क्या गर्भवती महिलाओं के लिए सच में खतरनाक है Paracetamol? EX WHO चीफ साइंटिस्ट ने ट्रंप के दावों का दिया जवाब
Paracetamol safe or not: पैरासिटामॉल को लेकर उठ रही आशंकाओं के बीच भारतीय मूल की प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की पूर्व चीफ वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन (Soumya Swaminathan) ने स्पष्ट किया है कि यह दवा सुरक्षित है और इसके इस्तेमाल से घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
डॉ. स्वामीनाथन की यह प्रतिक्रिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने दर्द निवारक दवा टायलेनॉल (Tylenol) को ऑटिज़्म से जोड़ा था। टायलेनॉल का मुख्य घटक पैरासिटामॉल (एसीटामिनोफेन) है।

NDTV को दिए इंटरव्यू में डॉ. स्वामीनाथन ने कहा, "मैंने अब तक ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं देखा है, जो पैरासिटामॉल को ऑटिज़्म से जोड़ता हो।
"पैरासिटामॉल सबसे सुरक्षित दवाओं में से एक" : WHO scientist on Paracetamol
डॉ. स्वामीनाथन ने कहा कि कई शोधों में पैरासिटामॉल की प्रभावशीलता सिद्ध हुई है और इसे चिकित्सक की देखरेख में लेना पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने यह भी सलाह दी कि आम लोग गूगल या इंटरनेट पर मिली अधूरी जानकारी पर भरोसा न करें। डॉ. स्वामिनाथन ने अपने दावे में कहा कि लंबे समय तक किसी भी दवा का लगातार सेवन शरीर को नुकसान पहुँचा सकता है।
पैरासिटामॉल का ज़्यादा इस्तेमाल किडनी पर असर डाल सकता है, लेकिन चिकित्सकीय परामर्श (Medical Consultation) के साथ इसका सेवन पूरी तरह सुरक्षित है। इसके लाभ इसके जोखिम से कहीं अधिक हैं। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय संगठन इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ गायनेकोलॉजी एंड ऑब्स्टेट्रिक्स (FIGO) भी इसके प्रयोग की अनुशंसा करता है।
Trump ने पैरासिटामॉल को लेकर क्या कहा था?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में गर्भवती महिलाओं से अपील की थी कि वे टायलेनॉल का सेवन न करें। उन्होंने बिना किसी वैज्ञानिक आधार के दावा किया कि यह दवा गर्भस्थ शिशुओं में ऑटिज़्म का ख़तरा बढ़ा सकती है। ट्रम्प ने यहां तक कह दिया कि अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) डॉक्टरों को नोटिस जारी करेगा और गर्भवती महिलाओं को टायलेनॉल लेने से मना करेगा, जब तक कि वह "चिकित्सकीय रूप से जरूरी" न हो।
ट्रंप के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. स्वामीनाथन ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प अक्सर इस तरह के बेतुके दावे करते रहते हैं, जिनका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं होता। जनता को डरने की ज़रूरत नहीं है। इस तरह की दहशत फैलाना जनता के लिए बिल्कुल भी सही नहीं है।
टायलेनॉल कंपनी ने भी खारिज किया दावा
टायलेनॉल बनाने वाली कंपनी ने भी राष्ट्रपति ट्रम्प के बयान को सिरे से खारिज कर दिया है। कंपनी की वेबसाइट पर जारी संदेश में कहा गया है, "विश्वसनीय और स्वतंत्र वैज्ञानिक डेटा से यह साबित होता है कि पैरासिटामॉल और ऑटिज़्म के बीच कोई संबंध नहीं है। चिकित्सा और जनस्वास्थ्य संगठन भी यही मानते हैं।"
कंपनी ने गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को सलाह दी है कि वे दवा लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श करें। साथ ही उन्होंने माता-पिता को आश्वस्त करते हुए कहा अगर आप अपने बच्चे को पैरासिटामॉल दे रहे हैं, तो निश्चिंत रहें। ऐसा कोई विश्वसनीय वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है जो इसे ऑटिज़्म का कारण बताता हो।
टायलेनॉल क्या है?
टायलेनॉल एक ब्रांड नाम है, जिसका मुख्य घटक एसीटामिनोफेन (पैरासिटामॉल) है। यह दवा दर्द निवारक और बुखार कम करने के लिए व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाती है। आमतौर पर इसे सिरदर्द, पीठ दर्द, गठिया के हल्के दर्द, दाँत दर्द, मांसपेशियों के दर्द, माहवारी से जुड़ी ऐंठन और बुखार को कम करने के लिए लिया जाता है।
राष्ट्रपति ट्रम्प के बयानों ने भले ही पैरासिटामॉल को लेकर अनावश्यक डर का माहौल बनाया हो, लेकिन विशेषज्ञों और विश्वसनीय चिकित्सा संस्थानों का कहना है कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है, बशर्ते इसे डॉक्टर की देखरेख में लिया जाए। डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने साफ कि पब्लिक को घबराने की ज़रूरत नहीं है। पैरासिटामॉल सुरक्षित है और सबसे भरोसेमंद दवाओं में से एक है।"












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