक्ष नहीं लेना चाहिए। सदन के नेता जेपी नड्डा जब बोलते हैं तो उन्हें 5-10 मिनट का समय मिलता है। दूसरी ओर, हम बोलने का मौका पाने के लिए अपने हाथ ऊपर रखते हैं और हमारे माइक बंद कर दिए जाते हैं। (अविश्वास प्रस्ताव) पर हस्ताक्षर करने वाला मैं अकेला नहीं हूं...अगर केवल मुझे ही दोषी ठहराया जा रहा है तो यह अनुचित है...। सत्ताधारी दल सदन को स्थगित कराने के लिए तैयार होकर आता है... मैं अपने आत्मसम्मान और संवैधानिक तौर पर जिसके हम हकदार हैं उसके लिए लड़ता रहूंगा...।
प्रियंका गांधी वाड्रा: केरल के वायनाड से पहली बार सांसद चुनकर आईं प्रियंका गांधी ने संसद में भारतीय संविधान को अपनाने की 75वीं वर्षगांठ पर चर्चा के दौरान बोलते हुए ''संभल जामा मस्जिद हिंसा में मारे गए परिवार की पीड़ा बयां की। साथ ही भाजपा से यह भी कहा कि जिसका नाम लेकर आप कभी बोलने से कतराते हैं, कभी धाराप्रवाह बोलने से खुद को बचाने के लिए इस्तेमाल करते हैं - उसने HAL, BHEL, SAIL, GAIL, ONGC, एनटीपीसी, रेलवे, आईआईटी, आईआईएम, ऑयल रिफाइनरीज और कई पीएसयू। उनका नाम किताबों से मिटाया जा सकता है, भाषणों से मिटाया जा सकता है, लेकिन इस देश की आजादी में, इस देश के निर्माण में उनकी भूमिका को कभी नहीं मिटाया जा सकता राष्ट्र।"

अखिलेश यादव: लोकसभा में सपा चीफ अखिलेश यादव ने कहा कि ''हमें विविधता में एकता पर गर्व है। हमारे जैसे लोग और कमजोर लोग और खासकर पीडीए के लोगों के लिए संविधान जन्म मरण का विषय है। यह संविधान वंचित लोगों को अधिकार दिलाने के लिए है। संविधान देश की प्राण वायु है। संविधान की प्रस्तावना संविधान का निचोड़ है।
जब तक आर्थिक असमानताएं खत्म नहीं होंगी, लोगों को राजनीतिक न्याय नहीं मिलेगा। अन्याय के खिलाफ बोलने पर लोगों को जेल में डाल दिया जाता है। अभिव्यक्ति के अधिकार का मतलब देशद्रोह है। अलग धर्म, आप अत्याचार के पात्र हैं। अब पूजा को लेकर भी मुद्दे हैं क्योंकि जो तत्व हर मस्जिद के नीचे एक मंदिर की तलाश में हैं वे नहीं चाहते कि इस देश में शांति हो। मैं सुप्रीम को धन्यवाद देना चाहता हूं कौरी ने एक आदेश पारित किया कि कुछ दिनों के लिए इस पर रोक लगा दी गई है।"
मनोज तिवारी: लोकसभा में भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि "सबसे खास बात यह रही कि हमने प्रियंका गांधी वाड्रा का भाषण बहुत ध्यान से सुना। हमारे सभी सांसद उनका बहुत सम्मान करते थे। वह (प्रियंका गांधी) शायद अनजाने में हिमाचल प्रदेश सरकार के बारे में बहुत कुछ बुरा कहा। देश की जनता कायरों को हटा देती है, जो सही है क्योंकि देश की जनता ने कांग्रेस को हटा दिया है...उनकी चर्चा संविधान से अलग थी।"












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