संसद में घमासान की संभावना! वक्फ बिल पर आज पेश होगी JPC की रिपोर्ट, नया टैक्स बिल भी किया जाएगा प्रजेंट
Parliament Budget Session: संसद में आज भी गरमागरम बहस और हंगामे की संभावना है। इसकी वजह वक्फ से जुड़ी संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की रिपोर्ट और नया आयकर विधेयक 2025 का पेश किया जाना है।
वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर विपक्ष पहले से ही विरोध जता रहा है और इसे असंवैधानिक करार दे रहा है। वहीं, नया आयकर विधेयक कर प्रणाली को सरल बनाने के लिए लाया जा रहा है।

वक्फ संशोधन विधेयक पर जेपीसी रिपोर्ट
जेपीसी के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने 30 जनवरी को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को रिपोर्ट सौंपी थी। इससे पहले, 29 जनवरी को जेपीसी पैनल ने बहुमत के आधार पर रिपोर्ट को मंजूरी दे दी थी, जिसमें बीजेपी के सुझाए गए बदलाव शामिल किए गए थे।
इस रिपोर्ट को लेकर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया था। समिति की बैठक में हुए मतदान में बीजेपी के 16 सांसदों ने रिपोर्ट के पक्ष में वोट डाला, जबकि विपक्ष के 10 सांसदों ने इसका विरोध किया। विपक्ष की आपत्तियों में बिल के 44 क्लॉजों (धाराओं) को लेकर असहमति जताई गई थी, लेकिन समिति ने विपक्ष के सभी संशोधनों को खारिज कर दिया।
बीजेपी का कहना है कि विधेयक में किए गए बदलाव जरूरी हैं, जबकि विपक्ष इसे धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप बता रहा है। ऐसे में आज संसद में इस मुद्दे पर गरमागरम बहस होने की पूरी संभावना है।
आज संसद में पेश होगा नया आयकर विधेयक 2025
इसके अलावा, सरकार आज नया आयकर विधेयक 2025 भी संसद में पेश करने जा रही है। इस विधेयक का मकसद आयकर कानूनों को आसान और पारदर्शी बनाना है ताकि आम करदाताओं को कर संबंधी नियमों को समझने में कोई कठिनाई न हो।
नए विधेयक में कुछ प्रमुख बदलाव:
- 'आकलन वर्ष' (Assessment Year) की जगह 'कर वर्ष' (Tax Year) शब्द का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे करदाता आसानी से समझ सकें कि वे किस अवधि के लिए कर भर रहे हैं।
- इसमें 536 धाराएं, 23 अध्याय और 16 अनुसूचियां शामिल की गई हैं।
- यह नया कानून मौजूदा आयकर अधिनियम, 1961 को पूरी तरह से सरल और स्पष्ट बनाएगा।
- नए विधेयक में किसी नए कर का प्रावधान नहीं जोड़ा गया है, बल्कि पुराने जटिल नियमों को आसान भाषा में प्रस्तुत किया गया है।
पुराने आयकर कानून की जटिलताएं, नया कानून क्यों जरूरी?
मौजूदा आयकर अधिनियम, 1961 लगभग 60 साल पुराना है और इसमें वर्षों से कई संशोधन किए जा चुके हैं, जिससे यह काफी जटिल हो गया है। पुराने कानून में 298 धाराएं और 14 अनुसूचियां थीं, और जब यह पहली बार लागू हुआ था, तब इसमें 880 पृष्ठ थे। कई संशोधनों के कारण करदाता और पेशेवरों के लिए इसे समझना कठिन हो गया था।
नया आयकर विधेयक 2025 इस पुरानी जटिलता को दूर करेगा और 1 अप्रैल 2026 से लागू होने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि इस नए कानून से कर प्रक्रिया आसान होगी और करदाताओं को राहत मिलेगी।
संसद में हंगामे की आशंका
आज संसद में इन दोनों विधेयकों को लेकर जोरदार बहस होने की संभावना है। विपक्ष वक्फ विधेयक के खिलाफ विरोध जारी रख सकता है, जबकि सरकार नए आयकर कानून को पारदर्शी और सरल बताकर इसे पास कराने की कोशिश करेगी। ऐसे में आज का दिन संसद के लिए काफी अहम रहने वाला है।
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