MP News: भोपाल में राष्ट्रीय दिव्यांगजन क्रिकेट खेल महोत्सव-2026 “नॉट आउट @ 100” का शुभारंभ
नेशनल पैरा क्रिकेट फेस्टिवल 2026, नॉट आउट @ 100, भोपाल में एक विस्तृत 100 घंटे के आयोजन के हिस्से के रूप में शुरू हुआ। 25 से अधिक राज्यों की टीमें प्रतिस्पर्धा करती हैं, जिसका नेतृत्व मध्य प्रदेश करता है, जो समावेशिता, सशक्तिकरण और क्षेत्रीय खेल उत्कृष्टता पर प्रकाश डालता है।
Mohan Yadav ने रविवार को पुलिस लाइन स्टेडियम, भोपाल में राष्ट्रीय दिव्यांगजन क्रिकेट खेल महोत्सव-2026 "नॉट आउट @ 100" का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर एक गेंद खेलकर प्रतियोगिता की औपचारिक शुरुआत की।

यह अनूठा महोत्सव लगातार 100 घंटे तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 25 से अधिक राज्यों की टीमें भाग ले रही हैं। पहला मुकाबला मध्यप्रदेश और राजस्थान की ऑर्थो कैटेगरी टीमों के बीच खेला गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश दिव्यांगजन के खेलों के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। प्रदेश के कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य को गौरवान्वित किया है।
उन्होंने कहा कि समाज सुधारक कुशाभाऊ ठाकरे की जन्म शताब्दी वर्ष पर 100 घंटे लगातार क्रिकेट खेलने का यह प्रयास केवल रिकॉर्ड बनाने के लिए नहीं, बल्कि समाज को प्रेरित करने के उद्देश्य से है। जब संकल्प समाज के उत्थान के लिए होता है, तो सीमाएं स्वतः समाप्त हो जाती हैं।
‘दिव्यांग’ शब्द से बढ़ा आत्मविश्वास
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा ‘विकलांग’ शब्द के स्थान पर ‘दिव्यांग’ शब्द को स्थापित करना भारतीय संस्कृति के अनुरूप एक सकारात्मक पहल है। इससे हीन भावना समाप्त हुई है और चुनौतिपूर्ण परिस्थितियों में संघर्ष कर रहे खिलाड़ियों की इच्छाशक्ति को नया बल मिला है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय दिव्यांगजन क्रिकेट खेल महोत्सव 2026 का आयोजन प्रधानमंत्री की सकारात्मक सोच और सभी क्षेत्रों में समान अवसर उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को साकार करता है।
खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ियों का 100 घंटे तक लगातार क्रिकेट खेलना अद्भुत, प्रेरणादायक और गर्व का विषय है। उन्होंने आयोजन के लिए कुशाभाऊ ठाकरे न्यास और इंटरनेशनल पब्लिक पॉलिसी रिसर्च सेंटर को बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने दिव्यांग खिलाड़ी संगीता विश्नोई की सराहना करते हुए कहा कि बेटियां केवल खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और साहस की जीवंत मिसाल हैं। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव खेल भावना, संकल्प शक्ति और सामाजिक समावेशन का प्रतीक है, जो समाज को सकारात्मक संदेश देता है।












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