'बदलना है तो हालात बदलो.....', कैसे मणिपुर के मुद्दे पर खड़गे ने पीएम मोदी पर किया डायरेक्ट अटैक?
संसद के विशेष सत्र के पहले दिन सोमवार को राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्रजुन खड़गे ने मणिपुर के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधा है। उन्होंने पीएम मोदी की इस बात को लेकर आलोचना की है कि वे विदेश दौरों पर तो जाते हैं, लेकिन मणिपुर नहीं जा रहे हैं।
खड़गे ने इस दौरान मोदी सरकार के खिलाफ एक कटाक्ष वाली कविता भी पढ़ी है और उससे कुर्सी छोड़ने तक की मांग कर दी है। कांग्रेस ने पार्टी अध्यक्ष के इस कविता को अपने X हैंडल (पहले ट्विटर) पर भी शेयर किया है।

मणिपुर के मुद्दे पर खड़गे के निशाने पर पीएम मोदी
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष मणिपुर के मसले पर बहस चाहता था, लेकिन उपसभापति ने इसके प्रति समर्थन जाहिर करते हुए हस्तक्षेप किया....फिर भी दावा किया गया कि विपक्ष ने ही बहस नहीं होने दी। गौरतलब है कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन में बहस का जवाब देना शुरू किया था तो मणिपुर के मसले पर उनके पहुंचने से पहले ही विपक्ष पीएम मोदी के जवाब का बायकॉट कर चुका था।
संसद से बाहर पीएम मोदी के भाषण पर भी खड़गे ने जताई आपत्ति
मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी की इस बात को लेकर भी आलोचना की है कि वे कई मुद्दों पर संसद से बाहर भाषण देते हैं। उन्होंने कहा कि नियम 267 के तहत सात बार बहस हो चुकी है।
कविता के माध्यम से मोदी सरकार पर कांग्रेस का निशाना
इस दौरान खड़गे ने राज्यसभा में जिस कविता के सहारे मोदी सरकार को सीधे निशाने पर लिया है, वह इस तरह से है-
बदलना है तो अब हालात बदलो,
ऐसे नाम बदलने से क्या होता है......
देना है तो युवाओं को रोजगार दो,
सबको बेरोजगार करके क्या होता है....
दिल को थोड़ा बड़ा करके देखो,
लोगों को मारने से क्या होता है....
कुछ कर नहीं सकते तो कुर्सी छोड़ दो,
बात-बात पर डराने से क्या होता है....
अपनी हुक्मरानी पर तुम्हें गुरूर है,
लोगों को डराने-धमकाने से क्या होता है?
हालांकि अपने भाषण के दौरान खड़गे ने कई मुद्दों को उठाया, जिसपर सभापति जगदीप धनकड़ ने उन्हें टोका भी। उन्होंने कहा कि वे मुद्दे से भटक रहे हैं। हालांकि, इसपर कांग्रेस की ओर से जयराम रमेश ने अनुरोध किया कि उन्हें बोलने दिया जाए। उपसभापति ने इस दौरान सदन में कई बार विपक्ष की ओर से हो चुकी बाधाओं का भी जिक्र किया और कहा कि किस तरह से आसन का निरादर किया गया है।
नई संसद में शिफ्ट करने से कुछ भी नया नहीं होगा-खड़गे
अपने भाषण के दौरान खड़गे ने बीजेपी को यह भी सलाह दी कि वह अपनी राजनीति का तरीका बदले। उन्होंने कहा है कि ' आप जो राजनीति करते हैं उसका रास्ता बदलिए, हमारे नई संसद में शिफ्ट करने से कुछ भी नया नहीं होगा। '
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में पुराने संसद भवन के 75 साल की ऐतिहासिक यात्रा का जिक्र करते हुए उसकी उपलब्धियां गिनाईं। साथ ही इन साढ़े सात दशकों के दौरान देश की संसदीय व्यवस्था की मर्यादा बढ़ाने वाले तमाम नेताओं और सांसदों के योगदानों का भी गौरव गान किया।












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