चुनावों के बाद पाक ने बदला पैंतरा, कहा बेहतर रिश्ते नरेंद्र मोदी की जिम्मेदारी

मोदी के रुख पर निर्भर सबकुछ
भारत के भावी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ताजपोशी से पहले पाकिस्तान ने भारत की नई सरकार से रिश्ते सुधारने की कवायद शुरू कर दी है। भारत में पाकिस्तान के राजदूत अब्दुल बासित ने बयान जारी कर कहा है कि नरेंद्र मोदी के रूख पर ही भारत और पाकिस्तान का संबंध निर्भर करता है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत की नई सरकार से संबंध सुधारने को लेकर इच्छुक हैं और उससे सार्थक बातचीत करना चाहता है। बासित ने कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ संबंधों को लेकर साकारात्मक रुख अपनाएगा लेकिन दोनों देशों के बीच संबंध मोदी के रूख पर तय होगा।
सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी विदेश कार्यालय बीजेपी से शुरुआती संपर्क के बाद आशान्वित है। इसका कारण यह है कि जिस तरह से पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने मोदी की जीत के बाद उन्हें फोन किया और बधाई दी उससे उम्मीदें बंध गई हैं।
मोदी के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार आने के बाद माना जा रहा था कि भारत की नई सरकार पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करेगी।
गौर हो कि बीजेपी को लोकसभा चुनावों में बहुमत आने के बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने नरेंद्र मोदी को फोन किया था। साथ ही चुनाव में शानदार जीत पर उन्हें बधाई दी थी और उन्हें पाकिस्तान आने का न्यौता दिया था।
नवाज शरीफ को याद आया वाजपेई का दौर
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भी नरेंद्र मोदी की विशाल जीत का अभिनंदन किया है। गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी के साथ ही बीजेपी देश की पहली ऐसी पार्टी बनी है जिसे वर्ष 1984 के बाद स्पष्ट जनादेश हासिल हो
सका है। नवाज शरीफ ने अटल बिहारी वाजपेई का उदाहरण दिया है कि कैसे जब वह प्रधानमंत्री थे तो दोनों देशों के बीच संबंधों को एक अलग आयाम हासिल हुआ था। सूत्रों के मुताबिक इसी वजह से नरेंद्र मोदी को लेकर भी नवाज शरीफ काफी आशावान हैं।
नवाज शरीफ और नरेंद्र मोदी दोनों ही नेता मजबूत और स्पष्ट जनादेश के बाद चुनकर आए हैं। जहां पाकिस्तान की मुस्लिम लीग नवाज (एन) को पिछले वर्ष चुनावों में स्पष्ट बहुमत हासिल हुआ था तो वहीं बीजेपी को इन चुनावों में स्पष्ट बहुमत हासिल हुआ है।
पाकिस्तान में दोनों देशों के रिश्तों को करीब से देखने वाले विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत की जिस प्रक्रिया पर विराम लग गया है, वह शायद मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद आगे बढ़ सकेगी।
वहीं पाक में विपक्ष की नेता शेरी रहमान का कहना है कि मोदी को जो बहुमत मिला है उसकी वजह से वह पाक के साथ इस क्षेत्र में स्थायित्व लाने के लिए कार्य करेंगे।
साथ ही रहमान ने यह कहकर कि पाक चाहता है कि भारत के साथ व्यावसायिक रिश्ते बेहतर हों लेकिन गेंद भारत के पाले में, अमन और शांति की जिम्मेदारी सिर्फ भारत पर डाल दी है।












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