आम भारतीय का दर्द- जेब में पैसा नहीं तो सुनाई देती मौत की आहट
बेंगलुरु। दिल्ली में डेंगू फैला तो हड़कंप मच गया। हड़कंप इसलिये नहीं कि मच्छर काट लेगा तो बीमार पड़ जायेंगे, हड़कंप इस बात के लिये कि अगर डेंगू हुआ तो इलाज कहां करवायेंगे? बड़ी बीमारियों का इलाज कराने के लिये प्राइवेट अस्पताल को देने के लिये पैसा चाहिये। सरकारी अस्पताल जाते हैं, तो वहां विशेषज्ञ नहीं मिलेंगे, यानि एक आम भारतीय की जेब में अगर पैसा नहीं है और घर में किसी को बड़ी बीमारी हो गई, तो मौत की आहट हर पल सुनाई देने लगती है।
शुरुआत डेंगू से की, लेकिन अगर बीमारियों की चरम सीमा पर जायें, तो कैंसर जैसी बीमारियां मुंह खोल कर खड़ी दिखाई देंगी। और अगर आपके पास पैसा नहीं है, तो आप इन बीमारियों से कतई नहीं लड़ सकते!
आपकी जेब और अस्पतालों में होने वाला खर्च
- हर सरकारी अस्पताल में डेंगू के उपचार की सभी सुविधाएं नहीं हैं, वहीं प्राइवेट अस्पतालों में खर्च 25 से 50 हजार रुपए तक आता है।
- यूनीसेफ के अनुसार बच्चे की डिलीवरी पर खर्च 1 से 3 हजार रुपए तक आता है, जबकि प्राइवेट अस्पतालों में 40 हजार से 1 लाख रुपए तक लगते हैं।
- कैंसर अगर थर्ड स्टेज से ऊपर है तो अपोलो, फोर्टिस जैसे अस्पतालों में पहली कीमोथैरेपी का खर्च डेढ़ लाख रुपए आता है।
- अगर कीमोथैरेपी को आगे जारी रखा, तो हर बार 80 हजार से 1 लाख रुपए तक आपकी जेब में होने चाहिये।
- कीमोथैरेपी का मतलब कैंसर का उपचार नहीं, बल्कि मौत को टालना होता है, क्योंकि पूरी तरह ठीक होने की गारंटी यहां नहीं मिलती।
अब बात विशेषज्ञों की
2014 के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार भारत में 18 लाख कैंसर के मरीज हैं। 2000 कैंसर मरीजों के लिये एक कैंसर स्पेशियलिस्ट।
अन्य विशषज्ञ डॉक्टरों की बात करें तो स्त्री रोग विशेषज्ञ, दिमाग के डॉक्टर, बच्चों के डॉक्टर, किडनी स्पेशियलिस्ट, पेट के विशेषज्ञ, आदि बहुत सारी विधाएं हैं, लेकिन अगर सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की बात करें तो वहां स्पेशियलिस्ट डॉक्टरों की 83 प्रतिशत की कमी है।
स्वस्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार आदिवासी क्षेत्रों, पहाड़ी और रेगिस्तानी इलाकों के प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों में 80 हजार लोगों पर सिर्फ चार स्पेशियलिस्ट डॉक्टर हैं। वहीं सामान्य इलाकों में 1 लाख 20 हजार लोगों पर चार विशेषज्ञ मिलेंगे। 2015 में स्वास्थ्य सेवाओं के बजट में 15 प्रतिशत की वृद्धि की गई, लेकिन उसका असर देखने को नहीं मिल रहा है। [जानिए डेंगू कब हो जाता है जानलेवा?]
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का हाल
- देश के 83 प्रतिशत स्वास्थ्य केंद्रों पर सर्जन उपलब्ध ही नहीं हैं।
- अरुणाचल प्रदेश, केरल, मणिपुर, मेघाल और तमिलनाडु के स्वास्थ्य केंद्रों में एक भी सर्जन नहीं है।
- देश के स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसूती एवं महिला रोग विशेषज्ञों की 76% कमी है।
- ग्रामीण भारत में 58% चिकित्सीय उपचार प्राइवेट अस्पतालों में होता है।
- शहरी भारत में 68% चिकित्सीय उपचार प्राइवेट अस्पतालों में होता है।
सबसे बड़ा कारण एमबीबीएस की फीस
आपको यह जानकर हैरानी होगी कि तमिलनाडु में 2015 में एमबीबीएस में हुए दाखिलों की फीस 1 करोड़ तक पहुंच गई। जिसमें 35 लाख से 55 लाख रुपए तक की ट्यूशन फीस और करीब 50 लाख रुपए डोनेशन। जरा सोचिये जो व्यक्ति 1 करोड़ रुपए फीस भरेगा वह नौकरी करने के लिये प्राथमिक चिकित्सा केंद्र क्यों जायेगा। उसका पहला मकसद होगा पढ़ाई पर खर्च किये गये 1 करोड़ रुपए को वसूलना और वह वो प्राइवेट अस्पतालों में नौकरी करके ही वसूल सकता है।
यही कारण है कि निजी अस्पताल पहले मरीज की जेब देखता है, फिर उसके हेल्थ इंश्योरेंस की लिमट पूछता है और फिर इजाज शुरू करता है। हेल्थ इंश्योरेंस जितना बड़ा होगा, बिल भी उतना बड़ा बनेगा।
वनइंडिया की अपील- प्रधानमंत्री जी निजी अस्पतालों की लूट खसोट पर लगाम कसना और सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करना इस वक्त की सबसे बड़ी मांग है।
अगर आप इस अपील को केंद्र सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं तो @pmoindia को टैग करके खबर को ट्वीट करें या फेसबुक पर पोस्ट करें। हो सकता है प्रधानमंत्री आपके मन की बात सुन लें।
-
'मैं गृहस्थ नहीं हूं, लेकिन सब जानता हूं', महिला आरक्षण पर PM मोदी की 10 बड़ी बातें, बदल जाएगी संसद की सूरत! -
Nari Shakti Vandan: सरकार का 'मास्टरस्ट्रोक' है महिला आरक्षण? खड़गे का मोदी को पत्र, नारी शक्ति वंदन क्या है? -
PM Modi ने किया देश के सबसे आधुनिक कॉरिडोर का उद्घाटन, UCC पर भी भरी हुंकार, संबोधन की खास बातें -
PM Modi ने दी 12,000 करोड़ की सौगात, अब 2.5 घंटे में पहुंचेंगे देहरादून! दिल्ली-देहरादून हाईवे का लोकार्पण -
Hungary Election 2026: 16 साल के ओर्बन साम्राज्य का अंत, पीटर मग्यार की तिस्जा पार्टी ने कैसे पलटा गेम? -
आशा ताई के सामने फफक पड़े मोहम्मद सिराज, जनाई भोसले को गले लगा खूब रोए, देश को रुला गया वीडियो -
Bihar New CM: सम्राट चौधरी के घर पहुंचे राज्यपाल के सचिव, 'कागज' लेकर राजभवन लौटे, तय हो गया नए CM का नाम? -
Gold Rate Today: सोना खरीदारों की मौज! हफ्ते के पहले ही दिन धड़ाम से गिरे दाम, चेक करें अपने शहर का नया रेट -
Tamil Nadu: धमकी से मुस्लिम महिला की सुरक्षा तक—हजीना सैयद के आरोपों से हिली कांग्रेस, चुनाव से पहले फोड़ा बम -
फोन इस्तेमाल करने पर राजस्थान रॉयल्स का अजीब जवाब, BCCI के नोटिस के बाद कहा- मैनेजर के फेफड़े खराब -
कौन हैं 24 साल के प्रफुल हिंगे? IPL डेब्यू मैच के पहले ओवर में झटके 3 विकेट, तोड़ दी राजस्थान रॉयल्स की कमर -
युवराज सिंह के शिष्य की दुखद मौत, 3 दिन के बाद मिली लाश, IPL में आने से पहले ही चली गई जान














Click it and Unblock the Notifications