पिछले साल पाकिस्तान ने 5133 बार किया संघर्षविराम का उल्लंघन, हुए 244 आतंकी हमले: रिपोर्ट
गृह मंत्रालय की ओर से पिछले 3 सालों में जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान की ओर से सीजफायर उल्लंघन और आतंकी हमलों के आंकड़ों को पेश किया गया है। पाकिस्तान ने पिथले साल 5133 बार सीजफायर का उल्लंघन किया है।
Ministry of Home Affairs Ceafire On Border: भारत का पड़ोसी देश अपनी हरकतों से बाज आने का नाम नहीं ले रहा है। गृह मंत्रालय की ओर से पिछले 3 सालों में जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान की ओर से सीजफायर उल्लंघन और आतंकी हमलों के आंकड़ों को पेश किया है। साल 2018 से लेकर साल 2020 तक इन तीन वर्षों में पिछले साल सबसे ज्यादा संघर्षविराम का उल्लंघन किया गया। अगर आंकड़ों की बात करें तो पाकिस्तान ने 5133 बार अपनी नापाक हरकत को अंजाम दिया।

गृह मंत्रालय के आंकड़ों पर गौर करें तो साल 2018 में पाकिस्तान ने 2140 बार युद्धविराम का उल्लंघन किया। जो 2019 में बढ़कर 3479 हो गया। वहीं पिछले साल 2020 में ये आंकड़ा 5133 पर पहुंच गया। ऐसे ही अगर 2018 में आम नागरिकों की हत्या की बात करें तो पाकिस्तान की ओर से 30 लोगों को अपना निशाना बनाया। वहीं साल 2019 में 18 लोगों की जान गई। वहीं बीते साल 2020 में 22 लोगों की मौत हुई।
साल 2020 में 24 जवान शहीद
इन 3 सालों में सीजफायर उल्लंघन के दौरान सुरक्षा बलों के शहीद और घायल होने के आंकड़ों पर गौर करें तो 2018 में 29 जवान शहीद हुए थे, जबकि 116 घायल हुए। साल 2019 में 19 जवानों ने देश की रक्षा करते हुए प्राण न्योछावर किए, जबकि 122 जख्मी हुए। वहीं बीते साल 2020 में 24 जवानों ने मातृ भूमि के लिए अपनी जिंदगी कुर्बान कर दी और 126 घायल हुए हैं।
गृह मंत्रालय ने आतंकी हमलों के भी आंकड़े बताए
वहीं अगर देश में आतंकी हमलों की बात करें तो साल 2018 में सबसे ज्यादा 614 घटनाएं सामने आई जो साल 2019 में 594 थी। वहीं बीते साल 244 आतंकी हमले हुए। इन हमलों में साल 2018 में 91, साल 2019 में 80 और 2020 में 62 जवान शहीद हुए हैं। वहीं अगर घायल जवानों की बात करें तो साल 2018 में 238, साल 2019 में 140 और 2020 में 106 जवान घायल हुए।
221 आतंकियों को किया ढेर
आतंकी हमलों का मुंहतोड़ जवाब देते हुए हमारे देश के जांबाजों ने साल 2018 में 257 दहशतगर्दों को मौत के मुंह में भेजा। 2019 में 157 आतंकियों को मौत की नींद सुलाई। वहीं साल 2020 यानी बीते साल 221 टेररिस्टों को हमारे देश के वीर जवानों ने गोलियों ने भून डाला। आपको बता दें कि गृह मंत्रालय की ओर से संसद में जम्मू-कश्मीर में पिछले 3 वर्षों में संघर्ष विराम उल्लंघन और आतंकवादी हमलों में शहीद जवानों की जानकारी दी गई है।












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