लोकसभा में संविधान पर आज होगी बहस, सरकार को घेरने के लिए विपक्ष ने कसी कमर, भारी हंगामे के आसार
देश के संविधान को अंगीकार करने के 75 वर्ष पूरे होने के मौके पर आज संसद में इसपर बहस होगी। ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोंकझोंक हो सकती है। विपक्ष शीतकालीन सत्र में लगातार हमलावर है। यहां तक कि इंडिया ब्लॉक ने उपसभापति जगदीप धनखड़ के निलंबन तक की मांग कर डाली है।
संविधान पर बहस 13 और 14 दिसंबर को लोकसभा में होगी जबकि राज्यसभा में संविधान पर बहस 16 व 17 दिसंबर को होगी। पिछले एक हफ्ते में कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने हैं, दोनों एक दूसरे पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं।

एक तरफ कांग्रेस जहां अडानी ग्रुप के मुद्दे को लेकर सरकार को घेर रही है तो दूसरी तरफ भाजपा अमेरिकी उद्योगपति जॉर्ज सोरोस के मुद्दे को लेकर कांग्रेस को घेर रही है। ऐसे में संविधान पर सत्ता और विपक्ष में तकरार और भी तेज हो सकती है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एनडीए के सबसे वरिष्ठ नेता हैं, वह आज लोकसभा में बहस की शुरुआत करेंगे। इसके बाद शनिार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में बहस के बाद इसका जवाब देंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में 16 दिसंबर को बहस की शुरुआत कर सकते हैं। कांग्रेस की ओर से सदन में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी मोर्चा संभाल सकती हैं।
कांग्रेस और भाजपा दोनों ने तीन लाइन का व्हिप लोकसभा सांसदों को जारी करके 13 और 14 दिसंबर को लोकसभा में उपस्थित रहने को कहा है। बहस की रणनीति तैयार करने के लिए कांग्रेस की ओर से गुरुवार की शाम को बैठक की गई।
हालांकि विवाद केवल दो मुख्य पार्टियों के बीच ही नहीं है। तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत अन्य राजनीतिक गुटों ने बहस का ध्यान बेरोजगारी, महंगाई और मणिपुर में संकट जैसे राष्ट्रीय मुद्दों की ओर मोड़ने की अपनी मंशा जाहिर की है। इन पार्टियों का उद्देश्य अडानी और सोरोस से जुड़े विवादों से ध्यान हटाकर देश के सामने मौजूद चुनौतियों पर व्यापक चर्चा की वकालत करना है।












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