Parliament Today Budget Session: बजट सत्र के बीच विपक्ष की बड़ी बैठक आज, संसद में क्या-क्या रहेगा खास?
Parliament Today Budget Season: संसद के बजट सत्र के दौरान लगातार जारी गतिरोध के बीच आज विपक्षी दलों की अहम बैठक होने जा रही है। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यालय में सुबह 10 बजे विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर्स की बैठक बुलाई गई है।
इस बैठक का मकसद संसद में बने मौजूदा हालात पर चर्चा करना और बजट सत्र के शेष दिनों के लिए विपक्ष की संयुक्त रणनीति तय करना है।

जानिए आज राज्यसभा और लोकसभा में प्रश्नकाल से लेकर विपक्ष की बैठक तक क्या-क्या बहस का रहेगा अजेंडा...
Opposition Meeting Today: संसद में गतिरोध के बीच बैठक
बीते कुछ दिनों से संसद के दोनों सदनों में कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है। विपक्ष सरकार पर अहम मुद्दों से ध्यान भटकाने और जवाब देने से बचने का आरोप लगा रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि विपक्ष जानबूझकर सदन नहीं चलने दे रहा। इसी राजनीतिक टकराव के बीच यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है। माना जा रहा है कि इसमें सरकार को घेरने के लिए साझा मुद्दे तय किए जाएंगे और सदन के भीतर तथा बाहर विपक्ष की रणनीति को धार दी जाएगी।
Opposition Strategy: बजट पर फोकस बनाएगा विपक्ष
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में केंद्रीय बजट 2026-27 से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होगी। विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की स्थिति, सामाजिक कल्याण योजनाओं और टैक्स से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाने की योजना बना सकता है। इसके अलावा, संसद में बार-बार कार्यवाही स्थगित होने से जुड़े सवालों पर भी रणनीतिक फैसला लिया जा सकता है।
Lok Sabha Today: आज का संसदीय एजेंडा
वहीं, आज लोकसभा में कार्यसूची के तहत सबसे पहले प्रश्नकाल आयोजित किया जाएगा। इसके बाद संस्कृति, वित्त, शिक्षा, पर्यावरण, श्रम समेत कई मंत्रालयों से जुड़े अहम दस्तावेज सदन में पेश किए जाएंगे। प्रश्नकाल और कागजात रखने के बाद सांसदों को नियम 377 के तहत अपने-अपने क्षेत्र और जनहित से जुड़े मुद्दे उठाने का मौका मिलेगा।
इसके बाद लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पर सामान्य चर्चा को फिर से आगे बढ़ाया जाएगा। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद बजट के विभिन्न पहलुओं पर अपनी राय रखेंगे।
सियासी गर्माहट के आसार
विपक्षी फ्लोर लीडर्स की यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब संसद का माहौल लगातार गर्म बना हुआ है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि क्या विपक्ष कोई साझा और आक्रामक रणनीति अपनाता है या फिर सरकार और विपक्ष के बीच सहमति से सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने की कोशिश होती है। आने वाले दिनों में संसद के भीतर राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत भी मिल रहे हैं।












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