पाकिस्तान में आतंकी कैंपों पर IAF की एयर स्ट्राइक पर जानिए कुल कितना हुआ खर्च
नई दिल्ली। एलओसी पार जिस तरह से भारतीय वायुसेना ने एयर स्ट्राइक की है उसके बाद लगातार वायुसेना के पराक्रम की चर्चा हो रही है। भारतीय वायुसेना ने लेसर गाइडेड बम के जरिए इस सफल अभियान को अंजाम दिया। पाकिस्तान के बालाकोट स्थित जैश ए मोहम्मद के ठिकाने पर भारतीय वायुसेना ने 1.7 करोड़ रुपए की कीमत के बम से धमाका किया था। जानकारी के अनुसार जैश के ठिकाने पर वायुसेना ने जो बम गिराए हैं उसकी कीमत 1.7 करोड़ रुपए हैं। लेकिन जिस तरह से वायुसेना के पायलट्स ने अपने शौर्य और अदम्य कुशलता का परिचय दिया है उसके सामने बमों की कीमत बेहद कम मालूम पड़ती है।

1000 किलोग्राम बम वर्षा की गई
जैसे ही पाकिस्तान के भीतर वायुसेना की कार्रवाई सामने आई उसके बाद यह जानकारी सामने आई कि वायुसेना के एयरक्राफ्ट 2568 करोड़ रुपए की कीमत के विस्फोटक लेकर बालाकोट गए थे। इन तमाम बमों का कुल वजन 1000 किलोग्राम था, जिसमें से हर एक बम की कीमत 56 लाख रुप थे। वायुसेना ने जैश के ठिकाने पर जो विस्फोटक गिराए थे उसमे तमाम आतंकी ढेर हो गए थे। जैश के ये कैंप बालाकोट मुजफ्फराबाद और चकोटी में स्थित थे, जिन्हें ढेर कर दिया गया।

आधुनिक सर्विलांस का इस्तेमाल
जानकारी के अनुसार वायुसेना ने कुल 200-300 आतंकियों को ढेर कर दिया था, जिसमे जैश का कमांडर भी शामिल है। वायुसेना ने इस ऑपरेशन में कुल 6300 करोड़ रुपए की कीमत के साजो-सामान का इस्तेमाल किया, जिसमे से 3686 करोड़ रुपए के बम और लड़ाकू विमानों को स्टैंडबाय पर रखा गया था। इस ऑपरेशन में एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम का सर्विलांस भी तैनात था, जिसका जिसकी कुल कीमत 1750 करोड़ रुपए था। यह सिस्टम लगातार पाकिस्तान के एयरस्पेस पर नजर बनाए हुआ था, जिससे कि अगर पाकिस्तान के लड़ाकू विमान किसी भी तरह की हरकत करें तो इसकी सटीक जानकारी मिल सके।

तमाम आधुनिक साजो सामान से लैस
इस मिशन में मिड एयर रीफिलिंग टैंकर का भी इस्तेमाल किया गया, जिसकी कीमत 22 करोड़ रुपए है। साथ ही वायुसेना का हेरोन सर्विलांस ड्रोन भी इसमे शामिल था, जिसकी कीमत 80 करोड़ रुपए है। भारतीय वायुसेना ने तमाम आधुनिक साजो सामान का इस्तेमाल इस ऑपरेशन में किया जिससे कि पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर बेहद सटीक हमला किया जा सके और किसी भी जवान को कोई नुकसान नहीं पहुंचे। ऑपरेशन में 3 रूस के सुखोई एसयू-30 एमकेआई को भी स्टैंडबाय पर रखा गया था, जिसकी कीमत 358 करोड़ रुपए है। इसके साथ ही 5 मिग 29 विमान भी अलर्ट पर थे, हर एक मिग की कीमत 154 करोड़ रुपए है।

12 मिराज 2000 में मिशन को दिया अंजाम
पाकिस्तान के बालाकोट स्थित बालाकोट में जैश के आतंकी ठिकानों को खत्म करने के लिए 12 मिराज 2000 लड़ाकू विमान एलओसी पार करके गए थे। हर एक मिराज 2000 की कीमत 214 करोड़ रुपए है। इन सभी मिराज एयरक्राफ्ट ने ग्वालियर एयरबेस से उड़ान भरी थी। जिसमे लेजर गाइडेड बम जीबीयू-12 लगाए गए थे, जिसका वजन 225 किलोग्राम था। हर एयर क्राफ्ट में जो जीबीयू 12 लेजर गाइडेड बम लगाए गए थे उसे सबसे पहले अमेरिका ने 1976 में तैयार किया था। जिसकी कीमत 12-12.17 लाख रुपए है। वायुसेना ने जैश के ठिकानों पर 4-5 बम गिराए थे, जिसकी कुल कीमत 56-73.5 लाख रुपए है।
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