पहलगाम में कैसे घुसे आतंकी, फरार होने में किसने की मदद? गौरव गोगोई ने रक्षा मंत्री से किए सवाल
Parliament monsoon session: संसद में मानसून सत्र का आज (28 जुलाई 2025) छठां दिन है। आज ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के लिए 16 घंटे का समय निर्धारित किया गया था लेकिन विपक्ष के हंगामे के चलते दोपहर दो बजे के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की और विपक्ष के सवालों का जवाब दिया। 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसरन में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने निर्णायक कार्रवाई पर बात करते हुए राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा,"धर्म की रक्षा के लिए सुदर्शन उठाना पड़ता है।"
विपक्ष की ओर से वक्ता के रूप में सबसे पहले कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर मोदी सरकार को घेरते हुए कई सवाल किए। सौरभ गोगोई ने कहा, "रक्षा मंत्री ने बहुत सारी बातें बताईं लेकिन ये नहीं बताया कि पहलगाम में आतंकी कहा से आए? पहलगाम के जिस बैसरन घाटी में पर्यटक छुट्टियां मनाने गए थे, वहां पर आतंकि कैसे पहुंचे, जिन्होंने 26 बेगुनाहों को गोलियों से छलनी कर दिया।"

पहलगाम में पांच दहशतगर्द कैसे घुसे?
गौरव गोगोई ने कहा कि "सदन में पहलगाम, ऑपरेशन सिंदूर और विदेश नीति की सच्चाई आनी चाहिए। गोगोई ने कहा कि भले रक्षा मंत्री जवाब ना दें लेकिन विपक्ष का कर्तव्य है कि वह देशहित में सवाल पूछे। देश जानना चाहता है कि पांच दहशतगर्द कैसे घुसे, उनका मकसद क्या था और सरकार सौ दिन बाद भी उन्हें पकड़ने में क्यों नाकाम रही।उन्हें भागने में किसने मदद की?
भारत क्यों रुका और किसके सामने सरेंडर किया?
गौरव गोगोई ने सवाल किया, "पहले 21 ठिकानें चुने गए थे, फिर उन्हें घटाकर नौ क्यों कर दिया गया? उन्होंने कहा कि हम सबने एकजुट होकर प्रधानमंत्री मोदी को पूरा समर्थन दिया था। गोगोई ने सवाल किया कि 10 मई को सूचना मिलने के बाद सीजफायर क्यों किया गया? यदि पाकिस्तान घुटने टेकने को तैयार था, तो भारत क्यों रुका और किसके सामने सरेंडर किया?"
POK अभी नहीं तो कब लिया जाएगा?
गौरव गोगोई ने रक्षा मंत्री से सवाल किया कि उन्होंने कहा कि हमारा मकसद युद्ध नहीं था, तो क्यों नहीं था? हमारा मकसद जमीन लेना नहीं था, तो क्यों नहीं था? उन्होंने पूछा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) कब लिया जाएगा, अगर आज नहीं तो कब?
सरकार LG के पीछे छिप नहीं सकती
गौरव गोगोई ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार उपराज्यपाल (एलजी) के पीछे नहीं छिप सकती, बल्कि उसे जिम्मेदारी लेनी होगी। उन्होंने कहा कि सरकार कहती है कि अनुच्छेद 19 खत्म करने के बाद जम्मू कश्मीर सुरक्षित है, लेकिन लोग बैसरन में डर के साये में जी रहे हैं।
गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे कहते हैं कि उन्होंने आतंकियों की कमर तोड़ दी है, फिर भी पुलवामा जैसी घटनाएं होती हैं और जिम्मेदारी एलजी पर डाल दी जाती है। गोगोई ने प्रधानमंत्री मोदी पर भी निशाना साधा कि वे पहलगाम में शहादत पाने वाले लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करने की बजाय बिहार में चुनावी भाषण दे रहे थे।
ट्रंप के सीजफायर वाले दावे पर उठाया सवाल
गौरव गोगोई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे पर भी सवाल उठाया जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका ने जंग रुकवाई थी और पांच-छह जेट गिराए गए थे। गोगोई ने सरकार से इस बारे में सच्चाई बताने की मांग की।
"हमारे कितने लड़ाकू विमान गिराए गए"?
गौरव गोगोई ने कहा, "हम आज राजनाथ सिंह जी से जानना चाहते हैं कि हमारे कितने लड़ाकू विमान गिराए गए। हमें यह बात न केवल जनता को, बल्कि अपने जवानों को भी बतानी होगी, क्योंकि उनसे भी झूठ बोला जा रहा है।"












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